कैब से सफर करने वाले लोगों के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. अब Uber, Ola और दूसरे कैब एग्रीगेटर्स यात्रियों से सफर शुरू होने से पहले टिप देने के लिए नहीं कह सकेंगे. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सभी मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स को अपने ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म से प्रीराइड टिप के विकल्प हटाने का निर्देश दिया है.

सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है, क्योंकि कुछ कैब ऐप पर बुकिंग के दौरान यात्रियों को पहले ही टिप देने के विकल्प दिखाए जा रहे थे. कुछ जगहों पर Advance Tip, Choose an Addon और Improve your chances of quicker ride confirmation जैसे मैसेज दिखाई दे रहे थे. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इससे यात्रियों को ऐसा लग सकता था कि अगर वे पहले से टिप देंगे तो उनकी कैब जल्दी बुक हो जाएगी या ड्राइवर उनके राइड रिक्वेस्ट को जल्दी स्वीकार कर लेगा. सरकार ने इसी तरह की व्यवस्था पर आपत्ति जताई है.

कैब जल्दी पाने के लिए नहीं देनी होगी टिप

सरकार ने सभी कैब एग्रीगेटर्स से कहा है कि वे अपने मोबाइल ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म की तुरंत समीक्षा करें और उन सभी फीचर्स को हटाएं जो मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइन्स 2025 के नियमों के खिलाफ हैं. अब किसी ऐप पर राइड पूरी होने से पहले ऐसा टिप ऑप्शन, मैसेज या पेमेंट विकल्प नहीं दिखाया जा सकता, जिससे यह लगे कि अतिरिक्त पैसे देने पर यात्री को बेहतर या तेज सर्विस मिल सकती है. इसमें ड्राइवर का राइड स्वीकार करना, बुकिंग कितनी जल्दी कन्फर्म होगी, कौन सा ड्राइवर मिलेगा या यात्री को कितनी देर इंतजार करना पड़ेगा, जैसी चीजें शामिल हैं. सीधे शब्दों में कहें तो कैब जल्दी पाने के लिए यात्री को पहले से टिप देने के लिए नहीं कहा जा सकता.

क्या अब ड्राइवर को टिप नहीं दे पाएंगे?

ऐसा नहीं है. सरकार ने टिप देने पर रोक नहीं लगाई है. यात्री अभी भी अपनी इच्छा से ड्राइवर को टिप दे सकते हैं. लेकिन अब टिप का विकल्प राइड पूरी होने के बाद दिया जा सकता है. यानी अगर ड्राइवर ने अच्छी सर्विस दी है और यात्री उसे अपनी खुशी से कुछ एक्स्ट्रा पैसा देना चाहता है, तो वह सफर खत्म होने के बाद टिप दे सकता है. इसके अलावा पूरी टिप ड्राइवर को ही मिलनी चाहिए. कैब एग्रीगेटर टिप में से कोई हिस्सा नहीं काट सकता. इसका मतलब साफ है. टिप देना यात्री की मर्जी होगी और इसे कैब मिलने से नहीं जोड़ा जा सकता.

सरकार ने अभी कार्रवाई क्यों की?

कैब बुकिंग के दौरान पहले से टिप मांगने वाले मैसेज और विकल्पों को लेकर शिकायतें सामने आई थीं. इसके बाद सेंट्रल कन्ज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी यानी CCPA ने भी कैब प्लेटफॉर्म को इस तरह की व्यवस्था बंद करने का निर्देश दिया था. अब सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने भी सभी एग्रीगेटर्स को 2025 की गाइडलाइंस के अनुसार अपने ऐप में बदलाव करने को कहा है. यात्रियों के लिए इसका सीधा फायदा यह होगा कि कैब बुक करते समय उन्हें कैब जल्दी मिलने के लिए एक्स्ट्रा चार्ज देने का दबाव महसूस नहीं होगा. वे चाहें तो सफर पूरा होने के बाद अपनी इच्छा से ड्राइवर को टिप दे सकते हैं.