HDFC Bank Secret Leak: मार्केट वैल्यू के हिसाब से देश के सबसे बड़े बैंक HDFC Bank की पहचान पिछले तीन दशकों से एक बेहद सुरक्षित और मजबूत नियमकायदों वाले संस्थान की रही है. करीब 115 अरब डॉलर की मार्केट वैल्यू वाले इस बैंक पर दुनिया भर के निवेशकों का गहरा भरोसा रहा है. लेकिन आजकल ये बैंक अपने ही घर के अंदर उठे एक बड़े विवाद की वजह से चर्चा में है. इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक के अंदर से बेहद संवेदनशील और गोपनीय जानकारी बाहर लीक होने का गंभीर मामला पकड़ में आया है.

सीक्रेट लीक होने से मचा हड़कंप

पूरे मामले की शुरुआत तब हुई, जब बैंक के कुछ बड़े लीडर्स को ये शक हुआ कि संस्थान की गोपनीय जानकारियां बाहर जा रही हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक आंतरिक जांच शुरू की गई. इस मामले से जुड़े लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जांच में पुख्ता सबूत मिले हैं. पता चला है कि बैंक के ही दो सीनियर अधिकारियों ने बिजनेस से जुड़ी गुप्त रणनीति और बाजार को प्रभावित करने वाली संवेदनशील जानकारियां बाहरी लोगों को दी हैं. जिन दो अधिकारियों पर ये आरोप लगा है, वे बैंक के बेहद अहम बिजनेस और कामकाज की जिम्मेदारी संभालते हैं.

बैंक अभी भी कर रही जांच

बैंक की ये अंदरूनी जांच अभी खत्म नहीं हुई है. जांच टीम अब इस बात का पता लगा रही है कि बाहरी लोगों को जो गुप्त जानकारी दी गई, क्या उसका कहीं गलत इस्तेमाल भी किया गया है. इस साल की शुरुआत में ही जांच रिपोर्ट और उससे जुड़े तथ्यों की जानकारी बैंक के सीनियर मैनेजमेंट और बोर्ड के कुछ सदस्यों को दे दी गई थी. इसके बाद दोनों संबंधित अधिकारियों को भी औपचारिक तौर पर जांच के नतीजों से अवगत करा दिया गया है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। हालांकि अभी ये साफ नहीं है कि इन दोनों अफसरों के खिलाफ क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

इस पूरे प्रकरण पर HDFC Bank के प्रवक्ता ने ईमेल के जरिए दिए जवाब में माना कि आंतरिक समीक्षा चल रही है. प्रवक्ता ने कहा कि बैंक की नीतियों के तहत सभी जरूरी तथ्यों को जुटाने और उनका आकलन करने के लिए आंतरिक जांच जारी है. समीक्षा पूरी होने के बाद निष्कर्षों के आधार पर उचित कदम उठाया जाएगा. हालांकि बैंक ने जांच के नतीजों या इसमें शामिल अधिकारियों के नामों पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. बैंक का कहना है कि वो नैतिकता और गवर्नेंस के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और नियमों के उल्लंघन की किसी भी शिकायत को पूरी गंभीरता से लेता है.

नए सीईओ अनूप बागची के सामने बड़ी चुनौती

साल 1994 में जब भारत ने अपने वित्तीय क्षेत्र को निजी प्रतिस्पर्धा के लिए खोला था, तब HDFC Bank की नींव रखी गई थी. भारत में बढ़ती आमदनी और कंज्यूमर क्रेडिट के विस्तार में पैसा लगाने वाले अंतरराष्ट्रीय फंड मैनेजरों के लिए ये बैंक हमेशा से पहली पसंद रहा है. तीन दशकों तक इसने सधे हुए प्रबंधन और लगातार मुनाफे की अपनी छवि बनाए रखी.

लेकिन इस साल बैंक के शेयरों में करीब 28 फीसदी की बड़ी गिरावट आ चुकी है. अब बैंक में पहली बार किसी बाहरी व्यक्ति को सीईओ बनाया जा रहा है. प्रतिद्वंद्वी ICICI ग्रुप के दिग्गज रहे अनूप बागची आगामी 27 अक्टूबर को HDFC Bank के नए सीईओ का पद संभालने वाले हैं.