हिमाचल प्रदेश के नाहन शहर में धारा 163 लागू की गई है. यहां 29 अक्टूबर 2026 तक धारा 163 लागू रहेगी. सिरमौर जिले के नाहन में वाल्मीकि चौक पर दो समुदायों के बीच टकराव होने के बाद जिला प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं. जिला मजिस्ट्रेटसिरमौर प्रियंका वर्मा ने ये आदेश 26 अक्टूबर को जारी किए. डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने अपने आदेश में लिखा कि 26 अक्टूबर से नाहन शहर में धारा163 लागू की गई है.

जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर को वाल्मीकि चौक, नाहन में वाल्मीकि समुदाय और सिख समुदाय के बीच हिसंक टकराव हो गया था. इसमें पुलिस कर्मियों सहित कई लोग घायल हुए थे. सार्वजनिक व निजी संपत्ति को नुकसान और कानून व्यवस्था भंग हुई थी. हालांकि, पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया था, लेकिन अब साम्प्रदायिक तनाव बना हुआ है.
मिली थी ये खूफिया जानकारी
आज सुबह 10 बजे हिमाचल, पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ से दोनों समुदायों के बड़ी संख्या में वाल्मीकि चौक पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करने की खुफिया जानकारी थी. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। दोबारा टकराव, जानमाल का नुकसान और लोक शांति भंग न हो, इसलिए लोक सुरक्षा के हित में धारा 163 लागू की गई है.
धारा 163 के दौरान क्या नहीं कर सकते हैं लोग?
पुलिस थाना नाहन क्षेत्र के अंतर्गत दो सड़का से वाल्मीकि चौक से दिल्ली गेट तक और वाल्मीकि चौक से एंट्री गेट बस स्टैंड तक तथा सड़क के दोनों तरफ के अन्य स्थानों पर ये आदेश लागू होंगे. बिना अनुमति 5 या अधिक व्यक्ति नहीं जुट सकेंगे. कोई भी लाठी, डंडा, दाती, भाला, तलवार, गैंती, फावड़ा जैसे घातक हथियार लेकर नहीं चल सकेगा.
बिना अनुमति रैली, जुलूस, धरना, भूख हड़ताल, नारेबाजी, सड़क और हाईवे/फुटपाथ जाम नहीं किए जा सकते. सार्वजनिक स्थान, सड़क, पूजा स्थल पर मशाल, मोमबत्ती, पुतला, टायर नहीं जला सकते. सड़कों, गलियों, चलती और खड़ी गाड़ियों या लोगों पर पटाखे फोड़ने और फेंकने की मनाही है. सार्वजनिक स्थानों पर पथराव या आपत्तिजनक सामग्री नहीं फेंकने की मनाही है.
महिलाओंबच्चों पर विशेष रूप से, सड़कोंचौकों पर भीड़ लगाना, भड़काऊ, साम्प्रदायिक, राष्ट्रविरोधी भाषण, नारे, बैनर, पोस्टर, दीवार लेखन से मना किया गया है.



