Delhi Dehradun Expressway: आज से 2 घंटे में दिल्ली से देहरादून का सफर, कितना लगेगा टोल, एंट्री एग्जिट सब जानिए!


Delhi Dehradun expressway Opening Date: सालों का इंतजार खत्म होने जा रहा है. दिल्ली से देहरादून की दूरी अब मिटने वाली है. राजधानी दिल्ली से देहरादून पहुंचना अब आसान हो जाएगा. जिस दूरी को कवर करने में पहले साढ़े 6 घंटे का वक्त लगता था, अब उसे आप सिर्फ 2 से ढाई घंटे में पूरा कर लेंगे. आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ( Delhi Dehradun expressway) की शुरुआत करने वाले हैं. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। पीएम मोदी के हरी झंडी दिखाते ही आप इस एक्सप्रेस पर फर्राटे से रफ्तार भर सकेंगे.

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे पर कब से गाड़ी चला सकते हैं ?
देश की राजधानी दिल्ली से हिमालयी राज्य उत्तराखंड की राजधानी देहरादून जाने वालों के लिए आज से ये रास्ता पूरी तरह से खुल जाएगा. 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे (DDE) पर 12 किमी लंबा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर है, जो एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर है. देश का पहला साउडप्रूफ एक्सप्रेस सफर के लिए तैयार है.

कितना लंबा है दिल्ली-देहरादून , कितना लगेगा समय
यह एक्सप्रेसवे 210 किमी लंबा है. इसे पूरा करने में 2 से ढाई घंटे का समय लगेगा. इस एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली, नोएडा, बागपत, शामली , सहारनपुर, बड़ौत, खेकड़ा, शामली, देवबंद, सहारनपुर, गणेशपुर और डाट काली मंदिर से होते हुए देहरादून को कनेक्ट करता है. यह एक्सप्रेसवे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे को भी कनेक्ट करता है. रास्ते में इसके कई एंट्री-एग्जिट प्वाइंट बनाए गए हैं.

देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे की खासियत
इस एक्सप्रेसवे पर शोर कम करने वाले साउंड बैरियर लगे हैं. आधुनिक साइनेज सिस्टम और नाइट रिफ्लेक्टर्स लगे हैं. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे देश का पहला साउंड प्रूफ एक्सप्रेस वे है. यह एक्सप्रेस वे उत्तराखंड में दो बड़े जंगलों के बीच से गुजरता है, इसलिए शोर को नियंत्रित करने के लिए इसे साउंड प्रूफ बनाया गया है. इसे बनाते समय जंगली जानवरों का खास ध्यान रखा गया है. एक्‍सप्रेस-वे का सबसे खास हिस्‍सा है राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर बना 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्‍ड लाइफ कॉरिडोर है.

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बनाने में समय और खर्च कितना लगा ?
इस एक्सप्रेसवे को 2020 में मंजूरी मिली थी. एनएचएआई ने साल 2021 में इस प्रोजेक्ट का काम शुरू किया था. इस एक्सप्रेसवे को बनाने में करीब 11,868.6 करोड़ रुपये से 13,000 करोड़ रुपये के बीच खर्च आया है.

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की एंट्री-एग्जिट
एक्सप्रेसवे पूर्वी दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर बागपत, शामली, मुज़फ्फरनगर और सहारनपुर होते हुए उत्तराखंड के देहरादून पहुंचेगा.इस एक्सप्रेसवे पर फ्लाईओवर, अंडरपास, सर्विस लेन और साउंड बैरियर आदि बनाए गए हैं.

एक्सप्रेसवे पर बना एलिवेडेट रोड
इस एक्सप्रेसवे पर 35 किमी तक एलिवेटेड रोड है. दिल्ली से बागपत की बीच 32 किमी का एलिवेटेड सेक्शन बना है, जिसे पूरा करने में 25 मिनट का वक्त लगेगा. इस एक्सप्रेसवे पर 16 एंट्री-एग्जिट प्वाइंट हैं. 113 अंडरपास है. 62 बस शेल्टर, 12 रेस्ट एरिया बनाए गए हैं. वहीं 12 किमी का वाइल्डलाइफ कॉरिडोर भी एलिवेटेड है. यानी कुल मिलकर करीब 44 किमी तक आप जमीन से ऊपर एलिवेटेड रोड पर सफर करेंगे.

दिल्ली-देहरादून से क्या फायदा होगा
इस एक्सप्रेसवे से दिल्ली से देहरादून की दूरी कम हो जाएगी. पर्यटन, रियल एस्टेट, ट्रेड को बढ़ावा मिलेगा. दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड की दूरी कम हो जाएगी. यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, चारधाम हाई तीनों को कनेक्ट करेगा. उत्तराखंड से व्यापार को बढ़ाने में इस एक्सप्रेसवे अहम रोल निभाएगा.

दिल्ली देहरादून पर कितना टोल टैक्स, कितनी स्पीड
इस एक्सप्रेस पर अधिकतम स्पीड 100 किमी प्रति घंटे की है. 6 लेन वाले इस एक्सप्रेसवे पर फिलहाल टोल टैक्स फ्री है. टोल कलेक्शन की जिम्मेदारी किस कंपनी को मिलेगी यह भी फिलहाल तय नहीं हो पाया है. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि दिल्ली से देहरादून का टोल टैक्स एक साइट का 670-675 रुपये और राउंड अप चार्ज 1,000 रुपये होगा. टोल टैक्स फास्टैग से कटेगा. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर ट्रैक्टर-ट्राली, टू वीलर और थ्री वीलर चलाने पर बैन रहेगा. इसकी अनदेखी करने वालों को 20 हजार तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है.

किस कंपनी ने बनाया दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे
दिल्ली-देहरादून को तीन कंपनियों ने मिलकर बनाया है. यहां इसके मैनेंजमेंट की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की है. वहीं उसके बनाने की जिम्मेदारी गावर कंस्ट्रक्शन (Gawar Construction), कृष्णा कंस्ट्रक्शंस (Krishna Constructions) और शिव बिल्ड इंडिया (Shiv Build India) ने पूरी की.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *