दिवाली के मौके पर नई कार या बाइक खरीदना कई लोगों के लिए खास होता है. इस दौरान ऑटो कंपनियां और डीलर ग्राहकों को लुभाने के लिए कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस और कई तरह के ऑफर्स देते हैं. लेकिन आकर्षक विज्ञापन और शोरूम में मिल रहे ऑफर्स देखकर जल्दबाजी में फैसला लेना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है.

अगर आप इस त्योहारी सीजन में गाड़ी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखकर अच्छी बचत कर सकते हैं. सिर्फ गाड़ी की कीमत पर मोलभाव करना काफी नहीं है. इंश्योरेंस, लोन, एसेसरीज और डिलीवरी से पहले गाड़ी की जांच पर भी ध्यान देना जरूरी है. आइए जानते हैं 6 ऐसे तरीके, जिनसे आप बेहतर डील पा सकते हैं.
एक नहीं, कई डीलरशिप से लें कीमत
गाड़ी खरीदने से पहले अपने शहर के कम से कम तीन से उसी मॉडल और वेरिएंट की ऑनरोड कीमत का कोटेशन लें. इससे आपको पता चलेगा कि कौनसा डीलर कितना डिस्काउंट और कौनकौन से फायदे दे रहा है. त्योहारी सीजन में डीलरशिप पर ज्यादा गाड़ियां बेचने का दबाव रहता है. ऐसे में दूसरे शोरूम का बेहतर ऑफर दिखाकर आप अपने पसंदीदा डीलर से भी कीमत कम करने की बात कर सकते हैं.
इंश्योरेंस के लिए दूसरे ऑप्शन भी देखें
नई गाड़ी के साथ मिलने वाला इंश्योरेंस कुल खर्च बढ़ा सकता है. इसलिए डीलर के बताए प्रीमियम को ही अंतिम कीमत न मानें. पॉलिसीबाजार या दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी कीमत चेक करें. तुलना करते समय IDV और जीरो डेप, इंजन प्रोटेक्शन जैसे ऐडऑन कवर्स एक जैसे रखें. इससे आपको सही तुलना करने में मदद मिलेगी. बाहर से पॉलिसी लेने पर कुछ मामलों में 15,000 से 40,000 रुपये तक की बचत हो सकती है. आप ऑनलाइन कोटेशन दिखाकर डीलर से भी बेहतर कीमत देने के लिए कह सकते हैं.
कार लोन की ब्याज दर पर करें बातचीत
अगर आप लोन लेकर गाड़ी खरीद रहे हैं, तो सिर्फ डीलर के पार्टनर बैंक का विकल्प न चुनें. अपने मौजूदा बैंक और दूसरे बैंकों की ब्याज दरों, प्रोसेसिंग फीस और ऑफर्स की तुलना करें.
दिवाली के दौरान कुछ बैंक कम या जीरो प्रोसेसिंग फीस जैसी सुविधाएं दे सकते हैं. पहले से प्रीअप्रूव्ड लोन का ऑफर लेना भी फायदेमंद हो सकता है. अगर आपका CIBIL स्कोर 750 से ऊपर है, तो ब्याज दर में अतिरिक्त छूट के लिए बातचीत करें.
गैरजरूरी एसेसरीज पर खर्च करने से बचें
कई बार डीलर कोटेशन में 20,000 से 35,000 रुपये तक की एसेंशियल किट या बेसिक एसेसरीज जोड़ देते हैं. इसमें मैट, मड फ्लैप और परफ्यूम जैसी चीजें हो सकती हैं. गाड़ी खरीदने से पहले ऐसी चीजों की जरूरत समझें और जो सामान जरूरी नहीं है, उसे हटाने के लिए कहें. मैट, सीट कवर और क्रोम गार्निश जैसी एसेसरीज बाहर से भी खरीदी जा सकती हैं. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। हालांकि, कोई बदलाव कराने से पहले वारंटी की शर्तें जरूर जांच लें.
NCB और कॉर्पोरेट डिस्काउंट का फायदा उठाएं
अगर आपके पास पहले से गाड़ी है और आप उसे बेच रहे हैं, तो अपने नोक्लेम बोनस के बारे में इंश्योरेंस कंपनी से बात करें. पात्र होने पर इसे नई गाड़ी की पॉलिसी में ट्रांसफर कराया जा सकता है. इससे ऑनडैमेज प्रीमियम पर 20% से 50% तक की छूट मिल सकती है.
इसके अलावा, अगर आप किसी कॉर्पोरेट कंपनी, सरकारी विभाग, सेना या शिक्षण संस्थान से जुड़े हैं, तो कॉर्पोरेट डिस्काउंट के बारे में पूछें. कुछ मामलों में इससे 5,000 से 20,000 रुपये तक की बचत हो सकती है.
डिलीवरी से पहले गाड़ी की जांच जरूर करें
त्योहारी सीजन में गाड़ियों की मांग बढ़ने से डीलरशिप पर काम का दबाव भी बढ़ जाता है. इसलिए गाड़ी का पूरा भुगतान करने और रजिस्ट्रेशन से पहले प्रीडिलीवरी इंस्पेक्शन जरूर करें. दिन की रोशनी में गाड़ी की बॉडी, पेंट, डेंट और खरोंच की जांच करें. साथ ही VIN नंबर से मैन्युफैक्चरिंग का महीना और साल पता करें. अगर कोई गड़बड़ी नजर आए, तो भुगतान या डिलीवरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पहले डीलर से बात करें.



