
Iran-US War: अमेरिका और ईरान के बीच शांति स्थापित होगी या फिर मिसाइलें गरजेंगी, यह आने वाले कुछ घंटों में साफ हो जाएगा. लेकिन उससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनकी सेना ने ईरान के तमाम परमाणु ठिकाने तबाह कर दिए हैं.
अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर खत्म होने में कुछ ही घंटे बचे हैं. 20 अप्रैल को ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया है. उन्होंने आगे कहा कि मलबे को खोदकर निकालना एक लंबी और कठिन प्रक्रिया होगी.
क्या है ऑपरेशन मिडनाइट हैमर?
‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ का मतलब है, पिछले जून में अमेरिका की सेना की तरफ से ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर B-2 बमवर्षकों और दूसरे संसाधनों का इस्तेमाल करके किया गया हमला. ट्रंप ने बार-बार यह दावा किया है कि इस ऑपरेशन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम की मुख्य सुविधाओं को पूरी तरह तबाह कर दिया.
हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। ट्रंप ने ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को ‘परमाणु धूल’ भी बताया है और जोर देकर कहा है कि इसे हटा दिया जाना चाहिए, जबकि ईरान ने इसके जवाब में कहा है कि उसने ऐसा करने पर कभी सहमति नहीं दी थी.
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान उन आठ महिलाओं को रिहा करके अमेरिका के साथ सफल शांति वार्ता की संभावनाओं को बढ़ा सकता है, जिनको मौत की सजा का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने इन महिलाओं की रिहाई को बातचीत के लिए ‘एक बेहतरीन शुरुआत’ बताया है.
व्हाइट हाउस में होंगी और बैठकें
CNN ने बताया, मंगलवार को भी यह साफ नहीं हुआ कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के लिए वॉशिंगटन से कब रवाना होंगे, क्योंकि व्हाइट हाउस ने ईरान वार्ता पर आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए वॉशिंगटन में और बैठकें करने की योजना बनाई थी. CNN ने व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के हवाले से बताया, ‘व्हाइट हाउस में नीति से जुड़ी और बैठकें हो रही हैं, जिनमें उपराष्ट्रपति हिस्सा लेंगे.’
28 जहाजों को यूएस नेवी ने लौटाया वापस
जैसे-जैसे संघर्ष-विराम खत्म होने के करीब आ रहा है, परमाणु ठिकानों को हुए नुकसान की सीमा और यूरेनियम के प्रबंधन का मुद्दा बातचीत में मुख्य विषयों के तौर पर उभरकर सामने आया है. दोनों पक्षों के बीच का अंतर अभी भी काफी ज्यादा है.
दूसरी ओर, ईरान से शांति वार्ता की संभावनाओं के बीच अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा कि जब से ईरानी बंदरगाहों से जहाजों की एंट्री और एग्जिट पर अमेरिका की नाकाबंदी शुरू हुई है, तब से अब तक 28 जहाजों को उलटा लौटाया है या वापस भेजा गया है.