भारतीय क्रिकेट में रोहित शर्मा का नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं है, लेकिन साल 2026 में उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं लगातार तेज रही हैं। कभी खराब प्रदर्शन के कारण सवाल उठे, तो कभी उनकी एक बड़ी पारी ने आलोचकों को चुप करा दिया। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या चयनकर्ता उन्हें 2027 विश्व कप की योजनाओं से बाहर कर सकते हैं या रोहित अपने प्रदर्शन से सभी को गलत साबित करेंगे?

शुरुआत में लड़खड़ाया बल्ला, फिर मचाया धमाल
साल 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला रोहित शर्मा के लिए अच्छी नहीं रही। उन्होंने तीन मुकाबलों में 26, 24 और 11 रन बनाए। इसके बाद अफगानिस्तान के खिलाफ भी उनका प्रदर्शन मिलाजुला रहा। हालांकि, इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मुकाबले में रोहित शर्मा ने शानदार वापसी की और 110 गेंदों पर 138 रन ठोक दिए।
इस पारी में उन्होंने 17 चौके और 5 छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी ने एक बार फिर साबित किया कि जब रोहित अपनी लय में होते हैं, तो किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के सामने बड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं।
वेस्टइंडीज के खिलाफ आंकड़ों ने बदली कहानी
वेस्टइंडीज के खिलाफ सितंबर 2026 में रोहित का बल्ला जमकर बोला। पहले मुकाबले में उन्होंने 35 गेंदों पर 32 रन बनाए। दूसरे एकदिवसीय मैच में 75 गेंदों पर 101 रन की शतकीय पारी खेली, जबकि तीसरे मुकाबले में 85 गेंदों पर 92 रन बनाए।
इन तीन पारियों में रोहित ने कुल 225 रन बनाए। अगर 2026 के उपलब्ध एकदिवसीय आंकड़ों पर नजर डालें, तो उन्होंने 9 पारियों में 461 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक शामिल हैं। उनका औसत 51.22 और स्ट्राइक रेट 101.77 रहा है। ये आंकड़े बताते हैं कि उनके प्रदर्शन को केवल कुछ खराब पारियों के आधार पर नहीं आंका जा सकता।
क्या Rohit Sharma को जबरदस्ती लेना पड़ेगा संन्यास?
रोहित शर्मा के भविष्य पर बहस की एक बड़ी वजह 2027 का एकदिवसीय विश्व कप है। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। चयनकर्ताओं को आने वाले समय में युवा खिलाड़ियों को भी मौके देने होंगे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि रोहित को जबरदस्ती संन्यास लेना पड़ेगा। सितंबर 2026 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने रोहित के संन्यास को लेकर चल रही अटकलों को खारिज किया था और उनके प्रदर्शन की तारीफ की थी।
फिलहाल, रोहित शर्मा के आंकड़े उनके पक्ष में नजर आते हैं। हालांकि, विश्व कप में उनकी जगह का अंतिम फैसला चयनकर्ताओं की योजना, फिटनेस और आगे के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि उन्हें टीम से बाहर करने का फैसला हो चुका है।



