Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच का दायरा अब बैंकिंग सिस्टम तक पहुंच चुका है। पुलिस इस मामले में SBI के साथ 5 और बैंको को नोटिस जारी किया है। पुलिस ने नोटिस जारी कर खातों, लॉकर और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जानकारी मांगी है। जांच एजेंसिया पैसे से जुड़ी ट्रांजैक्शन को खंगाल रही है।

इन बैंकों को नोटिस जारी
भारतीय स्टेट बैंक
केनरा बैंक
बैंक ऑफ बड़ोदा भी शामिल हैं
कहांकहां हुआ राशि का मूवमेंट
पुलिस ने इन बैंकों से ट्रस्ट से जुड़े खातों, लॉकर और संदिग्ध ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड मांगा है। इसके जरिए जांच एजेंसियों को दान राशि में कहांकहां हेरफेर हुई। कहीं इसमें बड़े लोगों तो शामिल नहीं। ऐसा माना जा रहा है संदिग्ध ट्रांजैक्शन के पता लगने से कई अहम खुलासे हो सकते हैं। पुलिस मामले में बैंक कर्मचारियों और कैश हैंडलिंग में शामिल स्टाफ की भूमिका की भी जांच में जुटी है।
जांच में किस पर फोकस
पुलिस का फोकस दान में गिनती, उसकी सुरक्षा और बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया में किस स्तर तक लापरवाही या मिलीभगत हुई है। SBI से जुड़े दो कर्मचारी रत्नेश औऱ गगनदीप भी जांच के दायरे में हैं। दोनों बैंक के पेरोल पर काम करते हैं, इनके नीचे 6 आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी आरोपियों की पेशी
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपियों की सोमवार को अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी कराई जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कारणों को देखते हुए आरोपियों को कोर्ट में शारीरिक रूप से पेश करने के बजाय वर्चुअल माध्यम से पेश किया जाएगा। इधर, इस मामले में फैजाबाद बार एसोसिएशन ने बड़ा फैसला लेते हुए आरोपियों की पैरवी नहीं करने का ऐलान किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष कालका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर में दान चोरी जैसे गंभीर मामले में कोई भी अधिवक्ता आरोपियों का पक्ष नहीं लेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई वकील एसोसिएशन के फैसले के बावजूद आरोपियों की पैरवी करता है, तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए बार एसोसिएशन की सदस्यता और लाइसेंस रद्द करने की संस्तुति भी की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार
राम मंदिर चढ़ावा मामले में दायर याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल स्वीकार नहीं किया। शीर्ष अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए पूछा, इतनी जल्दबाजी क्यों? इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता की तत्काल सुनवाई की मांग खारिज कर दी।वहीं, इस मामले से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की प्रक्रिया अलग से जारी है।
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— Bansal News Official June 29, 2026
चंपत राय दिल्ली रवाना, 11 जुलाई की बैठक पर टिकी निगाहें
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा देने के बाद चंपत राय रविवार शाम अयोध्या से दिल्ली रवाना हो गए। सूत्रों के मुताबिक वे 11 जुलाई को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक में शामिल हो सकते हैं। इसी बैठक में उनके इस्तीफे पर अंतिम फैसला लिया जाना है। चंपत राय ने शुक्रवार को अपना इस्तीफा सौंपा था। हालांकि ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि इस्तीफे को स्वीकार करने या उस पर निर्णय लेने का अधिकार ट्रस्ट की बैठक में ही होगा।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का नया CCTV आया सामने
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी का नया सीसीटीवी आया सामने, आरोपी अविनाश शुक्ला के हाथ में दिखा नोटों से भरा काला बैग !
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए चढ़ावे की चोरी के मामले में रोज़ नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए 5… pic.twitter.com/Gs9PnVdce3
— Bansal News Official June 29, 2026
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए चढ़ावे की चोरी के मामले में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए 5 जून के एक नए सीसीटीवी फुटेज में मुख्य आरोपियों में से एक अविनाश शुक्ला, पुलिस और बैंक कर्मियों के साथ एक सफेद कार की ओर जाता दिखाई दे रहा है, जिसके हाथ में एक काला बैग साफ नजर आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इसी काले बैग में चोरी की करीब 5 लाख रुपये की नकदी थी जिसे पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने से पहले ही शुरुआती कार्रवाई में बरामद कर लिया था। इस बीच, मामले की गंभीरता को देखते हुए अयोध्या पुलिस और जिला प्रशासन की टीमों ने एक साथ सभी 7 आरोपियों के घरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। करीब ढाई घंटे तक चली इस सघन तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के घरों से कई कीमती जेवरात और प्रॉपर्टी से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनका अब बारीकी से सत्यापन किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं ये संपत्तियां मंदिर के चढ़ावे की चोरी के पैसों से तो नहीं खरीदी गई थीं।
RSS भी कर रहा पूरे मामले की समीक्षा
सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। संघ प्रमुख मोहन भागवत के निर्देश पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार अयोध्या पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि वे साधुसंतों, महंतों और मंदिर से जुड़े प्रमुख लोगों से लगातार मुलाकात कर फीडबैक ले रहे हैं।
ट्रस्ट के पुनर्गठन की चर्चा
सूत्रों का कहना है कि राम मंदिर ट्रस्ट में नई व्यवस्था लागू करने पर भी विचार चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद ट्रस्ट के पुनर्गठन को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। चर्चा है कि नई व्यवस्था में अयोध्या के संतों और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों को भी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
CBI जांच और CAG ऑडिट की मांग
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी को लेकर दायर जनहित याचिकाओं में कई महत्वपूर्ण मांगें की गई हैं। इनमें मामले की CBI जांच, उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग का गठन और चढ़ावे के हिसाबकिताब का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक से ऑडिट कराने की मांग शामिल है।
इस्तीफे पर सवाल भी उठ रहे
चढ़ावा मामले के सामने आने के बाद ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। दोनों ने इस्तीफा तो दे दिया है, लेकिन उस पर फैसला 11 जुलाई की बैठक तक टाल दिया गया है। इसी को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं कि जब मामला इतना गंभीर है तो इस्तीफे पर तत्काल निर्णय लेने के बजाय बैठक का इंतजार क्यों किया जा रहा है। हालांकि ट्रस्ट का कहना है कि नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में अंतिम फैसला ट्रस्ट की बैठक में ही लिया जाता है।
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क्या है पूरा मामला?
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया। इसके बाद ट्रस्ट के दो प्रमुख पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया। अब पूरे मामले की जांच, न्यायिक प्रक्रिया और ट्रस्ट में संभावित बदलावों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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