Cheque के नीचे क्यों लिखा होता है 7 अंकों का नंबर? उसमे छुपे होते हैं बैंक के कई राज, यहां जानिए उसकी डिटेल ∶∶

अक्सर हमें बैंक से लेनदेन के लिए चेक की आवश्यकता होती है चेक एक बहुत ही सुरक्षित जरिया माना जाता है बैंकिंग का। चेक में नीचे की तरफ कुछ नंबर लिखे होते हैं जिन्हें देखकर आप चेक के बारे में बहुत कुछ जान सकते हैं। यह चेक नंबर्स चेक के सिक्योरिटी फीचर्स का काम करते हैं। हालांकि बहुत ही कम लोगों को इसके बारे में पता है।

Cheque

आज के आलेख में हम आपको इन नंबरों का सही मतलब व उससे संबंधित जानकारी से अवगत कराएंगे

1. चेक नंबर

चेक पर लिखे नंबरों से आप उसके बारे में सब कुछ जान जाते हैं। चेक नंबर क्योंकि 6 अंकों का होता है किसी भी रिकॉर्ड की जानकारी के लिए चेक नंबर का ही प्रयोग किया जाता है। चेक नंबर चेक का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।

2. MICR कोड

मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रिकॉग्निशन (MICR) यह एक खास तरीके का कोड होता है जिसे रीडिंग मशीन पढ़ती है। जिसके द्वारा बैंक को उस ब्रांच के बारे में पता लगाने में मदद मिलती है जिसके द्वारा चेक इश्यू किया गया है। यह तीन हिस्सों में अलग-अलग बटा नौ अंकों का एक नंबर होता है।

3. सिटी कोड

MICR कोड के पहले 3 अंक सिटी कोड (City Code) होता है जो कि आपके शहर के पिन कोड के पहले तीन डिजिट होते हैं। इस नंबर को देखकर यह पता लगाया जा सकता है कि यह चेक किस शहर से आया है ।

4. बैंक कोड

MICR कोड के अगले तीन अंक बैंक का एक यूनिक कोड होता है । इस कोड से आप यह पता लगा सकते हैं कि चेक कौन से बैंक का है। जैसे कि ICICI बैंक का कोड 299 और HDFC का 240 है।

5. ब्रांच कोड

MICR कोड के आखिरी 3 अंक ब्रांच कोड होते हैं। हर बैंक की अपनी अलग शाखा होती है और यह कोड हर शाखा में अलग-अलग प्रयोग किया जाता है। इस कोड को देखकर आप यह समझ सकते हैं कि कौन से ब्रांच से यह चेक जारी किया गया है।

6. बैंक अकाउंट नंबर

आपका बैंक अकाउंट नंबर आपके चेक में मौजूद एक बहुत ही खास नंबर होता है। यह नंबर नई चेक बुक में होता है, पुरानी चेक बुक जो कोर बैंकिंग सॉल्यूशन से पहले प्रिंट की गई थीं, उसमें यह नंबर नहीं होता था।

7. ट्रांजेक्शन आईडी

सबसे आखिर में आती है ट्रांजैक्शन आईडी जो कि चेक बुक में छपे नंबरों में सबसे आखिर के दो अंक होते हैं। 29, 30 और 31 एट पार चेक को दिखाते हैं. वहीं 09, 10 और 11 लोकल चेक को दिखाते हैं।