बुरी खबरः ईरान लडाई से महंगे तेल का मचने वाला है हाहाकार! कर लें तैयारी!!


दुबई। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने दुनिया को चेतावनी दी है कि कच्चे तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है. ईरान की सैन्य कमान ने बुधवार को कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति बिगड़ने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है.

ईरान के सैन्य कमान के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफकारी ने कहा कि तेल की कीमतें क्षेत्रीय सुरक्षा पर निर्भर करती हैं. उन्होंने अमेरिका को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र की स्थिरता को अस्थिर करने के कारण दुनिया को अब तेल के दाम 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के लिए तैयार रहना चाहिए.

तेल 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचे के आसार

इसी बीच खाड़ी क्षेत्र में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार ब्लॉकेड किए गए खाड़ी क्षेत्र में तीन और जहाजों पर हमला हुआ है. इन घटनाओं के बाद समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है.

बुधवार को ईरान ने इजराइल और मध्य पूर्व के अन्य ठिकानों पर भी हमले किए. इन हमलों के जरिए ईरान ने यह संकेत दिया कि वह अभी भी जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता रखता है और ऊर्जा आपूर्ति को बाधित कर सकता है.

अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन ने इससे पहले कहा था कि अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर अब तक के सबसे तीव्र हमले किए गए हैं. इसके बावजूद ईरान की जवाबी कार्रवाई जारी है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बाधित

खाड़ी क्षेत्र में समुद्री व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है. यह दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा संभालता है. अनुमान के अनुसार दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति इसी संकरे समुद्री मार्ग से होकर गुजरती है.

मौजूदा हालात में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बाधित बताई जा रही है. इसे 1970 के दशक के तेल संकट के बाद ऊर्जा आपूर्ति में सबसे बड़ा व्यवधान माना जा रहा है.

इस तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में भी हलचल देखी गई. सप्ताह की शुरुआत में तेल की कीमतों में तेज उछाल आया था, हालांकि बाद में कीमतों में कुछ गिरावट दर्ज की गई. शेयर बाजारों में भी शुरुआती गिरावट के बाद सुधार देखने को मिला.

ईरान ने इजराइल और मध्य पूर्व के ठिकानों पर किए हमले

कई निवेशकों का मानना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस युद्ध को जल्दी समाप्त करने का रास्ता तलाश सकते हैं. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। अमेरिका और इजराइल ने करीब दो सप्ताह पहले संयुक्त कार्रवाई शुरू की थी. हालांकि जमीन पर हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं. क्षेत्र में हमले और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला जारी है और ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा बना हुआ है.

इसी बीच तेहरान में एक बैंक के दफ्तर पर भी रात में हमला हुआ. इसके बाद ईरान की सैन्य कमान के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफकारी ने कहा कि ईरान उन बैंकों को भी निशाना बनाएगा जो अमेरिका या इजराइल के साथ कारोबार करते हैं.

अमेरिका और इजराइल के हमलों के बीच जारी है जवाबी कार्रवाई

उन्होंने लोगों से अपील की कि मध्य पूर्व में बैंक इमारतों से कम से कम एक हजार मीटर की दूरी बनाए रखें. उनका कहना था कि भविष्य में ऐसे ठिकानों पर हमले किए जा सकते हैं.

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर लगातार नजर रखी जा रही है. यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थिति और बिगड़ती है तो इसका असर पूरी दुनिया की तेल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *