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Delhi Aastha Kunj Park Incident: देश की राजधानी दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में जो हुआ उसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. यहां 17 साल की नाबालिग लड़की के साथ हुई हैवानियत ने हर किसी को दिल तोड़ कर रख दिया है. कालकाजी जैसी हलचल और पवित्र जगह ऐसा कांड होने से लोगों में डर का माहौल है. देश के हरवासी के मन में आज केवल एक ही सवाल है कि आखिर कब तक उनकी बहन और बेटियों को ये सब सहना होगा. उनके घर की औरतें आखिर कब बेखौफ होकर घर से बाहर निकल पाएंगी. परिवार कब चिंतामुक्त होकर उन्हें बाहर जाने की इजाजत दे पाएगा. आखिर कब ये देश बहन-बेटियों की इज्जत करना सीखेगा. कालकाजी में हुए इस मामले नें एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.

दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर गई थी पीड़िता

पुलिस इस मामले में लगातार कार्रवाई कर रही है. वहीं अब पीड़िता ने भी अपने साथ हुई उस वारदात की कहानी सबके सामने रख दी है. पीड़िता ने हिम्मत कर हर उस बात की जानकारी दी, जो उस रात उसके साथ अंधेरे पार्क में हुआ. वह अपने दोस्त के साथ रहकर भी खुद को नहीं बचा पाई. इस आपबीती ने हर किसी को रोंगटे खड़े कर दिए हैं. पीड़िता ने बताया कि जन्मदिन के दिन वह भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए कालकाजी मंदिर गई थी. तभी तीन दरिंदों ने खुद को पहले पुलिसकर्मी बताया और फिर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया. लड़की ने बताया कि उसका जन्मदिन था. मैं मंदिर जाकर पूजा करना चाहती थी. इसलिए मैंने अपने दोस्त को साथ चलने के लिए कहा. मेरी मां खाना बनाने का काम करती हैं और वह उस समय घर में नहीं थी. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इसलिए मैंने अपनी बड़ी बहन को बताया कि मैं दोस्त के साथ मंदिर जा रही हीं. फिर मैं करीब 5 बजे घर से निकली और 5:45 पर कालकाजी मंदिर पहुंच गई. हम लोग करीब 7 बजे मंदिर से बाहर निकले. इसके बाद हमने कालकाजी मेट्रो स्टेशन के बाहर से एक चिप्स और पानी की बोतल ली और फिर गेट नंबर 7 से होते हुए पार्क के भीतर चले गए.

बर्थडे पर हुआ घिनौना कांड

पीड़िता ने आगे बताया कि ‘मैं इस्कॉन जाना चाहती थी. तो मैंने कहा कि पहले पार्क में बैठकर चिप्स खा लेते हैं, फिर मंदिर चले जाएंगे. जैसे ही हमने बेंच पर बैठकर चिप्स खाने शुरू किए. तभी तीन लोग उम्र करीब 30 से 35 साल की उम्र के थे. उन्होंने मेरे दोस्त को पकड़ा और थप्पड़ जड़ दिया.’ लड़की ने आगे कहा कि ‘जब हमने पूछा के वह कौन हैं? तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि वह पुलिस वाले हैं और उन्होंने पूछा कि वह यहां क्यों आए हैं. उन्होंने कहा कि यहां आना मना है. इसके बाद उनमें से एक मेरे दोस्त समीर को दूसरी तरफ ले गया और हमारे फोन भी ले लिए.’ तभी एक लड़के ने कहा कि ‘आसिफ भाई, गन निकाल लो.’ जिस लड़के को आसिफ कहकर बुलाया उसने बैंगनी रंग की सर्ट पहनी हुई थी. तीनों काफी मजबूत थे, आसिफ ने काले रंग की बंदूक निकाली और जेब में वापस रख ली.’

दोस्त को बताई पूरी कहानी

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि इसके बाद दोनों लड़कों ने चाकू निकाल लिया और उसे एक सुनसान जगह पर ले गए.पीड़िता का आरोप है कि एक आरोपी ने उसे डराया-धमकाया और चाकू दिखाकर उसके साथ जबरदस्ती की. इस दौरान दूसरे आरोपी को बाहर निगरानी करने के लिए कहा गया.पीड़िता ने बताया कि इसके बाद दूसरे और तीसरे आरोपी ने भी बारी-बारी से उसके साथ गलत काम किया. आरोपियों ने उसे धमकाया और चुप रहने को कहा.बाद में आरोपियों ने पीड़िता और उसके दोस्त को उनके मोबाइल फोन वापस दे दिए और जान से मारने की धमकी देकर वहां से जल्दी चले जाने को कहा. बाहर निकलने के बाद पीड़िता ने अपने दोस्त को पूरी घटना बताई, जिसके बाद उसके दोस्त ने पीसीआर को फोन किया और पुलिस मौके पर पहुंची.