रविंद्र जडेजा ने सोनल दिनुशा और धनंजय डिसिल्वा की मजबूत साझेदारी को तोड़कर भारत को श्रीलंका के खिलाफ बुधवार को यहां पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में जीत के करीब पहुंचा दिया।
श्रीलंका ने 372 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मैच के पांचवें और अंतिम दिन लंच तक अपनी दूसरी पारी में छह विकेट पर 175 रन बनाए। भारत को इस तरह से जीत के लिए चार विकेट जबकि श्रीलंका को 197 रन चाहिए।
भारत ने अपनी पहली पारी में 462 रन बनाकर श्रीलंका को 284 रन पर आउट कर दिया था। इस तरह से उसे 178 रन की मजबूत बढ़त मिली थी।

भारत ने अपनी दूसरी पारी में 193 रन बनाए थे।
लंच के समय सोनल दिनुशा 65 रन और केशारा नुवांता आठ रन पर खेल रहे थे। भारत की तरफ से मानव सुथार और प्रसिद्ध कृष्णा ने दोदो विकेट लिए हैं। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। मोहम्मद सिराज और रविंद्र जडेजा को एकएक विकेट मिला है।
श्रीलंका ने सुबह चार विकेट पर 84 रन से आगे खेलना शुरू किया। दिनुशा और डिसिल्वा ने पांचवें विकेट के लिए 202 गेंदों पर 95 रन जोड़कर दिन के पहले सत्र के एक घंटे से अधिक समय तक भारत को सफलता से वंचित रखा।
भारतीय बल्लेबाजों की तरह ही श्रीलंका के बल्लेबाजों के लिए भी स्पिनरों का सामना करने का पसंदीदा तरीका स्वीप शॉट था।

भारतीय स्पिनरों में जडेजा निसंदेह सर्वश्रेष्ठ रहे। उन्होंने पिच से अच्छा खासा उछाल हासिल किया। मानव सुथार ने ज्यादा ओवर नहीं फेंके लेकिन उनकी गेंदबाजी में दम था जबकि बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए।वह निश्चित रूप से अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहेंगे।
भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा लेकिन इसके बावजूद श्रीलंका के कप्तान डिसिल्वा ने 125 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।

इसके कुछ देर बाद पहली पारी में शतक बनाने वाले दिनुशा भी कुलदीप की गेंद पर छक्का लगाकर 50 रन तक पहुंचे।
लेकिन जडेजा ने डिसिल्वा को आउट करके भारत की उम्मीदें जगा दी। इस बाएं हाथ के स्पिनर ने गेंद को थोड़ा और उछाल दिया और गेंद डिसिल्वा के बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर शॉर्ट फाइन लेग पर खड़े सुथार के हाथों में चली गई।

श्रीलंका की पहली पारी में समझदारी भरी पारी खेलने वाले निरोशन डिकवेला आक्रामक अंदाज में खेलने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने प्रसिद्ध की गेंद पर कवर के ऊपर से शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन वह इसमें नाकाम रहे और गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर ऋषभ पंत के दस्तानों में समा गई।