
Lenskart Share Price: आईवियर रिटेलर लेंसकार्ट सॉल्यूशंस के शेयर सोमवार को करीब 5% तक लुढ़क गए. कंपनी को सोशल मीडिया पर कथित ड्रेस कोड पॉलिसी को लेकर लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा है. विवाद उस समय बढ़ा जब एक पुराना ग्रूमिंग डॉक्यूमेंट वायरल हुआ. इसमें धार्मिक प्रतीकों पर कथित रोक की बात कही गई थी. डॉक्यूमेंट में कर्मचारियों के लिए बिंदी, तिलक जैसे धार्मिक चिह्नों पर प्रतिबंध होने का दावा किया गया. इसके बाद सोशल मीडिया पर कंपनी के खिलाफ नाराजगी बढ़ी और बॉयकॉट की मांग उठने लगी.
पीयूष बंसल ने दी सफाई
लेंसकार्ट के संस्थापक और CEO पीयूष बंसल ने सफाई देते हुए कहा कि वायरल दस्तावेज कंपनी की पुरानी और अप्रासंगिक पॉलिसी है. ये मौजूदा नियमों को नहीं दर्शाती. उन्होंने कहा कि हमारी वर्तमान नीति में किसी भी धार्मिक अभिव्यक्ति पर कोई रोक नहीं है. इसमें बिंदी और तिलक भी शामिल हैं.
कंपनी ने मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद लेंसकार्ट ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए नया इन-स्टोर स्टाइल गाइड जारी किया. इसमें कर्मचारियों को धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक पहनने की अनुमति दी गई है. नई पॉलिसी के तहत बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी जैसे प्रतीकों को स्पष्ट रूप से मान्यता दी गई है. कंपनी ने कहा कि अगर हमारी किसी पुरानी नीति से किसी कर्मचारी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो हमें इसका गहरा खेद है.
शेयरों पर असर
हालांकि कंपनी ने सफाई और माफी जारी की, लेकिन विवाद का असर शेयर बाजार में दिखा और सोमवार को लेंसकार्ट के शेयर करीब 5% तक टूट गए.
कमजोर रही थी लिस्टिंग
लेंसकार्ट के शेयरों की बाजार में नवंबर पिछले साल कमजोर शुरुआत हुई थी. कंपनी के शेयर BSE पर IPO प्राइस से करीब 3% डिस्काउंट पर लिस्ट हुए थे. हालांकि, कंपनी का ₹7,278 करोड़ का IPO निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा था और इसे 28 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला था. ये स्टॉक अपनी लिस्टिंग कीमत से अब तक 30% से अधिक बढ़ चुका है. शेयर शुक्रवार के पिछले बंद भाव ₹534.85 के मुकाबले 0.9% गिरकर ₹530 पर खुला था, लेकिन कारोबार के अंत में रिकवरी करते हुए ₹536.20 पर 0.31% बढ़त के साथ बंद हुआ.