Faridabad Crime News: फरीदाबाद के पॉश इलाके सेक्टर21C में धनतेरस की शाम हुए सनसनीखेज हत्याकांड में नए और बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. महज 4 महीने पुराने डॉगी को शौच कराने और कार पार्किंग के मामूली विवाद ने ऐसा खूनी रूप ले लिया कि सिंगापुर स्थित सॉफ्टवेयर कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर 45 वर्षीय परमजीत धनकड़ को उनकी ही सोसाइटी में गोलियों से भून दिया गया. इस हत्याकांड को कैसे अंजाम दिया गया, इसकी पूरी कहानी जानते हैं विस्तार से…

मूल रूप से हिसार के गांव रावलवास के रहने वाले परमजीत धनकड़ टेक महिंद्रा कंपनी में पूर्व पूर्वएशिया हेड रह चुके थे. पिछले डेढ़दो साल से वे वियतनाम/सिंगापुर की एक बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी में बतौर COO पदस्थ थे. परमजीत के पिता मांगेराम भारतीय नौसेना से ऑनरेरी लेफ्टिनेंट पद से सेवानिवृत्त हैं. परमजीत अपने मातापिता के अकेले बेटे थे. परिवार पिछले 15 सालों से फरीदाबाद में रह रहा था.
घर में उनकी पत्नी दीक्षा , 18 वर्षीय बेटा शौर्य , और 7वीं में पढ़ने वाली छोटी बेटी हैं. परमजीत एडवेंचर और राइडिंग के बेहद शौकीन थे. वे मशहूर बाइकर्स ग्रुप ‘DREI’ के सक्रिय सदस्य थे और बाइक से नेपाल तक की लंबी राइड पूरी कर चुके थे. वे 4 नवंबर को ही सिंगापुर से फरीदाबाद आए थे. वे न केवल दिवाली और धनतेरस का त्योहार परिवार संग मनाने आए थे, बल्कि 24 नवंबर को उनके भांजे विराज पंवार की शादी भी तय थी.
4 महीने पुराने डॉगी विवाद से मर्डर तक: कैसे रचा गया खूनी खेल
आरोपी मोहन शर्मा और परमजीत के परिवार के बीच पिछले 4 महीनों से पालतू डॉगी को पड़ोसी के घर के सामने शौच कराने और गाड़ियों की पार्किंग को लेकर लगातार झगड़े हो रहे थे.
22 अक्टूबर: पार्किंग गेट पर लात मारकर तोड़फोड़
परमजीत जब विदेश में थे, तब आरोपी मोहन शर्मा ने उनके फ्लैट के पार्किंग गेट पर लात मारकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया था. परिवार ने विवाद से बचने के लिए उस समय बात दबा दी थी.
धनतेरस की दोपहर: अनखीर चौकी में शिकायत व धमकी
धनतेरस के दिन परमजीत के बेटे शौर्य ने आरोपी से गेट ठीक कराने को कहा, जिस पर आरोपी ने बदतमीजी की. इसके बाद परमजीत शिकायत लेकर अनखीर पुलिस चौकी पहुंचे. आरोप है कि वहां आरोपी ने चौकी इंचार्ज को भी धमकाया, लेकिन पुलिस ने मामले को तूल न देते हुए समझौता कराकर दोनों को घर भेज दिया.
धनतेरस की शाम 8:30 बजे: घर से बुलाकर अंधाधुंध फायरिंग
आरोपी मोहन शर्मा ने परमजीत के फ्लैट की घंटी बजाई और बातचीत कर विवाद खत्म करने के बहाने उन्हें नीचे बुलाया. जैसे ही परमजीत नीचे आए, आरोपी ने पूछा “कभी विधवा औरत देखी है?” और तुरंत बैग से पिस्तौल निकालकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी.
बेटे पर भी 3 राउंड फायर, कार के पीछे छिपकर बची जान
आरोपी ने 2 पिस्तौलों से 15 से 16 राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से 8 से 9 गोलियां परमजीत को लगीं. आरोपी ने उनके 18 साल के बेटे शौर्य पर भी 3 राउंड गोलियां दागीं, जिसने खड़ी कार के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई.
पुलिस कार्रवाई और आधिकारिक बयान
फरीदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच30 ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य हत्यारोपी मोहन उर्फ मोनू शर्मा को दबोच लिया है. उसके पास से वारदात में इस्तेमाल 2 लाइसेंसी पिस्तौलें और 100 राउंड गोलियों से भरा एक बैग जब्त किया गया है. मृतक के बेटे शौर्य की शिकायत पर सूरजकुंड थाना पुलिस ने मोहन शर्मा, उसकी पत्नी दिव्या, बेटे मयंक, बेटी नैना और भाई हेतराम के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश का केस दर्ज कर लिया है.
फरीदाबाद पुलिस पीआरओ यशपाल ने बताया दोनों पक्षों में पहले डॉगी को शौच कराने और कार पार्किंग को लेकर अनबन रहती थी, जिसमें ये खुद ही समझौता कर लेते थे. क्राइम ब्रांच30 ने मुख्य आरोपी स्क्रैप कारोबारी मोहन शर्मा उर्फ मोनू को गिरफ्तार कर उसके पास से 2 लाइसेंसी पिस्तौल और करीब 100 राउंड गोलियां बरामद की हैं. हालांकि, आरोपी की पत्नी दिव्या, बेटा मयंक, बेटी नैना और भाई हेतराम अभी फरार हैं.



