इस बार 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, इस दौरान कुंभ राशि में चंद्रमा के साथ राहु की युति बनेंगी, जबकि इसके ठीक अगले राशि मीन में शनि देव विराजमान है। इसलिए चंद्रमा पर राहु और शनि, दोनों ग्रहों का प्रभाव पड़ने की स्थिति बनेगी।
ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक स्थिति का कारक माना गया है। वहीं, राहु के प्रभाव से भ्रम और बेचैनी बढ़ सकती है, बल्कि शनि भावनात्मक दबाव और कार्यों में देरी का संकेत देता है।
वैसे यह समय कुछ राशियों के लिए ठीक नहीं है। इस दौरान उन्होंने काफी सावधानी बरतनी है।
सिंह राशि
सिंह राशि के लोगों के लिए यह ग्रहण की स्थिति रिश्तों और साझेदारी से जुड़े मामलों में चुनौतीपूर्ण हो सकती है। पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर मतभेद या गलतफहमी पैदा होने की आशंका है। बिजनेस में पार्टनरशिप में जल्दबाजी से फैसला लेने से बचें। किसी बड़े निवेश या आर्थिक लेनदेन को फिलहाल टालना आपके लिए बेहतर हो सकता है। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। भावनाओं में आकर कोई महत्वूर्ण निर्णय न लें और इसलिए हर मामले में दूसरे पक्ष की बात जरुर सुनें।
कुंभ राशि
यह चंद्र ग्रहण कुंभ राशि में लगने जा रहा है, राहु और चंद्रमा की युति बनने के कारण इस राशि के लोगों को मानसिक स्तर पर अधिक सतर्क रहने की जरुरत है। मन में असमंजस और बेचैनी बनीं रह सकती है, जिसकी वजह से निर्णय लेने में परेशानी हो सकती है। कई बार आप खुद को दूसरों से भावनात्मक रुप से दूर भी महसूस कर सकते हैं। रिलेशनशिप, संतान और शिक्षा से जुड़े मामलों में धैर्य बनाए रखने का समय है। किसी भी निष्कर्ष पर आने से पहले परिस्थितियों को अच्छे से समझना आपके लिए काफी फायदेमंद रहने वाला है।
मीन राशि
मीन राशि में शनि विराजमान है और इससे पिछली राशि कुंभ में राहुचंद्रमा की युति के प्रभाव से इस राशि के जातकों पर असर देखने को मिलेगा। वर्कप्लेस पर तनाव और जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ने की संभावना है। कार्य के दौरान छोटीछोटी बातों के लेकर चिंता बनीं रहेगी। हेल्थ के मामले में लापरवाही जरा भी न बरतें। नींद प्रभावित हो सकती है और बेवजह की चिंताएं मन को परेशान कर सकती हैं। खुद को आराम दें और पर्याप्त नींद जरुर लें।
नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए ज्योतिषीय उपाय
  ग्रहण वाले दिन भगवान शिव का ध्यान करें और पूजन करें। श्रद्धानुसार ‘ॐ नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
  मन को स्थिर और शांत रखने के लिए  ‘ॐ सोमाय नमः’ मंत्र का जाप कर सकते हैं।
  ग्रहण समाप्त होने के बाद अपने सामार्थ्य के अनुसार सफेद वस्तुओं का दान जरुरतमंद व्यक्ति को करें।
  शिवलिंग पर जल में थोड़ा कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें और भगवान शिव से मानसिक शांति की प्रार्थना करें।