भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की अक्टूबर बैठक पर बाजार की नजर है. छह सदस्यों वाली MPC की बैठक 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक होगी. इस बैठक में महंगाई, आर्थिक गतिविधियों और ब्याज दरों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी. RBI 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे मौद्रिक नीति का फैसला घोषित करेगा.

अभी 5.25% है रेपो रेट

RBI ने अगस्त 2026 की पिछली MPC बैठक में रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा था. इससे पहले 2025 में केंद्रीय बैंक ने कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती की थी. अब महंगाई और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में बदलाव के बीच बाजार में रेपो रेट बढ़ने की चर्चा तेज हो गई है.

रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को कम अवधि के लिए पैसा देता है. इसमें बदलाव होने पर बैंकिंग सिस्टम में कर्ज की लागत प्रभावित हो सकती है. इसका असर होम लोन, कार लोन और दूसरे कर्ज की ब्याज दरों पर भी पड़ सकता है.

25 बेसिस पॉइंट बढ़ोतरी का अनुमान

18 से 28 सितंबर के बीच हुए Reuters के अर्थशास्त्रियों के सर्वे में करीब 60% यानी 61 में से 35 अर्थशास्त्रियों ने अक्टूबर बैठक में रेपो रेट 25 बेसिस पॉइंट बढ़कर 5.50% होने का अनुमान जताया था. अगर ऐसा होता है तो फरवरी 2023 के बाद यह पहली रेपो रेट बढ़ोतरी होगी.

महंगाई के आंकड़े भी इस चर्चा की एक वजह हैं. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। अगस्त 2026 में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82% हो गई, जो RBI के 4% के मध्यम अवधि के लक्ष्य से लगातार तीसरे महीने ऊपर रही. ऊर्जा और खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी से भी महंगाई का दबाव बढ़ा है.

ग्लोबल ब्याज दरों और रुपये पर भी नजर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व समेत कुछ प्रमुख केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों में बदलाव का असर भी RBI के फैसले पर चर्चा में है. इसके अलावा कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और रुपये की कमजोरी भी बाजार के लिए अहम मुद्दे हैं. ऐसे माहौल में RBI के सामने महंगाई और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती होगी.

7 अक्टूबर को मिलेगा जवाब

RBI की MPC बैठक 5 से 7 अक्टूबर तक चलेगी. 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे गवर्नर संजय मल्होत्रा मौद्रिक नीति का फैसला बताएंगे. इसके बाद दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी. RBI के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर दोनों कार्यक्रमों को लाइव देखा जा सकेगा.

फिलहाल रेपो रेट बढ़ाने को लेकर बाजार में अनुमान हैं, लेकिन अंतिम फैसला MPC ही करेगी. इसलिए 7 अक्टूबर की घोषणा से यह साफ होगा कि RBI मौजूदा 5.25% दर को बरकरार रखता है या ब्याज दरों में बदलाव करता है.