देश के सबसे प्रतिष्ठित कारोबारी घरानों में से एक, टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी ‘टाटा संस’ के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे, लेकिन दोबारा इस पद की जिम्मेदारी नहीं संभालेंगे. इस बड़ी खबर का सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ा. देखते ही देखते टाटा समूह की कई प्रमुख कंपनियों के शेयर धड़ाम हो गए.

टाटा ग्रुप के शेयरों में बिकवाली का दबाव

जैसे ही बाजार में चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर फैली, टाटा ग्रुप के शेयरों में भारी बिकवाली का दौर शुरू हो गया. सुबह करीब 11:05 बजे तक देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयर लगभग 5 प्रतिशत टूटकर 2,336.90 रुपये के स्तर पर आ गए. इसके अलावा टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के शेयरों में 1.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि टाइटन कंपनी का शेयर 1.3 प्रतिशत फिसल गया. बिकवाली का यह दबाव यहीं नहीं रुका. टाटा स्टील 1.13 प्रतिशत तथा इंडियन होटल्स कंपनी 1.04 प्रतिशत तक गिर गए. टाटा टेक्नोलॉजीज, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयरों में भी 1 प्रतिशत तक की कमजोरी देखी गई.

इस्तीफे के पीछे क्या है वजह?

चेयरमैन के अचानक उठाए गए इस कदम के पीछे की कहानी कुछ महीने पहले शुरू होती है. मिली जानकारी के अनुसार, इसी साल फरवरी में टाटा संस ने चंद्रशेखरन के कार्यकाल को बढ़ाने का फैसला टाल दिया था. इसकी मुख्य वजह टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा द्वारा इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध करना बताया गया था. आगामी 18 अगस्त को टाटा संस की वार्षिक आम बैठक होने वाली है. इस बैठक में शेयरधारकों को उनके दोबारा चेयरमैन बनने के प्रस्ताव पर वोटिंग करनी थी. हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक चंद्रशेखरन ने अपने कुछ करीबियों को पहले ही इस बात के संकेत दे दिए थे कि वह एजीएम से पहले ही अपने पद से हटने पर विचार कर रहे हैं.

1987 से शुरू हुआ टाटा के साथ सफर

टाटा समूह के साथ एन. चंद्रशेखरन का रिश्ता बेहद पुराना रहा है. उन्होंने साल 1987 में टाटा ग्रुप में कदम रखा था. अपनी मेहनत के दम पर वे साल 2009 में आईटी दिग्गज टीसीएस के सीईओ बने. उनके नेतृत्व में टीसीएस ने वैश्विक स्तर पर कई नए मुकाम हासिल किए. इसके बाद साल 2017 में उन्हें टाटा संस के चेयरमैन की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी. अब उनका दोबारा इस पद को न स्वीकार करना ग्रुप के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत है.

बाजार की कमजोरी ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता

टाटा समूह की कंपनियों में आई इस गिरावट के साथ बुधवार को पूरा शेयर बाजार ही दबाव में दिखा. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की धारणा को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है. सुबह सवा ग्यारह बजे के आसपास बीएसई का सेंसेक्स 541.12 अंक फिसलकर 77,613.13 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 168.20 अंक टूटकर 24,303.50 पर आ गया. लीडरशिप में बदलाव के साथसाथ ग्लोबल सेंटीमेंट भी बाजार की चाल तय कर रहे हैं, जिसका सीधा असर खुदरा निवेशकों की पूंजी पर पड़ रहा है.

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