PB Fintech Share: शेयर बाजार में नियम बदलने का असर किसी कंपनी के बिजनेस मॉडल पर कितना भारी पड़ सकता है, पीबी फिनटेक इसका सबसे ताजा उदाहरण है. पॉलिसीबाजार के नाम से मशहूर इस कंपनी के शेयरों में इन दिनों हाहाकार मचा हुआ है. सिर्फ छह कारोबारी सत्रों के भीतर कंपनी के शेयरों में इतनी बड़ी गिरावट आई कि निवेशकों की बीते पांच सालों की तेजी पूरी तरह खत्म हो गई. 1 अक्टूबर को स्टॉक क्रैश होकर अपने आईपीओ इश्यू प्राइस से भी नीचे चला गया. ये स्थिति शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए एक बड़ा सबक भी है कि पॉलिसी में बदलाव किस तरह बाजार की दिशा बदल देते हैं.

लगातार बिकवाली से निवेशकों को भारी नुकसान

पीबी फिनटेक का शेयर 1 अक्टूबर को करीब 8 फीसदी टूटकर 984 रुपये के स्तर पर बंद हुआ. बाजार में जब ट्रेडिंग चल रही थी, तब एक वक्त ऐसा भी आया जब भाव 980 रुपये के नीचे खिसक गया था. असल में 980 रुपये ही कंपनी का आईपीओ प्राइस था. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। महज एक हफ्ते के भीतर इस स्टॉक में 17 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है. रिकॉर्ड को देखें तो 6 जनवरी 2025 को ये शेयर 2,254 रुपये के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था. उसके बाद से इसमें लगातार उतारचढ़ाव देखने को मिल रहा था. कुछ समय तक शेयर की कीमत 1,800 से 1,900 रुपये की रेंज में टिकी रही. लेकिन अब आई इस ताजा गिरावट ने इसे निवेशकों का पैसा डुबाने वाला स्टॉक बना दिया है.

अचानक आई गिरावट की असली वजह

बाजार में इस शानदार शेयर के अचानक क्रैश होने के पीछे बीमा रेगुलेटर आईआरडीएआई का एक नया प्रस्ताव है. हाल ही में इंश्योरेंस रेगुलेटर ने एक कंसल्टेशन पेपर पेश किया है. इसमें बीमा पॉलिसियों की बिक्री पर मिलने वाले कमीशन के नियमों में बड़े बदलाव करने की बात कही गई है. अगर ये प्रस्ताव नियम बनकर लागू हो जाता है, तो बीमा कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर्स और एजेंट की कमाई पर इसका सीधा असर पड़ेगा. पीबी फिनटेक की कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स बेचने से ही आता है. ऐसे में नए नियमों के कारण कंपनी की कमाई में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है. इसी खतरे को भांपते हुए शेयर बाजार में जमकर बिकवाली हो रही है.

ब्रोकरेज फर्मों ने भी घटा दी स्टॉक की रेटिंग

शेयर में लगातार हो रही बिकवाली से मार्केट के जानकारों ने भी स्टॉक पर अपना रुख बदल लिया है. कई दिग्गज ब्रोकरेज हाउस ने इस शेयर पर अपने टारगेट प्राइस में कटौती की है. एचएसबीसी ने इसे डाउनग्रेड करते हुए अपनी रेटिंग ‘बाय’ से घटाकर ‘होल्ड’ कर दी है. वहीं दोलत कैपिटल ने इससे भी आगे बढ़कर स्टॉक पर अपनी रेटिंग घटाकर ‘सेल’ कर दी है. इसके अलावा मैक्वायरी ने अपनी रेटिंग घटाकर ‘न्यूट्रल’ कर दी है. इन तीनों ही बड़ी ब्रोकरेज फर्मों ने पीबी फिनटेक के लिए अब 1,150 रुपये का नया टारगेट प्राइस तय किया है. इन रेटिंग्स से साफ पता चलता है कि आने वाले समय में इस कंपनी के शेयरों की बाजार में वापसी काफी मुश्किल होने वाली है.

आईपीओ में पैसा लगाने वालों को लगा बड़ा झटका

पीबी फिनटेक ने करीब पांच साल पहले 2021 में अपना आईपीओ बाजार में पेश किया था. कंपनी ने 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले शेयर को निवेशकों को 980 रुपये के भाव पर इश्यू किया था. बाजार में इसकी शानदार प्रीमियम लिस्टिंग हुई थी. साल 2023 के बाद से तो इस शेयर में निवेशकों को एकतरफा तेजी देखने को मिली थी. इस बंपर तेजी ने उन निवेशकों को बहुत खुश कर दिया था जिन्हें आईपीओ में शेयर अलॉट हुए थे. लेकिन अब रेगुलेटरी बदलाव के एक छोटे से झटके ने उन सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. जिन लोगों ने लंबे मुनाफे के लिए पैसा लगाया था, वो अब नुकसान की चिंता में हैं.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.