क्या मासिक धर्म के दौरान मंदिर या रसोई में जाना ठीक है? जया किशोरी का स्पष्ट जवाब ⁃⁃

क्या मासिक धर्म के दौरान मंदिर या रसोई में जाना ठीक है? जया किशोरी का स्पष्ट जवाब

जया किशोरी को आज किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। जया किशोरी एक प्रेरक वक्ता और कहानीकार हैं। उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

जया किशोरी हमेशा अपने इंटरव्यू और पॉडकास्ट में अपनी स्पष्ट राय व्यक्त करती नजर आती हैं।

कई लोगों को उनके विचार भी पसंद आते हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में जया किशोरी से पीरियड्स के दौरान रसोई और मंदिर जाने के बारे में पूछा गया। जया किशोरी ने इसका साफ जवाब दिया।

जया किशोरी ने कहा, “शुरुआत अच्छी थी, लेकिन बीच के लोगों ने सब बर्बाद कर दिया।” मासिक धर्म के दौरान इस वस्तु को मत छुओ, उस वस्तु को मत छुओ। मैं ऐसा नहीं कर सकता, मैं ऐसा नहीं कर सकता. तुम अशुद्ध हो गये हो। क्या कोई मुझे बता सकता है कि यह अशुद्ध क्यों है? कैसा है?

“किसी के पास कोई कारण नहीं है… मैं अभी भी किसी के कारण का इंतज़ार कर रहा हूँ।” यदि कोई मुझे कोई वैध और ठोस कारण बता सके तो मैं इस मामले पर अपने विचार और दृष्टिकोण तुरंत बदल दूंगा। मंदिर में पूजा करने नहीं जाना चाहिए, लेकिन इसका कारण क्या है? इसे मत छुओ… ऐसी कोई चीज़ नहीं है…

‘परमेश्वर की दृष्टि में कोई भी अशुद्ध नहीं है।’ यहाँ पर विषय है परमेश्वर का आरंभ। आप किसी भी परिस्थिति में पूरे मन से भगवान का नाम जप सकते हैं। हमारे साथ कुछ गलत नहीं है। मासिक धर्म के पीछे कोई धार्मिक कारण नहीं है। मासिक धर्म के दौरान महिलाओं का स्वास्थ्य ख़राब हो जाता है। ऐसे मामलों में उन्हें अधिक आराम की आवश्यकता होती है। इसलिए महिलाओं के लिए आराम करना बेहतर है।

जया किशोरी ने कहा, ‘पहले की व्यवस्थाएं आज जैसी नहीं थीं। इसलिए महिलाओं को बाहर जाने या मंदिरों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं थी। व्यवस्था के अभाव के कारण महिलाओं के लिए कुछ नियम लागू किये गये। लेकिन मध्य युग में सभी नियम तोड़ दिये गये। हमें यह कल्पना नहीं करनी चाहिए कि भगवान कृष्ण ने हर्षित अवस्था में देवी द्रौपदी को स्पर्श किया था। जया किशोरी ने यह भी कहा, ‘हमें अपनी सोच बदलने की जरूरत है