प्रेग्नेंसी हर महिला के जीवन का एक खास दौर होता है. इस समय शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, इसलिए खानपान के साथसाथ रोजमर्रा की आदतों का भी खास ध्यान रखना जरूरी होता है. कई महिलाओं के मन में यह सवाल रहता है कि प्रेग्नेंसी के दौरान कितना आराम करना चाहिए और क्या इस दौरान टहलना सुरक्षित है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इसी वजह से वे अक्सर शारीरिक एक्टिविटी को लेकर उलझन में रहती हैं.

अगर प्रेग्नेंसी सामान्य है और डॉक्टर ने किसी तरह की रोक नहीं लगाई है, तो रोज कुछ समय टहलना एक अच्छी आदत हो सकती है. टहलना शरीर को एक्टिव रखने का आसान तरीका है और इसे ज्यादातर महिलाएं आसानी से कर सकती हैं. यही कारण है कि डॉक्टर भी सामान्य प्रेग्नेंसी में हल्की शारीरिक एक्टिविटी करने की सलाह देते हैं. के अनुसार, सामान्य प्रेग्नेंसी में नियमित शारीरिक एक्टिविटी मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद मानी जाती है. आइए जानते हैं प्रेग्नेंसी में रोजाना टहलने से क्या फायदे मिलते हैं और किन महिलाओं को वॉक शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.

प्रेग्नेंसी में टहलने से मिलते हैं ये 5 बड़े फायदे

शरीर को एक्टिव रखने में मदद मिलती है

ACOG के अनुसार, नियमित वॉक करने से शरीर एक्टिव रहता है. इससे मांसपेशियां बेहतर तरीके से काम करती हैं और शरीर में एनर्जी बनी रहती है. हल्की शारीरिक एक्टिविटी प्रेग्नेंसी के दौरान रोजमर्रा के काम करने में भी आसानी देती है.

प्रेग्नेंसी में डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है

रोज टहलने से शरीर ब्लड शुगर को बेहतर तरीके से संभालने में मदद कर सकता है. ACOG के मुताबिक, नियमित शारीरिक एक्टिविटी
करने से प्रेग्नेंसी में होने वाली डायबिटीज का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है.

बहुत ज्यादा वजन बढ़ने से बचाव हो सकता है

प्रेग्नेंसी में कुछ वजन बढ़ना सामान्य है, लेकिन जरूरत से ज्यादा वजन कई परेशानियां बढ़ा सकता है. नियमित वॉक करने से वजन को संतुलित रखने में मदद मिलती है और शरीर फिट रहता है.

पीठ दर्द और शरीर की अकड़न कम हो सकती है

प्रेग्नेंसी बढ़ते वजन की वजह से कई महिलाओं को पीठ दर्द और शरीर में भारीपन महसूस होता है. रोज कुछ देर टहलने से शरीर में लचीलापन बना रहता है और इन परेशानियों से कुछ राहत मिल सकती है.

नॉर्मल डिलीवरी की तैयारी में मदद मिल सकती है

रोजाना वॉक करने से शरीर एक्टिव रहता है और सहनशक्ति बेहतर हो सकती है. नियमित शारीरिक एक्टिविटी प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के दौरान शरीर को बेहतर तरीके से तैयार रखने में मदद कर सकती है.

किन महिलाओं को वॉक शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए?

हर प्रेग्नेंट महिला की स्थिति एक जैसी नहीं होती. अगर किसी महिला को हाई ब्लड प्रेशर, गंभीर एनीमिया, दिल या फेफड़ों की बीमारी, बारबार ब्लीडिंग, समय से पहले डिलीवरी का खतरा, प्लेसेंटा से जुड़ी समस्या या जुड़वां बच्चों के साथ ऐसी प्रेग्नेंसी है जिसमें समय से पहले डिलीवरी का खतरा हो, तो वॉक शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

इसके अलावा अगर वॉक करते समय चक्कर आए, तेज दर्द हो, सांस लेने में परेशानी हो, ब्लीडिंग हो या प्राइवेट पार्ट से पानी निकलने लगे, तो तुरंत वॉक रोककर डॉक्टर से संपर्क करें.

प्रेग्नेंसी में वॉक करते समय किन बातों का रखें ध्यान?

वॉक हमेशा आरामदायक कपड़े और ग्रिप वाले जूते पहनकर करें. शुरुआत धीरेधीरे करें और अपनी क्षमता के अनुसार समय बढ़ाएं. बहुत तेज चलने या जरूरत से ज्यादा थकने से बचें. वॉक से पहले और बाद में पर्याप्त पानी पिएं, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो.

बहुत गर्म मौसम में धूप के समय टहलने से बचें और सुबह या शाम का समय चुनें. अगर वॉक करते समय चक्कर, तेज दर्द, सांस लेने में परेशानी या कोई दूसरी असामान्य परेशानी महसूस हो, तो तुरंत रुक जाएं और डॉक्टर से सलाह लें.