दुनिया भर में लोग अब सिगरेट से दूरी बना रहे हैं, जिसका सीधा असर तंबाकू कंपनियों के कारोबार पर पड़ रहा है. इसी गिरती मांग और बदलते बाजार के बीच दुनिया की दिग्गज तंबाकू कंपनी ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको ने एक बड़ा फैसला लिया है. कंपनी अपने कामकाज के तरीकों में बड़े पैमाने पर रीस्ट्रक्चरिंग करने जा रही है, जिसके तहत ग्लोबल स्तर पर लगभग 9,000 कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी. डनहिल जैसी मशहूर सिगरेट बनाने वाली यह कंपनी अब अपनी रणनीति बदल रही है. कंपनी का फोकस अब पारंपरिक सिगरेट की बजाय वेप्स और निकोटीन पाउच जैसे नए विकल्पों पर है.

9000 नौकरियों पर संकट

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में कंपनी के भीतर एक आंतरिक नोटिस जारी किया गया है. इस नोटिस में बताया गया है कि इस साल के अंत तक 5,500 पदों को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा. इसके अलावा 3,500 अन्य पदों का काम बाहर की कंपनियों को सौंपा जाएगा. कंपनी का लक्ष्य साल 2028 के अंत तक सालाना 600 मिलियन पाउंड की बचत करना है.

यह पूरी कवायद निकोटीन बाजार में आ रहे तेजी से बदलावों का नतीजा है. आज का उपभोक्ता पारंपरिक सिगरेट के बजाय धुआंमुक्त विकल्पों की तरफ जा रहा है. ऐसे में BAT खुद को बाजार के हिसाब से ढालने की कोशिश कर रही है. कंपनी ने एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है कि वह अपनी आधी से ज्यादा कमाई वेप्स या निकोटीन पाउच जैसे गैरदहनशील उत्पादों से करेगी. फिलिप मॉरिस इंटरनेशनल जैसी प्रतिद्वंद्वी कंपनियां भी इसी राह पर चल रही हैं.

पहले ही BAT ने अनुमान जताया था कि 2026 तक वैश्विक सिगरेट उद्योग की बिक्री में 2% की गिरावट आएगी. यही वजह है कि सिगरेट की कम होती मांग को देखते हुए तंबाकू कंपनियां अब उन उत्पादों पर भारी निवेश कर रही हैं, जो सिगरेट छोड़ने की चाह रखने वाले वयस्कों के लिए एक विकल्प माने जाते हैं.

कई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स बंद

नौकरियों में यह भारी कटौती केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर कंपनी का काम करने का तरीका पूरी तरह बदल रहा है. यह एक बड़े बदलाव का हिस्सा है, जिसके कारण BAT को पहले ही अपनी कई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स बंद करनी पड़ी हैं. इसी साल जनवरी में अवैध व्यापार के बढ़ते दबाव का हवाला देते हुए कंपनी ने दक्षिण अफ्रीका में अपनी सिगरेट फैक्ट्री पर ताला लगा दिया था.

इसके साथ ही कंपनी अब मैन्युअल काम के बजाय ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा एनालिटिक्स पर अपनी निर्भरता काफी बढ़ा रही है. कंपनी के अंतरिम मुख्य वित्तीय अधिकारी जावेद इकबाल ने फरवरी में ही साफ कर दिया था कि AI के आने से कर्मचारियों की जरूरतें बदलेंगी. उम्मीद है कि 2027 तक इस तकनीक की मदद से ही करीब 500 मिलियन पाउंड की बचत की जा सकेगी.

आउटसोर्सिंग का बढ़ रहा दायरा

लागत कम करने की इस होड़ में BAT ने दुनिया की दिग्गज आईटी फर्म एक्सेंचर के साथ अपनी साझेदारी का विस्तार किया है. इसके तहत ब्रिटेन, सिंगापुर, कोस्टा रिका, मैक्सिको, पोलैंड, रोमानिया, मलेशिया जैसे देशों में सर्विस सेंटर से जुड़े कामकाज अब एक्सेंचर को सौंपे जा रहे हैं. वहीं, पाकिस्तान में भी कुछ ऑपरेशंस स्थानीय टेक्नोलॉजी फर्म सिस्टम्स लिमिटेड को आउटसोर्स किए गए हैं.

कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तादेउ मारोको ने एक बयान में कहा कि इन अहम बदलावों का असर हमारे कई साथियों पर पड़ेगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल दौर में कंपनी प्रभावित कर्मचारियों का पूरा सम्मान करेगी. उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी.