फतेहपुर के तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुन्नू सिंह पर कानून का शिकंजा, 50 लाख से ज्यादा की संपत्ति कुर्क​

News Just Abhi Fatehpur Police: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के चर्चित हथगांव तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुन्नू सिंह के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत उसकी 50 लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति कुर्क कर ली. जिलाधिकारी के आदेश पर पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने आज गांव पहुंचकर संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई पूरी की. इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा.

फतेहपुर के तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुन्नू सिंह पर कानून का शिकंजा, 50 लाख से ज्यादा की संपत्ति कुर्क​

जानकारी के अनुसार, मुन्नू सिंह पर हत्या, जानलेवा हमला, रंगदारी समेत लगभग एक दर्जन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. वह हथगांव क्षेत्र में हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी है. इस हत्याकांड में किसान नेता, उसके भाई और बेटे की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. घटना के बाद पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने मामले में कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी.

गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति कुर्क

प्रशासन के मुताबिक, गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 के तहत अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिह्नित किया गया था. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। जांच के दौरान मुन्नू सिंह की चलअचल संपत्तियों का विवरण जुटाया गया, जिसके बाद जिलाधिकारी की अनुमति से कुर्की की कार्रवाई की गई. कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस, खागा तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और संपत्ति को सरकारी कब्जे में लेने की प्रक्रिया पूरी की.

कुर्की संबंध नोटिस किए गए चस्पा

कुर्क की गई संपत्तियों में भूमि, मकान और अन्य अचल संपत्तियां शामिल बताई जा रही हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है. प्रशासन ने संपत्ति पर कुर्की संबंधी नोटिस भी चस्पा किए हैं. जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से अपराध जगत में हड़कंप मच गया है. अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध और गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी.

अपराध से अर्जित संपत्तियों को किसी भी हालत में बचने नहीं दिया जाएगा. यह पूरा मामला हथगांव थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है, जहां तिहरे हत्याकांड के बाद से लगातार पुलिस और प्रशासन की नजर आरोपियों की गतिविधियों पर बनी हुई थी. अब संपत्ति कुर्क होने के बाद प्रशासन ने अपराधियों को कड़ा संदेश देने का प्रयास किया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है.

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