Bhagalpur News: उसे पत्नी के महंगे शौक पूरे करने थे और लग्जरी लाइफ जीनी थी. इसके लिए उसे चाहिए था बेशुमार पैसा. फिर उसने जो मास्टरप्लान बनाकर सरकारी खजाने से लाखों रुपये उड़ाए, उस तरीके को जानकर हर कोई सन्न रह गया. कहानी है बिहार में भागलपुर के अविनाश राज की. शिक्षा कार्यालय में संविदा पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश राज ने अधिकारियों का भरोसा जीतकर 98,12,773 का विशाल गबन कर डाला. नौकरी से बर्खास्त होने के बाद भी वह लिपिक की गोपनीय ID से फर्जी शिक्षिका के नाम पर सरकारी पैसे ट्रांसफर करता रहा. पुलिस ने सर्विलांस की मदद से फरार चल रहे इस महाठग को बांका जिले से गिरफ्तार कर लिया है.

अविनाश राज अपनी कुशल कार्यशैली और तकनीकी पकड़ के बल पर विभागीय अधिकारियों का खास बन गया था. साल 2021 में लागू हुई मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली की बारीकियों को समझकर उसने वेतन बिल तैयार करने में महारत हासिल कर ली थी. उसके काम में गड़बड़ियों के कारण विभाग ने 9 जून 2026 को उसे सेवामुक्त कर दिया था.

बर्खास्त होने के बावजूद अविनाश ने लिपिक शिशिर कुमार झा की गोपनीय लॉगिन आईडी का इस्तेमाल जारी रखा. वह एक काल्पनिक शिक्षिका के नाम पर लगातार वेतन और एरियर की अवैध राशि ट्रांसफर करता रहा.

फरीदाबाद के बैंक खाते से खुला मनी ट्रेल का राज

वित्तीय जांच के दौरान सामने आए मनी ट्रेल ने जांच एजेंसियों के होश उड़ा दिए.

जुलाई 2026: फर्जी शिक्षिका के नाम पर 43,62,168 रुपयों का विपत्र पास कराया गया.

अगस्त 2026: उसी फर्जी नाम पर 46,95,775 रुपयों का दूसरा बिल पास कराया गया.

हरियाणा कनेक्शन: गबन की पूरी राशि सीधे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया , फरीदाबाद स्थित खाता संख्या 38658373122 में भेजी जाती थी.

यूपीआई से पैसों की बंदरबांट: फरीदाबाद के खाते से यूपीआई के जरिए यह रकम अविनाश, उसकी पत्नी काजल, जमीन कारोबारी गौतम कुमार और तनुजा देवी के निजी खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी.

46 लाख फ्रीज, जमीन कारोबारी के पास मिले 28 लाख

घोटाले की भनक लगते ही जांच टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए संदिग्ध बैंक खातों में मौजूद 46 लाख रुपये की राशि को तुरंत होल्ड करा दिया. इसके अलावा, वित्तीय जांच में जमीन के कारोबार से जुड़े गौतम कुमार के यूपीआई खाते में लगभग 28 लाख रुपये पाए गए. पुलिस को अंदेशा है कि बाकी बचे रुपयों से अवैध अचल संपत्तियां और लग्जरी सामान खरीदे जा चुके हैं, जिसके लिए बैंक स्टेटमेंट्स खंगाले जा रहे हैं.

पत्नी के साथ महंगे हिल स्टेशन टूर, 2 कार, बुलेट और 3 प्लॉट

मामूली मानदेय पाने वाले अविनाश की लाइफस्टाइल पिछले दो सालों में अचानक बदल गई थी. अपनी पत्नी काजल की ख्वाहिशें पूरी करने के लिए उसने गबन के पैसों को पानी की तरह बहाया. अविनाश ने गबन की काली कमाई से 2 महंगी कारें, 1 बुलेट मोटरसाइकिल और 3 अलगअलग प्राइम लोकेशंस पर कीमती जमीनों के प्लॉट खरीदे. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। उसने अपनी पत्नी काजल के साथ दार्जिलिंग, मनाली और सिक्किम जैसे महंगे हिल स्टेशनों की सैर की.

हैरान करने वाला सच: 9 जून 2026 को जब उसे नौकरी से हटाया जा रहा था, तब भी वह सिक्किम में छुट्टियां मना रहा था. शिक्षिका मां का बेटा होने के बावजूद उसने इस घिनौने अपराध को बेझिझक अंजाम दिया.

फोन पर गुनाह कबूला, बांका से धरा गया

गबन का पर्दाफाश होने के बाद जब शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अविनाश से फोन पर जवाब तलब किया, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने गिड़गिड़ाते हुए अधिकारियों के सामने 20 लाख रुपये तुरंत वापस करने की पेशकश की. हालांकि, उसकी शर्त यह थी कि विभाग उसके खिलाफ कोई एफआईआर या कानूनी शिकायत दर्ज न कराए. अधिकारियों ने उसकी इस अनुचित शर्त को सिरे से खारिज कर दिया. इसके बाद अविनाश मोबाइल बंद कर भागलपुर से फरार हो गया, लेकिन डीआईओयू और पुलिस टीम ने सर्विलांस के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रैक कर उसे बांका जिले से गिरफ्तार कर लिया.