
कोर्ट (सांकेतिक तस्वीर)Image Credit source: getty image
दुबई से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. यहां एक पति ने अपने ही बेटे के साथ मिलकर पत्नी के घर से करोड़ों रुपये के गहने, महंगी घड़ियां और नकदी चोरी कर ली. मामला अदालत तक पहुंचा तो पति और बेटे को जेल की सजा भी हुई, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. पत्नी ने चोरी हुए सामान के अलावा मानसिक और आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. अब अदालत ने ऐसा फैसला सुनाया है, जिसके तहत पति और बेटे को मिलकर करीब 40 करोड़ रुपये चुकाने होंगे.
दरअसल, दुबई की एक अदालत ने पति और उसके बेटे को पत्नी के कीमती सामान की चोरी के मामले में कुल 16.1 मिलियन दिरहम यानी लगभग 40 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है. इसमें 15.1 मिलियन दिरहम चोरी किए गए सामान की कीमत है, जबकि बाकी 1 मिलियन दिरहम पत्नी को हुए आर्थिक और मानसिक नुकसान के बदले दिए जाएंगे.
बेटे के साथ मिलकर चुराए करोड़ों के गहने
खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पति और पत्नी के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था. दोनों के रिश्तों में तनाव इतना बढ़ गया था कि मामला गंभीर हो गया. इसी दौरान पति ने अपने बेटे के साथ मिलकर घर में रखे पत्नी के कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया. आरोप था कि दोनों ने घर से सोने और हीरे के 100 से ज्यादा गहने, महंगी घड़ियां और बड़ी मात्रा में नकदी चोरी कर ली. चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब 15.1 मिलियन दिरहम आंकी गई. भारतीय मुद्रा में यह रकम कई करोड़ रुपये बैठती है.
जब पत्नी को इस चोरी का पता चला तो उसने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी. मामला क्रिमिनल कोर्ट पहुंचा, जहां जांच और सुनवाई के बाद पति और बेटे को चोरी का दोषी पाया गया. अदालत ने दोनों को एक-एक साल जेल की सजा सुनाई. इसके साथ ही 15.1 मिलियन दिरहम का जुर्माना भी लगाया गया. यानी दोनों को चोरी किए गए सामान की पूरी कीमत चुकाने का आदेश दिया गया. क्रिमिनल कोर्ट के फैसले के बाद भी पत्नी की कानूनी लड़ाई खत्म नहीं हुई. उसका कहना था कि सिर्फ चोरी हुए सामान की कीमत वापस मिलने से उसके साथ हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती. उसे इस पूरे मामले के कारण आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी है. इसी आधार पर पत्नी ने सिविल कोर्ट में अलग से मुकदमा दायर किया और 50 मिलियन दिरहम यानी करीब 125 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की.
अब भरने होंगे 40 करोड़ रुपये
पत्नी ने अदालत को बताया कि जब उसका कीमती सामान चोरी हुआ था, उसके बाद से सोने की कीमतों में काफी तेजी आई है. उसके मुताबिक, सोने के दाम में कम से कम 70 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है. अगर उसके गहने उसके पास होते तो वह इस बढ़ी हुई कीमत का फायदा उठा सकती थी. इस आधार पर उसने करीब 11 मिलियन दिरहम के संभावित मुनाफे के नुकसान का दावा किया. इसके अलावा पत्नी ने मानसिक परेशानी के लिए भी करीब 23.9 मिलियन दिरहम के मुआवजे की मांग की. उसका कहना था कि पति और बेटे की इस हरकत ने उसे गहरा मानसिक आघात पहुंचाया. जिस परिवार पर उसे भरोसा था, उसी के लोगों ने उसके साथ धोखा किया.
सिविल कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक अहम बात सामने आई. अदालत ने कहा कि क्रिमिनल कोर्ट के अंतिम फैसले में यह पहले ही साबित हो चुका है कि पति और बेटे ने चोरी की थी. इसलिए अब दोबारा चोरी के आरोपों पर विचार करने की जरूरत नहीं थी. सिविल कोर्ट के सामने मुख्य सवाल यह था कि पत्नी को कितना आर्थिक और मानसिक नुकसान हुआ है और उसके लिए कितने मुआवजे का भुगतान किया जाना चाहिए.
अदालत ने माना कि पत्नी 18 महीने से ज्यादा समय तक अपने कीमती सामान से दूर रही. इस दौरान वह न तो अपने गहनों और घड़ियों का इस्तेमाल कर सकी और न ही उनका कोई फायदा उठा पाई. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इसके अलावा, अपना सामान वापस पाने के लिए उसे लंबे समय तक कानूनी लड़ाई भी लड़नी पड़ी. इस पूरी प्रक्रिया में उसे मानसिक तनाव और कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा.
हालांकि, अदालत ने सोने की कीमत बढ़ने के कारण संभावित मुनाफे के नुकसान वाले दावे को स्वीकार नहीं किया. कोर्ट का कहना था कि मुआवजा उसी नुकसान के लिए दिया जा सकता है, जो वास्तव में हुआ हो और जिसे साबित किया जा सके. भविष्य में मिल सकने वाले संभावित फायदे को वास्तविक नुकसान नहीं माना जा सकता.
सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद सिविल कोर्ट ने पति और उसके बेटे को संयुक्त रूप से 16.1 मिलियन दिरहम चुकाने का आदेश दिया. इसमें 15.1 मिलियन दिरहम चोरी किए गए गहनों, घड़ियों और नकदी की कीमत के रूप में देने होंगे. वहीं, 1 मिलियन दिरहम पत्नी को हुए आर्थिक और मानसिक नुकसान की भरपाई के तौर पर देने होंगे.
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इस तरह पति और बेटे को कुल करीब 40 करोड़ रुपये चुकाने होंगे. यह मामला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि इसमें पति और बेटे ने मिलकर घर की ही महिला के कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया. अदालत के फैसले ने साफ कर दिया कि चोरी के साथ-साथ उससे हुए वास्तविक नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी भी आरोपियों की होगी.



