देश में E20 पेट्रोल की क्वालिटी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने बड़ी सफाई दी है. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने कहा है कि E20 पेट्रोल में ज्यादा क्लोराइड या पानी की मिलावट के दावों की जांच की गई है, लेकिन अभी तक ऐसी कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं मिली है.

तीनों कंपनियों के मुताबिक, देशभर में E20 पेट्रोल की सप्लाई चेन के अलगअलग स्तरों पर बड़े पैमाने पर जांच की गई. इन जांचों में रिफाइनरी, एथेनॉल बनाने वाली डिस्टिलरी, डिपो, टर्मिनल और पेट्रोल पंप शामिल रहे. कंपनियों का कहना है कि जांच के दौरान पेट्रोल की गुणवत्ता तय मानकों के मुताबिक ही मिली है. इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है.

तेल कंपनियों ने बताया कि पेट्रोल में मिलाए जाने वाले एथेनॉल में क्लोराइड की मात्रा को लेकर सरकार ने सख्त मानक तय किए हैं. इन मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी लगातार निगरानी की जा रही है.

रिफाइनरी से लिए गए पेट्रोल में क्लोराइड बेहद कम

तेल कंपनियों ने देश की अलगअलग रिफाइनरियों से 100 से ज्यादा पेट्रोल सैंपल लिए. जांच में इन सभी सैंपल में क्लोराइड की मात्रा 1 पीपीएम या उससे कम मिली. कंपनियों के मुताबिक, इससे पता चलता है कि रिफाइनरी से निकलने वाला पेट्रोल तय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतर रहा है. पेट्रोल को आगे भेजने से पहले भी उसकी गुणवत्ता की जांच की जाती है.

80 डिस्टिलरी से लिए एथेनॉल सैंपल भी पास

E20 पेट्रोल में इस्तेमाल होने वाले एथेनॉल की भी जांच की गई. इसके लिए देशभर की 80 डिस्टिलरी से सैंपल लिए गए. पिछले 10 दिनों में तीनों तेल कंपनियों और सेंटर फॉर हाई टेक्नोलॉजी की एक टीम ने इन सैंपल की जांच की. सभी सैंपल में क्लोराइड की मात्रा 3 पीपीएम से कम मिली. कंपनियों ने कहा कि यह तय सीमा के मुकाबले काफी कम है.

डिपो और टर्मिनल पर भी E20 की जांच

पेट्रोल को पेट्रोल पंप तक पहुंचाने से पहले डिपो और टर्मिनल पर भी उसकी जांच की जाती है. तेल कंपनियों ने बताया कि यहां से लिए गए 80 से ज्यादा सैंपल में भी क्लोराइड की मात्रा तय सीमा के अंदर रही. कंपनियों के अनुसार, स्टोरेज और सप्लाई के दौरान भी पेट्रोल की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा रही है.

पेट्रोल पंपों की जांच में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी नहीं मिली

E20 पेट्रोल में क्लोराइड की मात्रा कई 100 पीपीएम तक होने के दावों के बीच तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों पर भी बड़े पैमाने पर सैंपल लिए हैं. कंपनियों के मुताबिक, अब तक पेट्रोल पंपों से 1,000 से ज्यादा सैंपल लिए जा चुके हैं. इनमें से हाल के दिनों में जांचे गए 160 सैंपल की रिपोर्ट में क्लोराइड की मात्रा 0 से 3 पीपीएम के बीच मिली. इससे उन दावों को समर्थन नहीं मिलता जिनमें E20 पेट्रोल में बहुत ज्यादा क्लोराइड होने की बात कही गई थी. हालांकि, जांच के दौरान चार जगहों पर क्लोराइड की मात्रा सामान्य से ज्यादा मिली. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। कंपनियों ने बताया कि इन जगहों पर पेट्रोल की सप्लाई तुरंत रोक दी गई. इसके बाद गड़बड़ी की वजह पता लगाने के लिए जांच की गई और जरूरी सुधार किए गए. इसके बाद ही वहां दोबारा सप्लाई शुरू की गई.

पेट्रोल में पानी जाने का भी सबूत नहीं

E20 पेट्रोल में नमी या पानी की मिलावट को लेकर भी सवाल उठाए गए थे. इस पर तेल कंपनियों ने कहा कि करीब 90,000 पेट्रोल पंपों पर जमीन के नीचे बने पेट्रोल स्टोरेज टैंक की जांच शुरू की गई है. इन टैंकों की दिन में 8 से 12 बार तक जांच की जा रही है. कंपनियों के मुताबिक, अब तक की जांच में पेट्रोल टैंक में पानी जाने का कोई सबूत नहीं मिला है. तेल कंपनियों ने यह भी बताया कि पेट्रोल पंपों पर पानी की मिलावट और ईंधन की गुणवत्ता जांचने के लिए मोबाइल फ्यूल टेस्टिंग लैब का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके अलावा सैंपल की जांच स्वतंत्र और मान्यता प्राप्त लैब से भी कराई जा रही है. कंपनियों का कहना है कि E20 पेट्रोल की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा रही है और मौजूदा जांच के आधार पर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है.