क्या आप भी iPhone छोड़कर  Android स्मार्टफोन खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो अब बिना किसी दिक्कत के मिनटों में पूरा डेटा ट्रांसफर किया जा सकता है। ऐसे में गूगल ने आपके कार्य को और  भी आसान कर दिया है। दरअसल, Android 17 के साथ कंपनी ने एक नया माइग्रेशन सिस्टम पेश किया है। इसकी मदद से आसानी से iPhone का डेटा,  Android फोन में ट्रांसफर किया जा सकता है। खासकर अब आपको इसके लिए किसी थर्डपार्टीएप्स की जरुरत नहीं है।
आपको बताते चलें कि, गूगल ने बताया है कि Android 17 में शामिल नया डेटा ट्रांसफर फीचर सेटअप प्रक्रिया के दौरान ही काम किया जा सकता है। इसका सीधा अर्थ यही है कि नया Android फोन चालू करते समय यूजर्स सीधे तौर पर अपने iPhone से जरुरी डेटा वायरलेस तरीके से कॉपी कर सकते हैं।
क्याक्या डेटा कर पाएंगे ट्रांसफर?
सबसे पहले आप सिर्फ फोटो, कॉन्टैक्ट्स और मैसेज जैसी सहित जानकारी ट्रांसफर की जा सकती थी, वही अब यह सुविधा काफी विस्तृत हो गई है। Android 17 के मध्यम से गूगल अकाउंट से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां नए फोन में लेकर आ सकते हैं।
वहीं, आप Google अकाउंट डिटेल्स, सेव किए सभी पासवर्ड, WiFi नेटवर्क के पासवर्ड और eSIM से संबंधित सभी जानकारी शामिल है। इससे नया फोन सेटअप करने में काफी समय लग सकता है और मेहनत की बचत होगी।
फिलहाल चुनिंदा डिवाइस पर मिल रहा है फीचर
गूगल ने यह भी कहा है कि, यह सिर्फ नए माइग्रेशन सिस्टम की शुरुआत अभी सीमिक डिवाइसों से की जा रही है। लेकिन, यह Android 17 का हिस्सा है और आने वाले समय में अन्य समर्थित स्मार्टफोन्स पर भी उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके बाद यूजर्स अपने पुराने iPhone की सेटिंग्स और जरुरी डेटा को आसानी से नए एंड्रॉयड फोन में ले जा सकते हैं।
ऐसे करेगा काम नया माइग्रेशन सिस्टम
वही, आप नया Android 17 डिवाइस सेट करेंगे, तो आपको iPhone या iPad से डेटा कॉपी करने का ऑप्शन नजर आएगा। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इस ऑप्शन को चुनते ही Android फोन एक QR Code जनरेट होगा। iPhone से उस QR Code को स्कैन करने पर दोनों डिवाइसों के बीच वायरलेस कनेक्शन स्थापित होगा।
जिसके बाद यूजर अपनी जरुरत के अनुसार, तय कर पाएंगे कि कौनसा डेटा नए फोन में ट्रांसफर करना है। Google ने यह भी कहा है कि डेटा ट्रांसफर शुरु करने से पहले दोनों डिवाइस पूरी तरह चार्ज हों, एक ही WiFi नेटवर्क से संबंधित हो और नए Android फोन में पर्याप्त स्टोरेज उपलब्ध हो। अगर स्टोरेज कम होगी, तो डेटा ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी नहीं होगी।