ज्येष्ठ रविवार के दिन करें इन चीजों का दान, अक्षय पुण्य फल की होगी प्राप्ति, सूर्य दोष से भी मिलेगी मुक्ति​

News Just Abhi Jyeshtha Raviwar Daan: हिंदू धर्म में ज्येष्ठ महीने को तप और दानपुण्य के लिए अत्यंत ही पुण्यकारी महीना माना गया है। खासतौर से ज्येष्ठ माह के रविवार को सूर्य की उपासना और दान के लिए सर्वोत्तम माना गया है। इस बर का रविवार का महत्व इसलिए भी कई गुना बढ़ गया है क्योंकि इस बार ज्येष्ठ अधिकमास का दुर्लभ संयोग बना हुआ है। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ रविवार के दिन अपनी क्षमतानुसार ठंडी चीजों का दान करने से न केवल अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही कुंडली में सूर्य देव भी मजबूत होता है। आपको बता दें कि जब कुंडली में सूर्य देव मजबूत होते हैं तब हर काम में सफलता मिलती है और समाज में मानसम्मान में भी बढ़ोतरी मिलती है।

ज्येष्ठ रविवार के दिन करें इन चीजों का दान, अक्षय पुण्य फल की होगी प्राप्ति, सूर्य दोष से भी मिलेगी मुक्ति​
ज्येष्ठ रविवार के दिन करें इन चीजों का दान, अक्षय पुण्य फल की होगी प्राप्ति, सूर्य दोष से भी मिलेगी मुक्ति​

ज्येष्ठ रविवार पर जरूर करें इन चीजों का दान

सत्तु और गुड़ ज्येष्ठ महीने के रविवार के दिन सत्तु और गुड़ का दान करना अच्छा माना जाता है। सत्तू और गुड़ का दान करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और कर्ज से मुक्ति मिलती है।

जल और मिट्टी का घड़ा ज्येष्ठ रविवार के दिन ठंडे जल का दान करना पुण्यकारी माना गया है। रविवार के दिन मिट्टी का घड़ा दान जरूर करें। ऐसा करने से सूर्य देव के साथ ही पितरों का भी आशीर्वाद मिलता है।

पंखा या छाता ज्येष्ठ रविवार के दिन बांस का पंखा या छाता किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को दान करें। यह दान आपके जीवन में आ रही तरक्की की बाधाओं को दूर करता है।

शर्बत या मौसमी फल ज्येष्ठ माह के रविवार के दिन  मीठा पानी, शर्बत, बेल का रस या तरबूजखरबूजा जैसे पानी से भरपूर फल दान करें। इन चीजों का दान करने से भगवान विष्णु और सूर्य देव दोनों प्रसन्न होते हैं।

लाल चंदन और तांबे के बर्तन ज्येष्ठ रविवार को किसी मंदिर में तांबे का लोटा, लाल कपड़ा या लाल चंदन दान करें। इन चीजों का दान करने से सूर्य दोष से मुक्ति मिलती है और नौकरी में आ रही अड़चनें भी दूर हो जाती हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *