लगातार कई दिनों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार वापसी देखने को मिली. सेंसेक्स करीब 500 अंक चढ़कर 77,468 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 भी 100 से ज्यादा अंक मजबूत होकर 24,200 के ऊपर कारोबार करता नजर आया. बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों को राहत दी है.

इससे पहले निफ्टी लगातार 7 कारोबारी सत्रों में गिरा था. वहीं सेंसेक्स भी लगातार चार सत्रों की गिरावट का सामना कर रहा था. ऐसे में गुरुवार की तेजी को बाजार में शॉर्ट कवरिंग और बेहतर वैश्विक संकेतों से जोड़कर देखा जा रहा है. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली. निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 दोनों में आधे फीसदी से ज्यादा की तेजी रही.

सेंसेक्स के शेयरों में तेजी

सेंसेक्स के सभी 30 शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे. Infosys, IndiGo, TCS, Bajaj Finance और Tech Mahindra प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में रहे और इनमें करीब 12% तक की तेजी दिखी. Power Grid, BEL, SBI, Bharti Airtel, ITC, HDFC Bank, Reliance Industries और HCL Tech में भी लगभग 1% तक की मजबूती रही.

अब सवाल है कि आखिर बाजार में अचानक तेजी क्यों आई? इसके पीछे 5 बड़े कारण माने जा रहे हैं।

1. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट

अमेरिका में लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की यील्ड में गिरावट बाजार के लिए सकारात्मक संकेत बनी. अमेरिकी ट्रेजरी ने लंबी अवधि के बॉन्ड की बायबैक राशि बढ़ाने का फैसला किया है. इसका असर बॉन्ड यील्ड पर पड़ा. अमेरिका की 10 साल की बॉन्ड यील्ड घटकर करीब 4.637% और 30 साल की यील्ड 5.181% रही. बॉन्ड यील्ड में गिरावट से शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले निवेश विकल्पों के लिए माहौल बेहतर हो सकता है.

2. रुपये में मजबूती

गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 17 पैसे मजबूत होकर 95.56 के स्तर पर पहुंच गया. डॉलर में कमजोरी से रुपये को सहारा मिला. हालांकि, कच्चे तेल की कीमत 92 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई है. महंगा तेल रुपये की मजबूती को सीमित कर सकता है.

3. शॉर्ट कवरिंग से बाजार को सहारा

लगातार सात दिन की गिरावट के बाद बाजार में शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली. निफ्टी पिछले सात सत्रों में 2% से ज्यादा टूट चुका था और यह करीब 11 महीने की सबसे लंबी गिरावट थी. ऐसे में जिन ट्रेडर्स ने बाजार में गिरावट की उम्मीद में शॉर्ट पोजिशन बनाई थी, उन्होंने मुनाफा बुक करने या नुकसान सीमित करने के लिए खरीदारी की. इससे बाजार को तेजी मिली.

4. विदेशी निवेशकों की खरीदारी

विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII भी बाजार में खरीदारी कर रहे हैं. NSE के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने बुधवार को करीब ₹408 करोड़ के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की. इससे पहले वाले कारोबारी सत्र में भी FII ने करीब ₹2,573 करोड़ की खरीदारी की थी. विदेशी निवेशकों की यह खरीदारी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है.

5. ग्लोबल बाजारों से अच्छे संकेत

भारतीय बाजार को दूसरे एशियाई बाजारों से भी सपोर्ट मिला. दक्षिण कोरिया का Kospi 6% से ज्यादा चढ़ा. जापान का Nikkei और हांगकांग का Hang Seng भी 1% से ज्यादा मजबूत रहे. अमेरिकी बाजार में भी पिछले सत्र में तेजी रही थी. टेक शेयरों वाला Nasdaq करीब 0.16% बढ़कर बंद हुआ. इन संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा.

आगे बाजार की दिशा क्या होगी?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा तेजी को अभी पूरी तरह ट्रेंड बदलने का संकेत नहीं माना जा सकता. निफ्टी के लिए 24,300 का स्तर काफी अहम है. अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकता है तो 24,450 की ओर बढ़ने की संभावना बन सकती है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। वहीं, नीचे की तरफ 24,000 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है. अगर निफ्टी 24,000 के नीचे जाता है तो 23,800 तक गिरावट का जोखिम बढ़ सकता है.