दक्षिण भारत अपनी खूबसूरती के साथ अपने हिल स्टेशन के लिए भी जाना जाता है. केरल, कर्नाटक, आंधप्रदेश और तमिलनाडु में कई हिल स्टेशन हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि दक्षिण के किस राज्य में सबसे ज्यादा हिल स्टेशन हैं. वो राज्य है तमिलनाडु. इस राज्य में नीलगिरी, पलानी, शेवरॉय और अनामलाई पहाड़ियों सहित कई पर्वत श्रृंखलाएं हैं. पश्चिमी और पूर्वी घाटों में फैले एक दर्जन से अधिक प्रसिद्ध पहाड़ी पर्यटन स्थल हैं.

तमिलनाडु में ऊटी, कोडाइकनाल, कुन्नूर, यरकौड, कोटागिरी, वलपराई, येलागिरी समेत कई हिल स्टेशन है. यहां के सबसे प्रसिद्ध हिल स्टेशनों में ऊटी शामिल है, जिसे हिल स्टेशनों की रानी के रूप में भी जाना जाता है, कोडाइकनाल को लोकप्रिय रूप से हिल स्टेशनों की राजकुमारी कहा जाता है.
कुन्नूर चाय बागानों और नीलगिरी माउंटेन रेलवे के लिए प्रसिद्ध है, येरकौड शेवरॉय पहाड़ियों में स्थित है, कोटागिरी नीलगिरी के सबसे पुराने हिल स्टेशनों में से एक है, वालपराई वन्यजीवों और चाय बागानों के लिए जाना जाता है और येलागिरी ट्रेकिंग और साहसिक गतिविधियों के लिए पसंदीदा स्थलों में से एक है.
तमिलनाडु के हिल स्टेशन क्यों हैं खास?
1 ऊटी: नीलगिरी की पहाड़ी पर बसा खूबसूरत हिल स्टेशन
ऊटी नीलगिरि पहाड़ों की गोद में बसा है और देश के सबसे मशहूर हिल स्टेशनों में से एक है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। यह अंग्रेजों के जमाने में मद्रास प्रेसिडेंसी की समर कैपिटल रहा और आज भी ठंडी आबोहवा, हरियाली और खूबसूरती के लिए जाना जाता है. यहां का तापमान सालभर 10 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है.
ऊटी.
- टॉय ट्रेन: ऊटी की सबसे बड़ी पहचान है यहां की टॉय ट्रेन, जिसे यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा दिया है. मेट्टुपालयम से ऊटी तक चलने वाली यह छोटी रेलगाड़ी घुमावदार पहाड़ी रास्तों, सुरंगों और पुलों से गुजरते हुए एक यादगार सफर कराती है.
टॉय ट्रेन.
- चाय के बागान: नीलगिरि की पहाड़ियां हरेभरे चाय बागानों से ढकी हैं. यहां का “नीलगिरि टी” अपने खास स्वाद और खुशबू के लिए दुनियाभर में मशहूर है.
- ऊटी झील: 1824 में बनाई गई यह कृत्रिम झील ऊटी के मुख्य आकर्षणों में से एक है. यहां बोटिंग के साथसाथ आसपास टहलने और पिकनिक मनाने का भी मजा लिया जा सकता है. इसक अलावा बॉटनिकल गार्डन भी यां के टूरिस्ट प्लेस जैसा है.
2 कोडाइकनाल हिल स्टेशन: प्रिंसेस ऑफ हिल स्टेशन्स
तमिलनाडु के पलानी पहाड़ियों की गोद में बसा कोडाइकनाल दक्षिण भारत के सबसे खूबसूरत और शांत हिल स्टेशनों में गिना जाता है. घने जंगलों, झीलों और कोहरे से ढकी वादियों की वजह से इसे “प्रिंसेस ऑफ हिल स्टेशन्स” कहा जाता है.
कोडाइकनाल स्टार लेक.
- तारे के आकार की झील: यहां का तापमान सालभर 10 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है. 1863 में बनाई गई यह तारे के आकार की कृत्रिम झील शहर के बीचोंबीच स्थित है. यहां बोटिंग के साथसाथ 5 किलोमीटर लंबे लेक ट्रैक पर साइकिलिंग और वॉकिंग का भी आनंद लिया जा सकता है.
