भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने शनिवार को देवदत्त पडिक्कल की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि बैकफुट के खेल और शॉट चयन पर काम करने से पडिक्कल को फायदा मिला। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले पडिक्कल ने शनिवार को यहां श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के शुरुआती दिन अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का शानदार पहला शतक जड़ा। उनकी नाबाद 131 रन की पारी की बदौलत भारत ने स्टंप तक दो विकेट पर 288 रन बना लिए।

कोटक ने मौजूदा टेस्ट सीरीज के लिए 26 साल के पडिक्कल की तैयारी के बारे में बात करते हुए दिन के खेल के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘मैं उसके लिए बहुत खुश हूं क्योंकि वह सही में अपने मौके का इंतजार कर रहा था। जिस तरह से उसने यहां और अभ्यास मैच में बल्लेबाजी की, यह शानदार है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘तैयारी की बात करें तो देवदत्त जिस तरह से तैयारी कर रहा था, मैंने उसे एनसीए में देखा है।
वह अपने बैकफुट गेम पर काम कर रहा था। जब हमें पिच से टर्न मिलने की उम्मीद होती है, तो हम इस पर काम करते हैं।’’ कोटक ने कहा, ‘‘हमने बैकफुट गेम के अलावा क्रीज से आगे निकलकर शॉट खेलने और स्वीप पर भी काम किया। इसलिए पिछले कुछ वर्षों में उसने जिस तरह खुद को तैयार किया है, उसका काफी श्रेय उसे जाता है।
’’ पडिक्कल की बल्लेबाजी में यह बात साफ नजर आई। उन्होंने अधिकतर समय बैकफुट से बल्लेबाजी की और जब जरूरी लगा तो श्रीलंकाई स्पिनरों पर दबाव बनाने के लिए आगे निकलकर शॉट खेले। बाएं हाथ के स्पिनर प्रभात जयसूर्या की गेंद पर आगे निकलकर लॉन्गऑन के ऊपर से लगाया गया उनका छक्का कोटक की बात को सही साबित करता है।
इसी तरह पडिक्कल ने अपनी पारी में स्वीप शॉट से करीब 40 रन बनाए। अब सवाल यह है कि जब तीसरे नंबर पर खेलने वाले नियमित बल्लेबाज साई सुदर्शन पैर की अंगुली की चोट से वापसी करेंगे, तो पडिक्कल की इस पारी के बाद टीम में उनकी स्थिति क्या होगी? कोटक ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि देवदत्त ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की।
साई भी उस नंबर पर बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। लेकिन बात यह है कि वे सभी नयी गेंद से बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी हैं। वे पारी की शुरुआत कर सकते हैं और नंबर तीन पर भी बल्लेबाजी कर सकते हैं, इसलिए हम इस स्थान के लिए काफी लचीले हैं।
’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं इस बात को देखूंगा कि वे किस तरह बल्लेबाजी करते हैं, परिस्थितियों के अनुसार खुद को कैसे ढालते हैं और मैच के अलगअलग चरणों से कैसे निपटते हैं। मेरे लिए यह नंबर तीन, चार या पांच से ज्यादा महत्वपूर्ण है। ’’ उपकप्तान केएल राहुल को 77 रन के स्कोर पर रिटायर होना पड़ा।
कोटक ने बताया कि बेंगलुरु के इस बल्लेबाज को मांसपेशियों में खिंचाव हो रही था। उन्होंने कहा, ‘‘केएल ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। मुझे लगता है कि उसे सिर्फ मासंपेशियों में खिंचाव हो रहा था।
दिन के अंत तक वह ठीक था। जब आपको खिंचाव होने लगता है तो यह ‘हैमस्ट्रिंग’, ग्रोइन या हाथ में भी हो सकता है।’’? कोटक ने कहा, ‘‘लेकिन इस समय वह बिल्कुल ठीक दिख रहा है।
इसलिए उम्मीद है कि वह कल खेलने के लिए पूरी तरह तैयार होगा। ’’ वह राहुल की बल्लेबाजी में मौजूद लचीलेपन से भी काफी खुश नजर आए। राहुल सीमित ओवरों के क्रिकेट में निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हैं, जबकि टेस्ट क्रिकेट में पारी की शुरुआत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘वह ऐसे खिलाड़ी हैं कि जब वह वनडे खेलते हैं, जैसा कि आपने देखा है, तो नंबर छह या पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं। जब आप एक अनुभवी बल्लेबाज होते हैं और किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी करने तथा टीम की मदद करने के लिए तैयार रहते हैं तो यह एक शानदार खिलाड़ी होने का सबूत है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह टीम के लिए बहुत उपयोगी खिलाड़ी हैं।
लाल गेंद के क्रिकेट में वह पारी का आगाज करते हैं और वनडे में जहां जरूरत होती है, वहां बल्लेबाजी करते हैं। जिस तरह वह अभी बल्लेबाजी कर रहे हैं, वह काफी जिम्मेदारी ले रहे हैं, साझेदारियां बनाने की कोशिश कर रहे हैं और यह बहुत अच्छी बात है। वह लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं।
’’ गॉल की पिच पर पहले दिन बल्लेबाजों को काफी मदद मिली। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। कोटक का मानना है कि आने वाले दिनों में पिच स्पिनरों के लिए अधिक मददगार हो सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘पिच थोड़ी सूखी तरफ है और फिलहाल यह पूरी तरह बल्लेबाजी के लिए अच्छी विकेट है।
आम तौर पर गेंद बल्ले पर बहुत अच्छी तरह आती है और ज्यादा स्पिन नहीं होती। हमारे लिए दो विकेट पर 288 रन का स्कोर अच्छा संकेत है। ’’ कोटक ने कहा, ‘‘लेकिन यह सिर्फ एक दिन है और हमारे लिए अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है।
हमें कल भी अच्छी बल्लेबाजी करनी होगी। मुझे नहीं लगता कि पिच में दरार पड़ेगी। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि जैसेजैसे खेल आगे बढ़ेगा, दूसरे, तीसरे और चौथे दिन पिच ज्यादा टर्न देगी।
यहां पहले दिन बल्लेबाज का औसत करीब 53 है। दूसरे दिन यह घटकर 38 हो जाता है और तीसरे दिन करीब 28 रह जाता है। इसलिए कुल रिकॉर्ड दिखाता है कि जैसेजैसे मैच आगे बढ़ता है, बल्लेबाजों का औसत स्कोर काफी तेजी से गिरता है।
’’ वहीं श्रीलंका के स्पिन और क्षेत्ररक्षण कोच जॉर्डन ग्रेगरी ने पडिक्कल और राहुल की तारीफ की जिन्होंने श्रीलंका पर दबाव बनाया। ग्रेगरी ने कहा, ‘‘सबसे पहले पडिक्कल को श्रेय देना होगा। मुझे लगता है कि उन्होंने आज शानदार बल्लेबाजी की और केएल ने भी बहुत अच्छी बल्लेबाजी की, पर रिटायर हर्ट हो गए।
’’ उन्होंने पदार्पण कर रहे ऑफस्पिनर केशरा नुवांथा के भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा, ‘‘यह देखकर काफी उत्साहजनक लगा कि अपने पदार्पण मैच में केश ने कई सवाल खड़े किए और कई मौके बनाए। इसका श्रेय उन्हें जाता है।
मैं कल्पना कर सकता हूं कि उनकी तरफ से थोड़ी घबराहट रही होगी। लेकिन उन्होंने पदार्पण पर जिस तरह गेंदबाजी की, मुझे उन पर बहुत गर्व है।



