

तेहरान: अमेरिका और ईरान की तनातनी कभी भी बड़े युद्ध में बदल सकती है। अमेरिका की हमले की धमकी के बावजूद शिया मुल्क झुकने को तैयार नहीं है। इस बीच ईरान की सेना ने किसी भी अमेरिकी हमले का जवाब देने के लिए अपनी मिसाइलों को तैनात कर दिया है। तेहरान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की मिसाइलें सभी अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी में लॉन्चरों पर लोड कर दी गई हैं और लॉन्च के लिए तैयार हैं। तेहरान टाइम्स ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘पैंडोरा बॉक्स खोलने से अमेरिकी सरकार और उसके सहयोगियों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।’
ट्रंप की धमकी के जवाब में मिसाइल तैनाती
ईरान की मिसाइल तैनाती डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के कुछ घंटों बाद हुई है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने तेहरान को परमाणु डील न करने पर बमबारी की धमकी दी थी। ईरान ने पिछले सप्ताह वॉशिंगटन के साथ सीधी बातचीत के ट्रंप के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसके बाद एनबीसी न्यूज को टेलीफोन पर दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने बताया कि अमेरिका और ईरानी अधिकारी बातचीत कर रहे हैं, लेकिन इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी।
ट्रम्प ने एक टेलीफोन साक्षात्कार में कहा, ‘अगर वे कोई समझौता नहीं करते हैं, तो बमबारी होगी। यह ऐसी बमबारी होगी, जैसी उन्होंने पहले कभी नहीं देखी होगी।’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, ‘अगर वे कोई समझौता नहीं करते हैं, तो मैं उन पर द्वितीयक शुल्क लगाऊंगा, जैसा मैंने चार साल पहले लगाया था।’
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नजर
राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले कार्यकाल के दौरान ट्रंप ने ईरान के साथ परमाणु समझौते से अमेरिका को एकतरफा रूप से बाहर कर लिया था। इसके पहले ईरान के साथ पिछले समझौते में अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील के बदले में तेहरान की परमाणु गतिविधियों पर सख्त सीमाएं लगाई गई थीं। सौदा समाप्त होने के बाद ईरान ने अपने यूरेनियम संवर्धन को तेज कर दिया था। रिपोर्ट बताती हैं कि ईरान का यूरेनियम संवर्धन हथियार बनाने के स्तर के करीब है और वह कुछ सप्ताह में परमाणु हथियार बना सकता है।