Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली में साइबर ठग अब लोगों को नएनए तरीकों से अपने जाल में फंसा रहे हैं. इस बार बरेली के एक धान कारोबारी से एस्कॉर्ट सर्विस का झांसा देकर करीब 25 लाख रुपये ठग लिए गए. जब कारोबारी ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने उनकी तस्वीरें और बातचीत परिवार व सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी. बदनामी के डर से कारोबारी लगातार रुपये भेजता रहा. आखिरकार ठगी का एहसास होने पर उसने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

कारोबारी मूल रूप से बरेली का रहने वाला है और प्रयागराज में धान का कारोबार करता है. उसने पुलिस को बताया कि मई 2026 में फेसबुक चलाते समय उसे एस्कॉर्ट सर्विस का एक विज्ञापन दिखाई दिया. विज्ञापन पर दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही उसकी बातचीत व्हाट्सएप पर शुरू हो गई. शुरुआत में ठगों ने भरोसा जीतने के लिए खुद को एक प्रतिष्ठित एजेंसी का कर्मचारी बताया और पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित व गोपनीय होने का दावा किया.

फीस के नाम पर ऐंठे रुपये

पीड़ित का आरोप है कि पहले उससे सेवा शुल्क जमा कराया गया. इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, होटल बुकिंग, सिक्योरिटी चार्ज, मेडिकल किट और अन्य औपचारिकताओं का हवाला देकर अलगअलग किस्तों में लगातार रुपये मांगे जाते रहे. हर बार यह भरोसा दिया गया कि अब तुरंत सर्विस उपलब्ध करा दी जाएगी और जमा की गई पूरी रकम भी सुरक्षित रहेगी. जब काफी रुपये देने के बाद भी कोई सेवा नहीं मिली तो कारोबारी को शक हुआ. उसने अपने रुपये वापस मांगने शुरू किए. इसी दौरान ठगों ने अपना असली खेल शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि यदि और रुपये नहीं दिए तो एस्कॉर्ट सर्विस लेने की जानकारी परिवार वालों को भेज देंगे और व्हाट्सएप चैट व तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे. बदनामी के डर से कारोबारी दबाव में आ गया और अलगअलग बैंक खातों में रुपये भेजता रहा. इस तरह उससे करीब 25 लाख रुपये की ठगी कर ली गई.

साइबर पुलिस ने शुरू की जांच

आखिर में जब ठगों की मांग खत्म नहीं हुई तो कारोबारी को एहसास हुआ कि वह साइबर अपराधियों के जाल में फंस चुका है. इसके बाद उसने बरेली के साइबर क्राइम थाने पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी दी. थाना प्रभारी धनंजय पांडेय के नेतृत्व में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जिन बैंक खातों में रुपये भेजे गए हैं, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है. साथ ही मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप चैट और बैंक लेनदेन की भी जांच की जा रही है.

साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले ऐसे विज्ञापनों पर आंख बंद करके भरोसा न करें. किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर रुपये ट्रांसफर न करें. यदि कोई व्यक्ति धमकी देकर पैसे मांगता है तो डरने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत करें.