आखिर किन्नर का अंतिम संस्कार रात में क्यों किया जाता है? 99% लोग नहीं जानते सही कारण ﹘

Why is Kinar's funeral performed at night

आखिर किनार का अंतिम संस्कार रात में क्यों किया जाता है ? | GK in Hindi General Knowledge : शादी-ब्याह या बच्चे के जन्म जैसे खुशी के मौकों पर किन्नर अचानक घरों में प्रकट हो जाते हैं और आशीर्वाद देकर और भिक्षा लेकर अपनी दुनिया में लौट जाते हैं ! आपने ट्रैफिक सिग्नल पर रुकी गाड़ियों की खिड़कियां थपथपाते किन्नरों को देखा होगा ! प्रचलित किन्नरों से अलग यौन रुझान रखने वाले किन्नरों की दुनिया बिल्कुल अलग है, जिसमें आम लोगों का प्रवेश वर्जित है ! यहां तक ​​कि उनके अंतिम संस्कार के बारे में भी बहुत कम लोग जानते हैं ! आइए जानते हैं किन्नरों का अंतिम संस्कार कैसे किया जाता है और क्या-क्या रस्में निभाई जाती हैं !

आखिर किनार का अंतिम संस्कार रात में क्यों किया जाता है

दुनिया में ऐसा माना जाता है कि कई किन्नरों के पास आध्यात्मिक शक्ति होती है, जिसकी वजह से उन्हें मौत का आभास हो जाता है ! मौत होने का पता चलने के बाद किन्नर कहीं आना-जाना बंद कर देते हैं और खाना-पीना भी छोड़ देते हैं ! इस दौरान वे सिर्फ पानी पीते हैं और भगवान से अपने और दूसरे किन्नरों के लिए प्रार्थना करते हैं कि अगले जन्म में वे किन्नर न बनें ! आस-पास और दूर-दूर से किन्नर मरने वाले किन्नर का आशीर्वाद लेने आते हैं ! किन्नरों में मान्यता है कि मरते हुए किन्नर की दुआएं बहुत कारगर होती हैं !

किन्नरों का अंतिम संस्कार GK in Hindi

समाज में किन्नर समुदाय को लेकर कई तरह की बातें कही जाती हैं ! अक्सर किन्नरों के अंतिम संस्कार को लेकर चर्चा होती रहती है ! माना जाता है कि कई किन्नरों में आध्यात्मिक शक्ति होती है, जिसकी वजह से उन्हें मौत का आभास हो जाता है ! जानकारी के मुताबिक, मौत आने से पहले ही पता चल जाने के बाद किन्नर कहीं आना-जाना बंद कर देते हैं और खाना-पीना भी छोड़ देते हैं !

जानकारी के मुताबिक, इस दौरान वे सिर्फ पानी पीते हैं और भगवान से अपने और दूसरे किन्नरों के लिए प्रार्थना करते हैं ! कहा जाता है कि भगवान से प्रार्थना करते हुए वे कहते हैं कि अगले जन्म में वे किन्नर न बनें ! इसके अलावा आस-पास और दूर-दूर से किन्नर मरते हुए किन्नर का आशीर्वाद लेने आते हैं ! क्योंकि किन्नरों में ऐसी मान्यता है कि मरते हुए किन्नर की दुआएं बहुत असरदार होती हैं !

किन्नरों की मौत की किसी को जानकारी नहीं दी जाती

जानकारी के मुताबिक, किन्नरों की बीमारी या मौत की खबर बाहर किसी को नहीं दी जाती ! इतना ही नहीं, किन्नर समुदाय के सभी लोग मरते हुए किन्नर या ट्रांसजेंडर की मौत के बारे में किसी बाहरी व्यक्ति को बताने से बचते हैं ! इसके अलावा, जिस जगह पर किन्नरों के शवों को दफनाया जाता है, वहां के अधिकारियों को भी इस बारे में पहले से ही सूचित कर दिया जाता है ! ताकि यह जानकारी गुप्त रहे !

अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी अलग होती है General Knowledge

सभी धर्मों में शव को चार कंधों पर लिटाकर ले जाया जाता है ! लेकिन किन्नरों की अंतिम संस्कार प्रक्रिया बिल्कुल अलग होती है ! किन्नर मृतक के शव को खड़े होकर अंतिम संस्कार के लिए ले जाते हैं ! इसके अलावा, ऐसी मान्यता है कि अगर आम लोग मृत किन्नर के शव को देख लेते हैं, तो मृतक का दोबारा किन्नर के रूप में जन्म होता है ! इसीलिए किन्नर की शवयात्रा रात में निकाली जाती है और कोई भी बाहरी व्यक्ति इसमें शामिल नहीं हो सकता !

आखिर किनार का अंतिम संस्कार रात में क्यों किया जाता है , शवयात्रा में जूते-चप्पल

किन्नर समुदाय के लोग अपने जीवन को अभिशप्त मानते हैं ! यही वजह है कि शवयात्रा से पहले मृतक को जूते-चप्पल से पीटा जाता है और गाली-गलौज की जाती है ! इसका कारण यह भी है कि अगर मृतक किन्नर ने कोई अपराध किया है तो वह जाने से पहले उसका प्रायश्चित कर ले और अगला जन्म आम आदमी के रूप में मिले ! जानकारी के अनुसार, अपने समुदाय में एक भी किन्नर की मृत्यु होने पर पूरा वयस्क किन्नर समुदाय पूरे एक सप्ताह तक उपवास रखता है और मृतक के लिए प्रार्थना करता है !