बडी खबरः CM योगी की RSS से 2.5 घंटे बैठक-होने जा रहा बडा भूचाल

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव की खबरों के बाद भारत के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर अचानक लंबी कतारें लग गईं। लोगों ने डर जताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों की वजह से देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसके चलते कुछ स्थानों पर जनता ने जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदना शुरू कर दिया, जिससे पंपों पर भीड़ देखने को मिली।

बिहार की सियासी उथल-पुथल ने बढ़ाई हैरानी
राजनीतिक गलियारों में बिहार का हाल भी चर्चा का विषय बना हुआ है। 10 बार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्य सभा जाने का फैसला अचानक सामने आया, जिसने सभी को चौंका दिया। इसके चलते राज्य की राजनीति में नई समीकरण और चर्चा का दौर शुरू हो गया है।

यूपी में सीएम योगी की आरएसएस के साथ बैठक
उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी हलचल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारियों के साथ करीब 2.5 घंटे लंबी बंद कमरे की बैठक की। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री का स्टेट प्लेन सुबह सवा 11 बजे हिंडन एयरबेस पर लैंड हुआ और इसके बाद उनका काफिला नेहरू नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर पहुंचा। यहाँ उन्होंने आरएसएस के मेरठ प्रांत (मेरठ, मुरादाबाद और सहारनपुर मंडल) के करीब 40 पदाधिकारियों के साथ चर्चा की।

बैठक में क्या हुआ चर्चा का विषय?
सूत्रों के अनुसार बैठक में सरकार और संघ के बीच समन्वय, आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और नीति सुझावों पर बातचीत हुई। आरएसएस पदाधिकारियों ने सरकारी अस्पतालों और स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, मानव संसाधन बढ़ाने और थानों में भ्रष्टाचार रोकने जैसे कई सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने संघ के अधिकारियों से सरकार के कामकाज पर फीडबैक लिया और सुझावों को गंभीरता से सुना।

बैठक में शामिल थे प्रमुख नेता
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह, क्षेत्र संघचालक सूर्यप्रकाश टोंक, क्षेत्र प्रचारक महेंद्र और प्रांत प्रचारक अनिल मौजूद रहे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने संघ पदाधिकारियों के साथ भोजन भी किया, जो कि उनकी निकटता और समन्वय को दर्शाता है।

क्या संकेत दे रही है यह बैठक?
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह बैठक आगामी चुनावों और प्रदेश में सत्तासंघ के कामकाज को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दे सकती है। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। संघ और सरकार के बीच बढ़ते समन्वय से आगामी विधानसभा चुनाव में रणनीति और तैयारियों को नई दिशा मिलने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *