
मोरिंगा खाना सेहत के लिए फायदेमंद है। मोरिंगा के पत्ते और फलियों का इस्तेमाल किया जाता है। आप मोरिंगा के पत्तों से स्वादिष्ट साग बनाकर खा सकते हैं। अगर आपको पत्तों में कड़वापन लगता है तो इस ट्रिक से साग बनाने पर मोरिंगा के पत्तों का कड़वापन भी दूर हो जाएगा। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। ये साग बाजरा और मक्के की रोटी से और भी ज्यादा टेस्टी लगता है। मोरिंगा के पत्तों में भरपूर विटामिन और मिनरल पाए जाते हैं। सर्दियों में ये साग सेहत के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। आइये जानते हैं मोरिंगा के पत्तों का साग कैसे बनाते हैं। इसे लोग सहजन का साग भी कहते हैं। साग को सूखा और गीला दोनों तरह से बना सकते हैं। इसकी रेसिपी भी बेहद आसान है।
मोरिंगा के पत्तों का साग रेसिपी
पहला स्टेप- सबसे पहले सहजन की पत्तियां लें और उन्हें 1-2 बार पानी से अच्छी तरह धो लें। अब एक पैन में पानी गर्म करें और उसमें सहजन की पत्तियां डाल दें। मोरिंगा की पत्तियां जल्दी गलती नहीं है इसलिए इसमें उबालते वक्त ही नमक और थोड़ा सोडा डाल दें। जब पत्तियां अच्छी गल जाएं तो गैस बंद कर दें। अब उबली हुई पत्तियों का पानी छान दें।
दूसरा स्टेप- अब तड़का लगाने के लिए कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें। तेल में जीरा और हींग डालकर सूखी लाल मिर्च डालें, अब इसमें कटा हुआ लहसुन डालें। तड़का में उबली हुई मोरिंगा की पत्तियां डालें और अच्छी तरह से मिक्स करें। इसे आपको थोड़ी देर तक लगातार चलाते हुए भूनना है। अब थोड़ा नमक और डाल दें। जब सहजन की पत्तियों का पानी सूख जाए तो गैस बंद कर दें।
तीसरा स्टेप-
अगर आपको थोड़ा पतला साग खाना है तो सहजन की पत्तियों से निकला हुआ पानी इसमें डालकर हल्का मैश कर दें। आप इसे मथनी से मिक्स करके बना सकते हैं। इस तरह तैयार किया सहजन का साग खाने में और भी स्वादिष्ट लगता है। इससे शरीर को भरपूर पोषक तत्व मिल जाते हैं। आप साग में खटास के लिए हल्का नींबू डालकर भी खा सकते हैं।



