तेलंगाना के खम्मम जिले में बीमारी और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे एक सरकारी शिक्षक ने सुसाइड कर लिया. शिक्षक ने अपने बच्चों की अच्छी तरह देखभाल करने की अपील करते हुए एक चिट्ठी लिखी और सागर नहर में छलांग लगा दी. घटना पेनुबल्ली मंडल के कोठा कारायिगुड़ेम गांव की है. सूचना मिलने के बाद पुलिस ने गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की. करीब 10 घंटे की मशक्कत के बाद उनका शव बरामद किया गया.

मृतक की पहचान 50 वर्षीय दोड्डपुनेनी वेंकटेश्वर राव के रूप में हुई है. वह कोठा कारायिगुड़ेम गांव के रहने वाले थे और कोंड्रुपाडु गांव में हिंदी शिक्षक के पद पर कार्यरत थे. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि वेंकटेश्वर राव पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से परेशान थे. इलाज के लिए उन्हें अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे और इस पर बड़ी रकम खर्च हो रही थी.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बीमारी के साथसाथ इलाज के बढ़ते खर्च ने उनकी आर्थिक स्थिति पर भी असर डाला था. वह आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे थे. इन परिस्थितियों के बीच वह कथित तौर पर मानसिक तनाव से गुजर रहे थे.

बच्चों की देखभाल करने की अपील

जानकारी के मुताबिक, वेंकटेश्वर राव ने यह कदम उठाने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था. इसमें उन्होंने अपने बच्चों की अच्छी तरह देखभाल करने की अपील की. चिट्ठी में उन्होंने यह भी लिखा कि वह अत्यधिक तनाव सहन नहीं कर पा रहे हैं और इसी वजह से परिवार से दूर जा रहे हैं.

इसके बाद वह सागर नहर में कूद गए. घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों और पुलिस को इसकी सूचना दी गई. परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद साबित हुई. जिस व्यक्ति पर परिवार की जिम्मेदारी थी, उसकी अचानक मौत से परिजन सदमे में हैं.

10 घंटे तक चला तलाशी अभियान

नहर में शिक्षक के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने गोताखोरों की सहायता से तलाशी अभियान शुरू किया. टीम ने काफी देर तक नहर में उनकी तलाश की. करीब 10 घंटे की मशक्कत के बाद घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर वेंकटेश्वर राव का शव मिला.

इसके बाद पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और मामले में जरूरी कानूनी प्रक्रिया शुरू की. पुलिस ने केस दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों की ओर से मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है.

परिवार में पत्नी और दो बच्चे, गांव में शोक

वेंकटेश्वर राव के परिवार में उनकी पत्नी लक्ष्मी, एक बेटी और एक बेटा हैं. परिवार के मुखिया की मौत से घर में दुख का माहौल है. वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई.

यह घटना याद दिलाती है कि बीमारी और आर्थिक परेशानियों के दौरान मानसिक तनाव को अकेले सहना बेहद मुश्किल हो सकता है. ऐसी स्थिति में परिवार, दोस्तों या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करना और समय रहते मदद लेना महत्वपूर्ण है.