भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने जम्मूकश्मीर के दो वरिष्ठ नेताओं, मोहम्मद अनवर भट्ट और बशीर अहमद खान को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने गत बुधवार को जम्मूकश्मीर इकाई के दो वरिष्ठ नेताओं को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया है कि यह कार्रवाई कथित ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के चलते की गई है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संचार पत्र के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जम्मूकश्मीर से AICC सदस्य मोहम्मद अनवर भट्ट और बशीर अहमद खान के निलंबन को मंजूरी दे दी है।
AICC द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है, ‘माननीय कांग्रेस अध्यक्ष ने जम्मूकश्मीर से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्यों को राज्य में उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण तत्काल प्रभाव से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित करने की मंजूरी दे दी है।’
पार्टी नेताओं ने हालांकि यह साफ नहीं किया है कि दोनों नेताओं पर ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के तहत कौन से विशिष्ट आरोप हैं। सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से जम्मूकश्मीर कांग्रेस में आंतरिक कलह की खबरें सामने आ रही थीं। कई मौकों पर पार्टी लाइन से हटकर बयान देने और स्थानीय स्तर पर पार्टी के फैसलों का विरोध करने की शिकायतें आलाकमान तक पहुंची थीं।
कौन हैं निलंबित नेता
मोहम्मद अनवर भट्ट और बशीर अहमद खान, दोनों ही जम्मूकश्मीर कांग्रेस के अनुभवी नेता माने जाते हैं और AICC के सदस्य के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी संगठन से जुड़े हुए थे। अनवर भट्ट लंबे समय से कश्मीर घाटी में संगठन का काम देख रहे थे, जबकि बशीर अहमद खान का प्रभाव जम्मू संभाग के कुछ इलाकों में माना जाता है।
इस निलंबन के बाद जम्मूकश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में हलचल तेज हो गई है। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आलाकमान ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जम्मूकश्मीर में अगले कुछ महीनों में संभावित राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए पार्टी संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
आपको बता दें कि पिछले साल भी कांग्रेस ने जम्मूकश्मीर में कई नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी। पार्टी अनुच्छेद 370 हटने के बाद से केंद्र शासित प्रदेश में अपने संगठन को दोबारा खड़ा करने की कोशिश में जुटी है। ऐसे में पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर आलाकमान सख्त रुख अपनाए हुए है।
निष्कासन जैसी बड़ी कार्रवाई भी संभव
निलंबन के बाद अब दोनों नेताओं को अपना पक्ष रखने के लिए पार्टी के अनुशासनात्मक समिति के सामने बुलाया जा सकता है। यदि उनके जवाब से पार्टी संतुष्ट नहीं होती है, तो निष्कासन जैसी बड़ी कार्रवाई भी संभव है। फिलहाल मोहम्मद अनवर भट्ट और बशीर अहमद खान की ओर से इस निलंबन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कांग्रेस का यह कदम ऐसे समय में आया है जब पार्टी जम्मूकश्मीर में जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए तैयार करने में लगी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि संगठन में अनुशासन बनाए रखना इस समय शीर्ष प्राथमिकता है ताकि जनता के बीच एक मजबूत और एकजुट छवि पेश की जा सके।



