जुलाई की बारिश अब राहत नहीं, आफत बनती जा रही है. पूर्वोत्तर से लेकर पश्चिमी भारत के गुजरात से महाराष्ट्र तक के कई शहर और कस्बे पानी में जलमग्न हैं. कहींकहीं घरों में 22 फीट पानी भर गया है. कहीं मंदिर, घाट और सड़कें सैलाब में समा गई हैं. राहत की बात ये है कि प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लगातार लोगों की जान बचाने में जुटी हैं. नदियां उफान पर हैं, शहर पानी में डूब चुके हैं और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं.

‘बाढ़’ काल! आसमानी आफत
अक्सर कहा जाता है कि बारिश राहत लाती है, लेकिन जब यही बारिश कुदरत के कहर में बदल जाए, तो जीवन थम जाता है. इन दिनों देश के कई राज्य बाढ़ और भारी बारिश की चपेट में हैं. गुजरात से लेकर महाराष्ट्र तक, हर तरफ पानी का तांडव देखने को मिल रहा है.
गुजरात में भारी से भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है. लगातार हुई मूसलाधार बारिश के चलते कई जिले जलमग्न हो चुके हैं. गुजरात के सुरेंद्रनगर में घरों में 2 फीट तक पानी. यानी चारों तरफ पानी ही पानी. ये तस्वीरें सुरेंद्रनगर की हैं, करीब 70 से 80 घरों में बारिश का पानी घुस चुका है. लोग घरों के अंदर ही पानी में रहने को मजबूर हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि ये समस्या नई नहीं बल्कि पिछले दो दशकों से हर बारिश में सामने आती है. इस बार भी लोगों का गुस्सा नगर पालिका के खिलाफ साफ दिखाई दे रहा है. स्थानीय लोग नगर पालिका के खिलाफ भारी रोष प्रकट कर रहे हैं और पक्के समाधान की मांग कर रहे हैं.
गुजरात के अहमदाबाद में ड्रोन से बाढ़ प्रभावितों को ड्रोन से फूड पैकेट!
अहमदाबाद के धोल्का में भी भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. प्रशासन ने राहत पहुंचाने के लिए तकनीक का सहारा लिया है. ड्रोन के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक खाने के पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं ताकि मदद समय पर पहुंच सके.
170 लोगों का रेस्क्यू कर बचाई गई जान
गुजरात के अलगअलग जिलों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. वलसाड, वापी, खानवेल, धोरई, नवसारी और आसपास के इलाकों में फंसे करीब 170 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. देवरोड़, बलौदा और बाघोली के गोताखोरों ने भी इस अभियान में अहम भूमिका निभाई और कई लोगों की जान बचाई.
नासिक में बाढ़ का कहर गोदावरी उफान पर मंदिर और घाट डूबे
गुजरात के बाद अब रुख करते हैं महाराष्ट्र का तो आसमान से बरसती आफत ने नासिक में भी हाहाकार मचा रखा है. नासिक से लगातार आ रही बाढ़ और बारिश की डरावनी तस्वीरें यह बताने के लिए काफी हैं कि कुदरत का प्रकोप कितना गहरा है. यहां गोदावरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके उफान पर होने से नदी किनारे बने प्राचीन मंदिर और घाट तेजी से पानी में डूबते जा रहे हैं. महाराष्ट्र का नासिक भी लगातार बारिश से बेहाल है.
बारिश बनी आफत कई रास्ते बंद राहत बचाव जारी
लगातार हो रही भारी बारिश के चलते नासिक में पुल और सड़कें सैलाब में पूरी तरह डूबी हुई नजर आ रही हैं. ओझर एयरपोर्ट के पास बाढ़ के हालात ऐसे हैं कि एयरपोर्ट जाने वाली सड़क को पूरे दिन बंद रखना पड़ा, जिससे आम लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. निचले इलाकों में पानी भरने के बाद सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
असम में ‘जल प्रलय’! 300 गांव एक साथ जलमग्न
असम में लगातार हो रही बारिश और नदियों के उफान के कारण लाखों लोग प्रभावित हुए हैं. हजारों परिवारों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है. सबसे ज्यादा तबाही शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट, गोलाघाट में हुई है. जहां सड़कें, पुल और खेती की ज़मीन भी बाढ़ की चपेट में आ गई हैं.
गुजरात हो या महाराष्ट्र जुलाई की बारिश ने कई इलाकों में बाढ़ का रूप ले लिया है. प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश से खतरा अभी टला नहीं है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। मौसम विभाग ने कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. ऐसे में नदी और नालों के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.
29 जुलाई का मौसम
29 जुलाई को भी मॉनसून अपनी पूरी रौ में होगा. जिसका असर देशभर में दिखेगा. मौसम विभाग के मुताबिक, कई राज्यों में हल्की से मध्यम तो कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी यानी मूसलाधार बारिश होने का पूर्वानुमान जताया गया है. कई शहरों में जलभराव तो कहीं बाढ़ जैसे हालात रहेंगे. इसके साथ ही भूस्खलन की घटनाएं हो सकती है. संबंधित राज्यों में मौसम विभाग की चेतावनियों का ध्यान रखने और प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है.
जम्मूकश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी. पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है. वहीं दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में भी कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है. पूर्वी राजस्थान में अलगअलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है.
Moments of adversity often highlight the value of innovation. When conventional access becomes challenging, technology finds new ways to uphold the most essential human responsibility by reaching those in need. The use of drones to deliver food packets during relief operations in… pic.twitter.com/IXvDfz6t5K
— Dhanraj Nathwani July 27, 2026



