मां, ये हमें रोजरोज दहेज के लिए प्रताड़ित करता है और मारपीट करता है. अब हम इसके साथ एक पल भी नहीं रह पाएंगे, किसी दिन ये मुझे सचमुच मार डालेगा. आप सुबह होने से पहले मुझे यहां से अपने साथ ले चलो… 19 अक्टूबर की देर रात मुंगेर की रहने वाली द्रौपदी देवी के मोबाइल की घंटी बजी. फोन पर उनकी 25 वर्षीय बेटी अंकिता की सिसकियों से भरी आवाज गूंजी. मां ने बुरी तरह से रो रही बेटी को ढांढस बंधाया. कहा बेटी मैं सुबह होते ही गाड़ी लेकर तुझे लेने पहुंच जाऊंगी. लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था, और सुबह का सूरज उगने से पहले ही उस घर से एक डरावनी और मातम भरी खबर आ गई.

रात करीब 11:30 बजे हुई इस दिल दहला देने वाली बातचीत के महज कुछ घंटे बाद, रात के ठीक 2 बजे मृतका के पति मो. आरजू का फोन आया. उसने फोन पर बेखौफ अंदाज में सूचना दी कि अंकिता ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है. ये सनसनीखेज मामला बेगूसराय जिले के बलिया थाना क्षेत्र के बड़ी बलिया वार्ड नंबर1 के पांच नंबर मोहल्ले का है. घटना की सूचना मिलते ही मृतका के मायके में कोहराम मच गया. मां द्रौपदी देवी ने पति आरजू, उसके भाई समेत ससुराल पक्ष के अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है.

पांच साल पहले शुरू हुई थी लव स्टोरी

इस खौफनाक दास्तान की शुरुआत साल 2021 में हुई थी, जब मुंगेर के कासिम बाजार थाना क्षेत्र की रहने वाली अंकिता एक अस्पताल में नर्स के रूप में काम करती थी. वहीं उसकी मुलाकात बेगूसराय के बड़ी बलिया निवासी मो. आरजू से हुई. धीरेधीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता प्यार में बदल गया. जब अंकिता के परिजनों को इस प्रेम प्रसंग की भनक लगी, तो उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया. परिवार के सख्त रुख को देखते हुए अंकिता घरबार छोड़कर अपनी मर्जी से आरजू के साथ चली गई. उस वक्त अचानक बेटी के लापता होने पर मां ने कासिम बाजार थाने में अपहरण का मामला भी दर्ज कराया था, जो बाद में अदालत में अंकिता के बालिग होने और अपनी मर्जी से बयान देने के बाद शांत हुआ.

बेटी के जन्म के बाद से आई रिश्ते में खटास

शादी के शुरुआती दिन तो सामान्य बीते और साल 2023 में दंपति के घर एक बेटी का जन्म भी हुआ, लेकिन इसके बाद से ही रिश्ते में कड़वाहट और तनाव का दौर शुरू हो गया. मृतका की मां का आरोप है कि अंकिता हिंदू समुदाय से ताल्लुक रखती थी. जबकि आरजू मुस्लिम समुदाय से था. और शादी के बाद से ही उस पर लगातार धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाने लगा. इसके अलावा मायके से नकदी और कीमती सामान लाने की मांग को लेकर भी उसका मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जाने लगा. हालात तब और बदतर हो गए जब हाल ही में दशहरा के दौरान अंकिता ने बड़ी बलिया के दुर्गा मंदिर में जाकर पूजा करने की इच्छा जताई, जिसे पति आरजू ने यह कहकर ठुकरा दिया कि मोहल्ले के लोग और समाज के अन्य लोग हंगामा खड़ा कर देंगे.

आत्महत्या नहीं, हत्या का आरोप लगाया मां ने

घटना की रात अंकिता पूरी तरह टूट चुकी थी. मां द्रौपदी देवी के मुताबिक, पहले रात करीब 9 बजे और फिर रात 11 बजे आरजू ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की. इसके बाद रात 11:30 बजे सहमी हुई अंकिता ने दोबारा फोन कर अपनी जान का खतरा बताया और वहां से निकालने की गुहार लगाई. मां ने सुबह आने का भरोसा भी दिया, लेकिन रात के ढाई बजे पति के उस एक फोन कॉल ने सब कुछ उजाड़ दिया, जिसमें फांसी लगाने की बात कही गई थी. परिजनों का साफ कहना है कि ये आत्महत्या नहीं, बल्कि सोचीसमझी साजिश के तहत पहले बेरहमी से पिटाई और फिर गला घोंटकर की गई हत्या है, जिसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटकाया गया.

पति आरजू पर लगा एक और गंभीर आरोप

इस पूरे घटना में आरोपी पति मो. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। आरजू की पृष्ठभूमि भी बेहद संदिग्ध और आपराधिक बताई जा रही है. मृतका की मां के अनुसार, आरजू पहले भी एक अन्य हिंदू लड़की को भगाने के मामले में जेल की हवा खा चुका है और उससे जुड़ा एक मामला बलिया न्यायालय में अभी भी लंबित है. इतना ही नहीं, वर्ष 2025 में भी उसके खिलाफ बलिया थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. इन तमाम पुराने आपराधिक इतिहास और अंकिता की संदिग्ध मौत के बीच के तार जोड़ने की कोशिश अब पुलिस कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि इस खौफनाक अंजाम के पीछे की असल वजह क्या थी.

मामले में क्या बोले थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार?

मामले की गंभीरता को देखते हुए बलिया थाने की पुलिस ने मृतका की मां के लिखित आवेदन पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है. पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है. बलिया थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार ने मीडिया को जानकारी दी है कि धर्म परिवर्तन, दहेज प्रताड़ना और हत्या के इन तमाम संगीन आरोपों के हर पहलू की तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से गहन जांच की जा रही है. पुलिस की विशेष टीमें नामजद फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं, और अधिकारियों का दावा है कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.