रात में सोते समय इयरबड्स का इस्तेमाल कानों के लिए हानिकारक हो सकता है। आइए, विस्तार से जानते हैं डॉक्टर का इस बारे में क्या कहना है।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सुकून की नींद पाना किसी चुनौती से कम नहीं है। ट्रैफिक का शोर, किसी के खर्राटे या आसपास की अन्य आवाजों से बचने के लिए हम में से कई लोग रात में सोते समय इयरबड्स या ईयरफोन का सहारा लेते हैं। कुछ लोग रिलैक्सिंग म्यूजिक, मेडिटेशन या व्हाइट नॉइज सुनतेसुनते ही नींद की वादियों में खो जाना पसंद करते हैं।

शुरुआत में तो यह आदत बहुत अच्छी लगती है और इससे नींद भी अच्छी आ सकती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह आदत भविष्य में आपके कानों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन सकती है? आइए ईएनटी विशेषज्ञ से जानते हैं कि रातभर इयरबड्स लगाकर सोना कानों के लिए कितना खतरनाक है।

बैक्टीरिया और फंगस का बन सकता है ठिकाना

लंबे समय तक कान में इयरबड्स लगाए रखने से कानों की सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, जब इयरबड्स घंटों तक कान के अंदर लगे रहते हैं, तो वहां गर्माहट और नमी पैदा होने लगती है। यह माहौल बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए एकदम परफेक्ट होता है। इसके कारण आपको कान में खुजली, जलन, दर्द और गंभीर संक्रमण का सामना करना पड़ सकता है।

कानों की प्राकृतिक सफाई में आती है रुकावट

एशियन हॉस्पिटल के ईएनटी विभाग के यूनिटII प्रमुख और एसोसिएट डायरेक्टर, डॉ. स्वप्निल ब्रजपुरिया बताते हैं, “कई लोगों को लगता है कि अगर वॉल्यूम कम है, तो इयरबड्स पहनकर सोना पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन असल में रातभर कान में किसी भी बाहरी उपकरण का रहना सही नहीं है।”

इससे कानों के खुद को साफ करने की प्राकृतिक प्रक्रिया रुक जाती है और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, सोते समय इंसान करवटें बदलता है। ऐसे में इयरबड्स कान के अंदर दबाव डालते हैं, जिससे असहजता, दर्द और यहां तक कि कान की त्वचा में सूजन भी आ सकती है।

सुनने की क्षमता पर मंडराता खतरा

अगर आप तेज आवाज में म्यूजिक सुनते हुए सोते हैं, तो यह आपके लिए और भी नुकसानदायक है। विश्व स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक उच्च ध्वनि के संपर्क में रहने से आपकी सुनने की शक्ति धीरेधीरे कमजोर हो सकती है।

डॉ. स्वप्निल के अनुसार, “हमारे कानों को भी आराम की जरूरत होती है। लगातार आवाज के संपर्क में रहने से कानों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है, जो भविष्य में सुनने से जुड़ी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।”

वायरलेस इयरबड्स से चोट लगने का डर

विशेषज्ञ एक और खतरे की ओर इशारा करते हैं जो वायरलेस इयरबड्स से जुड़ा है। सोते समय जब हम करवट लेते हैं, तो ये इयरबड्स कान से बाहर निकल सकते हैं या फिर शरीर के दबाव की वजह से कान के बहुत अंदर गहराई तक खिसक सकते हैं। इससे कान के अंदरूनी हिस्से में चोट लगने का जोखिम हमेशा बना रहता है।

डॉक्टर की सलाह

अगर आपको शोर की वजह से नींद नहीं आती है, तो विशेषज्ञ इयरबड्स की जगह कुछ बेहतर और सुरक्षित उपाय अपनाने की सलाह देते हैं:

  • अपने कमरे को शांत बनाने की कोशिश करें।
  • बाहरी शोर को रोकने के लिए साउंडप्रूफ पर्दों का इस्तेमाल करें।
  • कमरे में ‘व्हाइट नॉइज मशीन’ का यूज करें।
  • सोने के लिए खास तौर पर डिजाइन किए गए सॉफ्ट ईयरप्लग्स का इस्तेमाल करें।

डॉक्टर एक खास सलाह यह भी देते हैं कि अगर आपको सोते समय ऑडियो सुनने की आदत है, तो कोशिश करें कि वह कुछ समय बाद अपने आप बंद हो जाए। रातभर कानों में इयरबड्स लगाए रखने से बचें।

याद रखिए, जितनी जरूरी एक अच्छी और सुकूनभरी नींद है, उतना ही जरूरी आपके कानों का सुरक्षित रहना भी है। अगर आप भी रोजाना इयरबड्स लगाकर सोते हैं, तो अपनी इस आदत को आज ही बदल डालने का समय आ गया है।