Arrah News: बिहार के भोजपुर जिले के आरा शहर में शनिवार की सुबह एक सनसनीखेज वारदात से कानूनव्यवस्था की धज्जियां उड़ गईं. अपने बच्चों को सुरक्षित स्कूल छोड़कर घर लौट रहे 36 वर्षीय हार्डवेयर कारोबारी उपेंद्र कुमार सिंह की दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई. अपाचे बाइक पर सवार होकर आए तीन नकाबपोश अपराधियों ने कारोबारी को घेरकर उनके सिर में बेहद करीब से गोली मारी और मौके से आसानी से फरार हो गए. घटना के बाद गंभीर हालत में कारोबारी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस खौफनाक वारदात से इलाके में दहशत का माहौल है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान संदेश थाना क्षेत्र के बड़िहां गांव निवासी उपेंद्र कुमार सिंह के रूप में हुई है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। वर्तमान में वह आरा के नवादा थाना क्षेत्र के गोढ़ना रोड स्थित गौतम बुद्ध नगर में अपना मकान बनाकर परिजनों के साथ रहते थे. वह न्यू बहिरो इलाके में हार्डवेयर की दुकान चलाते थे. परिजनों ने बताया कि उपेंद्र शनिवार सुबह ही पटना जिले के पालीगंज स्थित अपने ससुराल से आरा पहुंचे थे.

सुबह अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद जब वह बाइक से लौट रहे थे, तभी बिहारी मिल स्थित सूर्य मंदिर के समीप पुल पर पहले से घात लगाए तीन बदमाशों ने उन्हें घेर लिया. हमलावरों ने उपेंद्र के सिर में सटाकर गोली मार दी. गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े, जबकि आरोपी अपनी बाइक से फरार हो गए.

जमीन विवाद या लेनदेन? जांच में जुटी पुलिस और फोरेंसिक टीम

वारदात की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ1 सुशील कुमार और नवादा थानाध्यक्ष कुमार रजनीकांत दलबल के साथ सदर अस्पताल पहुंचे. पुलिस हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए कई बिंदुओं पर जांच कर रही है. पुलिस पुरानी व्यक्तिगत रंजिश, व्यावसायिक दुश्मनी, जमीन विवाद और पैसों के लेनदेन जैसे सभी कोणों पर तफ्तीश कर रही है. शहर से बाहर जाने वाले सभी रास्तों पर नाकेबंदी कर दी गई है. घटनास्थल और मुख्य सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि अपराधियों का सुराग मिल सके. पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है.

एक साल पहले पिता का हुआ था निधन, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

हार्डवेयर कारोबारी उपेंद्र कुमार सिंह अपने घर के बड़े बेटे थे और पूरे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहे थे. मृतक दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े थे. उनके छोटे भाई सत्येंद्र कुमार सिंह भारतीय सेना में कार्यरत हैं. परिजनों ने बताया कि लगभग एक साल पहले ही बीमारी के कारण उनके पिता बैजनाथ यादव का निधन हुआ था. अब घर के बड़े बेटे की हत्या से परिवार के सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है. बच्चों को स्कूल छोड़कर घर लौटते पिता की इस तरह हत्या हो जाने से परिजनों का रोरोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.