
पाकिस्तान से जुड़ी एक चिंताजनक जानकारी सामने आई है, जिसने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है. खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और उसकी सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास लगभग 70 आतंकी लॉन्चपैड फिर से सक्रिय कर दिए हैं. इन ठिकानों पर करीब 800 आतंकियों को घुसपैठ के लिए तैयार रखा गया है, जिससे सीमा पर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. इसी बीच, पाकिस्तान के सीनेटर मुशाहिद हुसैन के एक बयान ने मामले को और गंभीर बना दिया है. उन्होंने दावा किया है कि पाकिस्तान के सैन्य संस्थानों में आतंकी संगठन हमास के लड़ाकों को ट्रेनिंग दी जा रही है. खास तौर पर उन्होंने पाकिस्तान नेवी वॉर कॉलेज का जिक्र करते हुए कहा कि वहां उनकी मुलाकात हमास के कैडेट्स से हुई थी.
खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के आतंकवादी संगठनों ने इस बार भारत में घुसपैठ की नई रणनीति तैयार की है. योजना के तहत आतंकियों को छोटे-छोटे समूहों में बांटकर जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाकों से एक साथ भेजने की तैयारी है. बताया जा रहा है कि हर समूह में करीब 10 से 15 तक प्रशिक्षित और हथियारों से लैस आतंकी शामिल हो सकते हैं. इस रणनीति का मकसद एक साथ कई जगहों पर गतिविधियां बढ़ाकर भारतीय सुरक्षा बलों पर दबाव बनाना है, ताकि उनकी प्रतिक्रिया क्षमता को चुनौती दी जा सके. वहीं, दूसरी ओर पहली बार ऐसा हुआ है जब, पाकिस्तान की ओर से सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया गया है कि हमास से जुड़े आतंकियों को उनके यहां ट्रेनिंग दी गई है.
लश्कर और जैश के आतंकी रच रहे घुसपैठ की साजिश
नई रिपोर्ट में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का जिक्र है. पाकिस्तान स्थित ये संगठन जम्मू-कश्मीर को निशाना बनाने वाले ऑपरेशन्स के लिए लगातार आईएसआई का समर्थन पाते रहे हैं. इसकी पुष्टि मार्च 2026 की अमेरिकी कांग्रेस रिसर्च सर्विस की एक रिपोर्ट से भी होती है, जिसमें पाकिस्तान भारत को निशाना बनाने वाले आतंकी समूहों का एक लगातार बना रहने वाला केंद्र बताया गया है. यह आंकड़ा मई 2025 में भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद का है, जिसमें 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के जवाब में पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया था. ऑपरेशन के बाद, पाकिस्तान ने शुरू में अपने ठिकानों को हटा दिया या तितर-बितर कर दिया जिसमें कुछ लॉन्च पैड्स को अंदरूनी इलाकों, जैसे खैबर पख्तूनख्वा में ले जाना भी शामिल था. लेकिन, 2025 के आखिर और 2026 की शुरुआत तक, उन्हें फिर से सक्रिय करने का काम शुरू हो गया था. पहले छोटे समूहों के साथ और अब यह काफी बड़े पैमाने पर हो रहा है.
खुफिया रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
खुफिया रिपोर्ट में एक और बड़ा पैटर्न सामने आया है, जिससे पता चलता है कि पाकिस्तान की ISI और सेना PoK और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास फिर से सक्रिय किए गए 70 लॉन्च पैड से बड़े पैमाने पर और तालमेल बिठाकर घुसपैठ की कोशिशों की योजना बना रही हैं. उनकी साफ उम्मीद है कि एक साथ बड़ी संख्या में आतंकियों को भेजने से, उनमें से कम से कम कुछ तो घुसपैठ करने में कामयाब हो ही जाएंगे.
देश में घुसपैठ की फिराक में हैं पाक के आतंकी संगठन
छोटी-मोटी और अलग-थलग कोशिशों के बजाए जिन्हें भारतीय सुरक्षा बल अक्सर नाकाम कर देते हैं अब उनकी योजना LoC और IB के कई अलग-अलग पॉइंट्स से एक साथ और तालमेल बिठाकर घुसपैठ करने की है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। 10-15 आतंकियों के ग्रुप को एक साथ भेजा जाएगा, ताकि भारतीय सुरक्षा बलों पर दबाव बढ़ जाए और वे कई जगहों पर बंट जाएं. उनका मानना है कि कम से कम कुछ आतंकी तो घुसपैठ करने में कामयाब हो ही जाएंगे. अब उनका मुख्य जोर कमजोर पड़ चुके स्थानीय नेटवर्क पर निर्भर रहने के बजाए, अच्छी तरह से प्रशिक्षित विदेशी आतंकियों खास तौर पर LeT और JeM के आतंकियों पर है.