- कोकर्स वॉक: यह एक संकरा पैदल रास्ता है जो पहाड़ी की किनारेकिनारे बना है, जहां से घाटी और मैदानी इलाकों का शानदार नजारा दिखता है. साफ मौसम में यहां से वैगई डैम तक की झलक देखी जा सकती है.
पिलर रॉक्स.
- पिलर रॉक्स: तीन विशाल चट्टानें जो सीधी खड़ी होकर आसमान की ओर उठती हैं, कोडाइकनाल का सबसे प्रसिद्ध प्राकृतिक आकर्षण हैं. सुबह के समय यहां कोहरे और धूप का मिलाजुला नजारा देखने लायक होता है.
- दुर्लभ कुरिंजी फूल: कोडाइकनाल की पहाड़ियों में पाया जाने वाला नीला कुरिंजी फूल 12 साल में एक बार खिलता है. यह दुर्लभ प्राकृतिक घटना पर्यटकों और वनस्पति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहती है.
3 कुन्नूर हिल स्टेशन: नीलगिरि की खूबसूरत और शांत वादी
तमिलनाडु के नीलगिरि पहाड़ों में ऊटी के बाद दूसरा सबसे बड़ा हिल स्टेशन कुन्नूर है. भीड़भाड़ से दूर, शांत माहौल और चाय बागानों की हरियाली के लिए यह जगह खासतौर पर जानी जाती है. यहां का तापमान सालभर 11 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है.
- सिम्स पार्क: 1874 में बना यह बॉटनिकल गार्डन कुन्नूर का सबसे प्रमुख आकर्षण है. करीब 12 हेक्टेयर में फैले इस पार्क में दुर्लभ पेड़पौधों की प्रजातियां, गुलाब की क्यारियां और शांत टहलने के रास्ते मौजूद हैं.
टॉय ट्रेन.
- नीलगिरि माउंटेन रेलवे का हिस्सा: मेट्टुपालयम से ऊटी जाने वाली यूनेस्को हेरिटेज टॉय ट्रेन कुन्नूर से होकर गुजरती है. यहां का रेलवे स्टेशन इस पूरे सफर के सबसे खूबसूरत पड़ावों में गिना जाता है.
- चाय के बागान और फैक्ट्रियां: कुन्नूर नीलगिरि की सबसे बड़ी चाय उत्पादक जगहों में से एक है. यहां की कई टी एस्टेट और फैक्ट्रियां पर्यटकों को चाय बनने की प्रक्रिया दिखाती हैं, साथ ही ताजा नीलगिरि टी खरीदने का मौका भी देती हैं.
डॉल्फिन नोज पॉइंट.
- डॉल्फिन्स नोज और लैम्ब्स रॉक: पहाड़ी की एक चट्टान जो दिखने में डॉल्फिन के नाक जैसी लगती है, यहां से घाटी और कैथरीन फॉल्स का मनोरम दृश्य दिखता है. घने जंगलों और चाय बागानों से घिरा यह व्यू पॉइंट कोयंबटूर के मैदानी इलाकों और कुन्नूर घाटी का शानदार नजारा पेश करता है.
- कैथरीन फॉल्स: नीलगिरि जिले का दूसरा सबसे ऊंचा झरना, जो दो चरणों में गिरता है. मानसून के बाद इसका पानी अपने पूरे वेग में देखने लायक होता है.
4 यरकौड हिल स्टेशन: शेवरॉय पहाड़ियों पर छिपा रत्न
तमिलनाडु के सलेम जिले में शेवरॉय पहाड़ियों की गोद में बसा यरकौड एक ऐसा हिल स्टेशन है जो अपनी सादगी, कॉफी बागानों और शांत झील के लिए जाना जाता है. कम भीड़भाड़ और किफायती सफर की वजह से इसे अक्सर “गरीबों का ऊटी” भी कहा जाता है.
- यरकौड झील: 1820 के दशक में बनाई गई यह प्राकृतिक झील शहर के बीचोंबीच स्थित है. यहां बोटिंग के साथसाथ झील किनारे बने पार्क में टहलने का भी आनंद लिया जा सकता है.
- कॉफी और मसालों के बागान: यरकौड की पहाड़ियां कॉफी, काली मिर्च और संतरे के बागानों से घिरी हैं. यहां पर्यटक कॉफी बनने की प्रक्रिया देख सकते हैं और ताजा कॉफी पाउडर खरीद सकते हैं.
- किलियूर फॉल्स: शहर से थोड़ी दूर स्थित इस झरने की खूबसूरती मानसून के बाद देखने लायक होती है. झरने तक पहुंचने के लिए घने जंगलों के बीच से गुजरना पड़ता है, जो सफर को रोमांचक बनाता है.
किलियूर फॉल्स.
- पिरामिड वैली और बॉटनिकल गार्डन: यरकौड का बॉटनिकल गार्डन दुर्लभ पेड़पौधों और फूलों की प्रजातियों के लिए जाना जाता है, वहीं पिरामिड वैली ध्यान और शांति के लिए बनाई गई एक अनोखी जगह है.
5 कोटागिरी: शांत और कम भीड़ वाला हिल स्टेशन
- नीलगिरि की सबसे पुरानी बस्ती: यह नीलगिरि पहाड़ों का सबसे पहला हिल स्टेशन माना जाता है, जो ऊटी और कुन्नूर से भी शांत और कम भीड़भाड़ वाला है.
- कैचर्स फॉल्स और एल्क फॉल्स: घने जंगलों के बीच बसे ये झरने ट्रेकिंग और प्रकृति प्रेमियों के बीच खासे लोकप्रिय हैं.
- रंगास्वामी पीक व्यू पॉइंट: यहां से मैदानी इलाकों और घाटी का शानदार नजारा दिखता है, साथ ही यहां की चायकॉफी बागान भी आकर्षण का केंद्र हैं.
कोटागिरी.
6 वलपराई: वन्यजीव प्रेमियों के लिए खास
- अनामलाई टाइगर रिजर्व से नजदीक: वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह जगह हाथी, बाघ, नीलगिरि तहर और शेरपूंछ बंदर देखने का बेहतरीन ठिकाना है.
घुमावदार घाट रोड 40 हेयरपिन बेंड्स: कोयंबटूर से वलपराई तक का सफर अपने रोमांचक मोड़ों और घने जंगलों के बीच से गुजरने के लिए मशहूर है. - विशाल चाय बागान: वलपराई की पहाड़ियां हरेभरे चाय बागानों से ढकी हैं, जो इसे तमिलनाडु के सबसे खूबसूरत और कमभीड़ वाले हिल स्टेशनों में गिनती है.
7 येलागिरी: बोटिंग और वीकेंड ट्रिप के लिए मशहूर
- आसान और छोटा सफर: बेंगलुरु और चेन्नई से नजदीक होने के कारण वीकेंड ट्रिप के लिए पॉपुलर है. खासकर पैराग्लाइडिंग के लिए मशहूर है.
- पुनगनूर झील और नेचर पार्क: बोटिंग और परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए यह जगह बेहतर मानी जाती है.
- गुलाब और फूलों के बागान: येलागिरी का रोज़ गार्डन और स्ट्रॉबेरी फार्म पर्यटकों को प्राकृतिक सुंदरता के साथसाथ ताजे फल चखने का मौका भी देते हैं.
दक्षिण में कहां कौन से हिल स्टेशन?
| राज्य | प्रसिद्ध हिल स्टेशन |
| तमिलनाडु | ऊटी, कोडाइकनाल, कुन्नूर, यरकौड, कोटागिरी, वलपराई, येलागिरी और कई अन्य |
| केरल | मुन्नार, वायनाड, वागामोन, पोनमुडी, थेक्कडी |
| कर्नाटक | कूर्ग, चिक्कमगलुरु, केम्मानगुंडी, नंदी हिल्स |
| आंध्र प्रदेश | अराकू घाटी, हॉर्स्ले हिल्स, लम्बासिंगी |
| तेलंगाना | अनंतगिरि पहाड़ियां |



