‘हम पर जंग थोपी गई, दोस्तों के लिए खुला है होर्मुज…’, बोले- ईरानी डिप्टी चीफ!


Iran-Israel War: ईरान-इजरायल और अमेरिका का युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है. बुधवार को यह जंग चलते हुए 19 दिन हो गए हैं.ईरान में जहां इजरायल और अमेरिका की मिसाइलें और हथियार मौत बरसा रहे हैं. वहीं अली खामेनेई की मौत के बावजूद ईरान झुकने के मूड में नहीं है, जबकि उसके कई बड़े नेता काल के गाल में समा चुके हैं.

झुकने को तैयार नहीं ईरान
ईरान लगातार अमेरिका और इजरायल के सहयोगियों पर बारूद बरसा रहा है. इस बीच ईरान के मिशन टू इंडिया के डिप्टी चीफ मोहम्मद जावेद हुसैनी ने हमारे सहयोगी चैनल WION के World Pulse कार्यक्रम में शिरकत की. यहां उन्होंने कई अहम सवालों के जवाब दिए.

हुसैनी बोले- वे ईरान से शांति नहीं चाहते
हुसैनी ने कहा, ‘हम हमेशा कूटनीति में विश्वास रखते हैं.लेकिन ये हमले दिखाते हैं कि वे लोग ईरान के साथ शांति चाहते ही नहीं हैं. यह जंग ईरान के लोगों पर थोपी गई है. हम अपने देश और लोगों की रक्षा करेंगे.’ हुसैनी ने ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी की मौत पर भी बात की और कहा कि हमारी तरफ से कोई सीजफायर नहीं होगा.

‘कोई सीजफायर नहीं होगा’
WION World Pulse में उन्होंने कहा,’हमने खुद की रक्षा करने का रास्ता चुना है और हम इसे तब तक जारी रखेंगे, जब तक यह बात दूसरा पक्ष समझ नहीं जाता.’ हुसैनी ने आगे कहा, ‘हम खुद की रक्षा जंग खत्म होने तक करते रहेंगे. दूसरे पक्ष को ही जंग खत्म करनी होगी. कोई सीजफायर नहीं होगा, सीधे जंग खत्म होगी.’ अमेरिका-इजरायल पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘पिछली बार भी उन्होंने ही सीजफायर किया था. हम तब तक जंग जारी रखेंगे, जब तक वे जंग खत्म करने के लिए विवश नहीं हो जाते.उनके लिए जंग आगे बढ़ाना बेकार है.’

‘जो हमारे दोस्त, उनके जहाज गुजर रहे हैं’

इसके अलावा उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों के गुजरने और भारत संग रिश्तों पर भी बात की. हुसैनी ने साफ कहा कि जो भी देश हमारे दोस्त हैं, हम उनके जहाजों को वहां से गुजरने दे रहे हैं. लेकिन जो देश इजरायल और अमेरिका के दोस्त हैं, उनके जहाजों को गुजरने नहीं देंगे. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। हमारा मानना है कि अगर भारत को दर्द होता है, तो वह ईरान का दर्द है.

हुसैनी ने कहा, ‘हम वैसा ही करते हैं, जैसा हमारे साथ होता है. अभी क्षेत्रीय स्थिति काफी गंभीर है. हम पर हमले हो रहे हैं. जहाजों को गुजरने देने के लिए हमने कुछ कदमों पर विचार किया है. हम भी भारत के साथ ही हैं कि जहाजों को गुजरने दिया जाए. जल्द ही खुशखबरी मिलेगी.’

‘अमेरिकियों ने स्कूल पर क्यों दागी टॉमहॉक मिसाइल?’
इस दौरान हुसैनी ने भारत के लोगों को भी धन्यवाद दिया कि उन्होंने ईरानी सुप्रीम लीडर की मौत पर संवेदना जताई. उन्होंने कहा कि अमेरिका के लोगों को पता ही नहीं है कि उन्होंने गलत किया है. अब बातचीत का कोई स्कोप नहीं बचा है.उन्होंने स्कूल पर टॉमहॉक मिसाइलों से हमला किया, वह कोई मिलिट्री बेस नहीं था तो क्यों उन्होंने टॉमहॉक का इस्तेमाल किया. अब वार्ता बेकार है.

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