Ranchi News: झारखंड को पूर्ण रूप से नक्सलमुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा सुरक्षाबलों का अभियान अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है. झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की आक्रामक रणनीति के साथसाथ राज्य सरकार की ‘नई दिशा एक नई पहल’ आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति ने उग्रवादियों की रीढ़ तोड़ दी है. राज्य में दुर्दांत नक्सलियों का नेटवर्क लगभग पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है. वर्तमान में केवल 6 इनामी नक्सली ही सक्रिय बचे हैं, जिन पर कुल मिलाकर 55 लाख रुपये का इनाम घोषित है. सुरक्षाबलों का दावा है कि ये बचे हुए नक्सली भी जल्द ही या तो आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट आएंगे या मुठभेड़ में न्यूट्रलाइज कर दिए जाएंगे.

वर्तमान में सुरक्षाबलों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल और पलामू, गढ़वा व लातेहार जिले में सिमटे 6 प्रमुख नक्सलियों का विवरण.

नितेश यादव उर्फ नंदू उर्फ इरफान : मूल रूप से गया का निवासी. बिहार और झारखंड में 50 से अधिक नक्सली वारदातों में शामिल.

मनोहर गंझु उर्फ दिनेश गंझु : लातेहार निवासी, भाकपा माओवादी संगठन का जोनल कमेटी मेंबर. 50 से ज्यादा घटनाओं में संलिप्त.

गोदराय यादव उर्फ संजय यादव : पलामू के छतरपुर का रहने वाला, भाकपा माओवादी का जोनल कमेटी सदस्य .

पंकज कोरवा : गढ़वा के रंका का निवासी, भाकपा माओवादी में सबजोनल कमेटी सदस्य. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। पिछले दो दशकों से सक्रिय.

राजू भुइयां : गढ़वा के डंडई का निवासी, भाकपा माओवादी में सबजोनल कमेटी सदस्य.

आरिफ जी उर्फ शशिकांत उर्फ सुरेश : पलामू के मनातू का निवासी, प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीपीसी का जोनल कमेटी सदस्य; 50 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज.

वर्ष 2026 में सरेंडर का बना ऐतिहासिक रिकॉर्ड

झारखंड में वर्ष 2026 के दौरान नक्सलियों के खिलाफ अभूतपूर्व सफलताएं दर्ज की गई हैं:

21 मई 2026: इतिहास में पहली बार एक साथ 27 नक्सलियों ने पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तदाशा मिश्रा के समक्ष आत्मसमर्पण किया.

28 जुलाई 2026: पुलिस मुख्यालय में एक साथ 16 अन्य नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियार और गोलाबारूद के साथ सरेंडर किया.

2026 में कुल सरेंडर: वर्ष 2026 की शुरुआत से लेकर अब तक 50 से अधिक नक्सली मुख्यधारा में लौट चुके हैं.

29 जुलाई 2026 को बड़ी गिरफ्तारी: गुप्त सूचना के आधार पर धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र से 2.20 करोड़ के इनामी भाकपा माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर सहित 5 शीर्ष नक्सलियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया.

सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि अब पलामू, गढ़वा और लातेहार में बचे इन आखिरी 6 नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक चक्रव्यूह रच दिया गया है और जल्द ही झारखंड पूरी तरह से नक्सलमुक्त राज्य घोषित होगा.