लखनऊ। साल 2023 के फरवरी, मार्च और अप्रैल महीने में सिर्फ एक नाम उत्तर प्रदेश में छाया हुआ था। इस नाम के इर्द-गिर्द ही पूरे तीन महीने यूपी की सियासत घूमती रही। ये नाम है अतीक अहमद। माफिया डॉन अतीक अहमद, जो चार बार विधायक और एक बार सांसद रहा था उसने गुजरात की साबरमती जेल में बैठे-बैठे यूपी में तहलका मचा दिया था।
अतीक के आदेश पर उसके गुर्गों ने 24 फरवरी 2023 को बीजेपी नेता उमेश पाल की प्रयागराज में सरेआम गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड का सीसीटीवी वीडियो जिसने भी देखा, वो सहम उठा था। यूपी में विधानसभा का सत्र चल रहा था। विपक्ष ने इस मुद्दे को सदन में खूब जोर-शोर से उठाया, जिससे राज्य सरकार बैकफुट पर आ गई और फिर बाद में कई एनकाउंटर हुए।
इन एनकाउंटर्स में उमेश पाल हत्याकांड में शामिल कई लोग मारे गए। इसमें अतीक का बेटा असद भी शामिल है। बाद में 15 अप्रैल 2023 को मीडिया की भेष में आए दो लड़कों ने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की भी हत्या कर दी।
उमेश पाल हत्याकांड, असद के एनकाउंटर और अतीक-अशरफ की हत्या को अब दो साल बीतने को हैं। इस बीच वरिष्ठ पत्रकार मनोज राजन त्रिपाठी ने अतीक के काले साम्राज्य और उसके अंत पर कसारी-मसारी नाम से एक किताब लिखी है। इस किताब में मनोज त्रिपाठी ने बताया है कि जिस उमेश पाल हत्याकांड की वजह से अतीक के साम्राज्य का खात्मा हुआ, वो हत्याकांड क्यों हुआ था? ऐसी क्या मजबूरी थी कि अतीक को उमेश पाल की हत्या करवानी पड़ी? चलिए जानते हैं कि पत्रकार मनोज राजन त्रिपाठी ने अपनी किताब में इस सवाल का क्या जवाब दिया है…
उमेश पाल को अतीक अहमद ने क्यों मरवाया?
पत्रकार मनोज राजन त्रिपाठी अपनी किताब में बताते हैं कि उमेश पाल, अतीक अहमद के जमीनों की खरीद-फरोख्त का काम देखता था। इस बीच यूपी में सत्ता परिवर्तन के बाद यानी योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद उमेश ने अतीक के परिवार को कारोबार का पैसा देना बंद कर दिया। उमेश को लगने लगा कि अब अतीक का पहले जैसा दबदबा नहीं रहा और अब उसे अतीक गैंग से कोई खतरा नहीं है।
इस बीच एक दिन अतीक ने जेल से उमेश पाल को फोन किया और पैसे देने के लिए कहा। उमेश ने कहा कि वो जल्द ही अतीक की पत्नी शाइस्ता को पैसे देने के लिए जाएगा। इसके बाद एक शादी समारोह में उमेश पाल की शाइस्ता से मुलाकात होती है। इस बीच बातचीत में ही उमेश की शाइस्ता से कहासुनी हो जाती है। उमेश गुस्से में आकर शाइस्ता को काफी कुछ अनाप-शनाप बोल देता है।
फिर अतीक को जब ये बात पता चलती है तो वो आग-बबूला हो जाता है। गुजरात की साबरमती जेल में बंद अतीक ने तय किया कि अब उमेश पाल को रास्ते से हटाना है। इसके बाद वो उमेश पाल हत्याकांड की पूरी साजिश रचता है।
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