मिडिल ईस्ट संघर्ष का फायदा उठाने की कोशिश में पाकिस्तान
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान का मकसद मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्षों जैसी वैश्विक उथल-पुथल का फायदा उठाना है. खबर यह भी है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में मिली नाकामियों के बाद, आतंकी संगठनों की तरफ से
आतंकी संगठनों की तरफ से ISI पर इस बात का जबरदस्त दबाव है कि जम्मू-कश्मीर में कुछ ठोस करवाई को अंजाम दिया जाए। इसी दबाव का नतीजा है कि आतंकियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है. पिछले कुछ महीनों में घुसपैठ की कई कोशिशों को लगातार नाकाम किया गया है. अकेले मार्च महीने में ही उरी, नौशेरा और राजौरी में घुसपैठ की कई कोशिशों को नाकाम किया गया, जबकि फरवरी में सुंदरबनी में भी ऐसी ही एक कोशिश को विफल कर दिया गया था.
800 से भी ज्यादा आतंकी सक्रिय
सूत्रों ने आगे बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान आगे के लॉन्च पैड्स के नष्ट हो जाने के बाद, पाकिस्तान ने उन्हें सुरक्षित अंदरूनी जगहों पर ले जाने की नीति अपनाई. इस बदलाव की वजह से शुरू में आतंकवादियों को तितर-बितर किया गया और ऑपरेशन के बाद घुसपैठ का दबाव कुछ समय के लिए कम हो गया. 2025 के आखिर तक, उन्हें फिर से चालू करने और दोबारा बनाने का काम शुरू हो चुका था. इसी वजह से लॉन्च पैड्स पर मौजूद आतंकवादियों की संख्या, बढ़कर अब 70-72 सक्रिय लॉन्च पैड्स पर 800 से ज्यादा होने का अनुमान है.
हमास कनेक्शन पर क्या बोले पाकिस्तानी सीनेटर?
पाकिस्तान की राजनीति और सैन्य संबंधों को लेकर एक दिलचस्प बयान सामने आया है, जिसने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं. पाकिस्तानी सीनेटर मुशाहिद हुसैन सैयद ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि पाकिस्तान अपने सैन्य संस्थानों में फिलिस्तीनी कैडेट्स को ट्रेनिंग दे रहा है. उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले वह पाकिस्तान नेवी वॉर कॉलेज गए थे, जहां उनकी मुलाकात दो फिलिस्तीनी कैडेट्स से हुई थी. उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है. पाकिस्तान के विभिन्न सैन्य संस्थानों में अक्सर ऐसे फिलिस्तीनी अधिकारी मिल जाते हैं, जिन्हें वहां प्रशिक्षण दिया जा रहा होता है. उनके मुताबिक, यह सहयोग लंबे समय से जारी है. सीनेटर ने आगे यह भी बताया कि पाकिस्तान ने हाल के दिनों में आतंकी संगठन हमास से जुड़े कुछ लोगों को भी स्वीकार किया है. इसके अलावा, गाजा से आए उन छात्रों को भी सहारा दिया गया है, जो संघर्ष के कारण बेघर या अनाथ हो गए थे.
भारतीय सीमा में पाक आतंकियों की घुसपैठ की साजिश
हाल के महीनों में भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा कई घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करने के बाद पाकिस्तान ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है. अब वह समन्वित और बहु-दिशात्मक घुसपैठ की योजना पर काम कर रहा है, जिससे कुछ आतंकी किसी भी हाल में भारतीय सीमा में प्रवेश कर सकें. भारत में आतंकियों की घुसपैठ के लिए अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का फायदा उठाना चाहता है पाकिस्तान. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और भारत में चल रही राजनीतिक गतिविधियों का फायदा उठाकर इस साजिश को अंजाम देना चाहता है. विशेष रूप से लाइन ऑफ कंट्रोल के पास गतिविधियाँ तेज की गई हैं. हालांकि, भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और सीमा पर निगरानी कड़ी कर दी गई है.