अगर आपने नौकरी छोड़ दी है और अब तक दूसरी नौकरी नहीं मिली है, तो सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या PF का पूरा पैसा निकाला जा सकता है? पहले इसका जवाब ‘हां’ था, लेकिन अब नियम बदल चुके हैं. EPF Scheme 2026 लागू होने के बाद अब कर्मचारी नौकरी छोड़ने के दो महीने बाद भी अपना पूरा PF नहीं निकाल सकेंगे. सरकार ने इस नियम में बदलाव करते हुए निकासी की सीमा तय कर दी है, ताकि लोगों की रिटायरमेंट सेविंग सुरक्षित रहे.

अब कितना PF निकाल सकते हैं?

नए नियम के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ने के बाद बेरोजगार हो जाता है, तो वह अपने कुल EPF बैलेंस का 75% हिस्सा तुरंत निकाल सकता है. इसमें सिर्फ कर्मचारी का योगदान ही नहीं, बल्कि नियोक्ता का योगदान और उस पर मिला ब्याज भी शामिल होगा. यानी पहले की तुलना में निकाली जा सकने वाली राशि कई मामलों में ज्यादा हो सकती है. हालांकि, बचा हुआ 25% पैसा तुरंत नहीं मिलेगा. इसे निकालने के लिए कर्मचारी को लगातार 12 महीने तक बेरोजगार रहना होगा.

पहले क्या नियम था?

पुराने EPF Scheme 1952 के तहत अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ने के बाद दो महीने तक बेरोजगार रहता था, तो वह अपना पूरा PF बैलेंस निकाल सकता था. इसी वजह से कई लोग हर बार नौकरी बदलने के दौरान अपना पूरा PF निकाल लेते थे. इससे उनकी रिटायरमेंट सेविंग बारबार खत्म हो जाती थी.

सरकार ने नियम क्यों बदला?

सरकार का कहना है कि PF का मकसद नौकरी बदलने के बीच खर्च चलाना नहीं, बल्कि रिटायरमेंट के लिए बचत करना है. जब लोग हर बार नौकरी बदलने पर पूरा PF निकाल लेते हैं, तो उनके पैसे पर मिलने वाला कंपाउंडिंग का फायदा खत्म हो जाता है. यानी भविष्य में उनकी बचत उतनी तेजी से नहीं बढ़ती. नए नियम के तहत कम से कम 25% पैसा PF खाते में बना रहेगा, जिससे उस पर ब्याज मिलता रहेगा. अगर कर्मचारी को एक साल के अंदर नई नौकरी मिल जाती है, तो वही पैसा आगे भी बढ़ता रहेगा.

निकासी के नियम भी हुए आसान

सरकार ने PF से आंशिक निकासी के नियम भी आसान कर दिए हैं. पहले अलगअलग जरूरतों के लिए 13 तरह के नियम थे, जिनमें अलगअलग शर्तें लागू होती थीं. अब इन्हें घटाकर तीन मुख्य श्रेणियों में कर दिया गया है. इसके अलावा, ज्यादातर एडवांस PF निकासी के लिए अब कम से कम 12 महीने की सदस्यता की एक समान शर्त रखी गई है. पहले अलगअलग मामलों में 7 साल तक की नौकरी की शर्त भी होती थी.

बेरोजगारी में सिर्फ PF पर निर्भर रहना सही नहीं

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बेरोजगारी कुछ महीनों तक रहती है, तो 75% PF निकालने की सुविधा राहत जरूर देती है. लेकिन अगर नई नौकरी मिलने में ज्यादा समय लग जाए, तो 25% पैसा एक साल तक लॉक रहेगा. ऐसे में हर कर्मचारी को PF के अलावा इमरजेंसी फंड भी बनाकर रखना चाहिए. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इससे किराया, राशन, बिजली बिल और रोजमर्रा के खर्च आसानी से पूरे किए जा सकते हैं.