रायपुर। रायपुर उरकुरा रेलवे स्टेशन में एक महिला ने अपने दो बच्चों के साथ आई। सामने से तेज गति से पटरी पर दौड़ती ट्रेन आ रही थी। महिला ने जान देने की ठानी और ट्रेन की ओर दौड़ पड़ी। बच्चे दहाड़ मारकर रोने लगे। स्टेशन मास्टर से बच्चों के रोने की आवाज सुनी और सामने का नजारा देखा तो सन्न रह गए।

बिना समय गंवाए वे महिला की ओर दौड़ पड़े, जब तक दौड़ लगाते सामने से तेज हार्न बजाते धड़धड़ाते हुए ट्रेन आ रही थी। महिला और ट्रेन के बीच चंद कदमों की दूरी, या यूं कहें कि महिला और मौत के बीच महज कुछ कदमों का फासला, इतना ही फासला महिला और जिदंगी बचाने वाले स्टेशन मास्टर के बीच भी था।

स्टेशन मास्टर का साहस काम कर गया और महिला को मौत के मुंह में जाने से कुछ ही कदमों की दूरी से बचा लिया। स्टेशन मास्टर से ऐसा कर एक साथ तीन जिंदगी बचाई, बच्चों को मां से जुदा होने से बचा लिया और महिला की जान बच गई।

बच्चों की चीख सुन दौड़े स्टेशन मास्टर

महिला अपने दो बच्चों के साथ उरकुरा रेलवे स्टेशन पहुंची थी। कुछ देर बाद वह अचानक रेलवे पटरी की ओर बढ़ने लगी। महिला को पटरी की तरफ जाते देख उसके बच्चों ने चीखना शुरू कर दिया। बच्चों की आवाज सुनकर स्टेशन मास्टर आनंद उपाध्याय तत्काल मौके की ओर दौड़े। उस समय ट्रेन के आने का समय हो चुका था और स्थिति बेहद गंभीर थी।

ट्रेन आने से चंद सेकेंड पहले बचाई जान

स्टेशन मास्टर ने बिना देर किए महिला को अपनी ओर खींचा और पटरी पर जाने से रोक लिया। बताया जा रहा है कि ट्रेन के आने में महज कुछ सेकेंड का समय बाकी था। समय रहते महिला को पीछे खींच लेने से एक बड़ा हादसा टल गया। घटना स्टेशन पर लगे CCTV कैमरे में भी रिकॉर्ड हो गई। सामने आए फुटेज में महिला को पटरी की ओर बढ़ते और स्टेशन मास्टर को दौड़कर उसे बचाते हुए देखा जा सकता है।

ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं।