नई दिल्ली: एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय खिलाड़ियों के चयन को लेकर उठ रहे सवालों और कथित दबाव के बीच खेल मंत्रालय ने अपना रुख साफ कर दिया है। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने संकेत दिया है कि तय चयन मानदंडों में सिर्फ दबाव के आधार पर ढील नहीं दी जाएगी।

खेल मंत्रालय का कहना है कि एशियन गेम्स जैसे बड़े बहुखेल आयोजन में उन्हीं खिलाड़ियों और टीमों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके पास पदक जीतने की वास्तविक संभावना है। मंत्रालय ने सितंबर 2025 में चयन के लिए विस्तृत और पारदर्शी मानदंड जारी किए थे।
मौजूदा विवाद ऐसे समय सामने आया है जब कुछ खिलाड़ियों और उनके समर्थकों की ओर से चयन नियमों में राहत की मांग की जा रही है। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। हालांकि, मंत्रालय का स्पष्ट संदेश है कि पहले से घोषित मानकों को नजरअंदाज कर केवल दबाव के कारण टीम में जगह नहीं दी जाएगी।
खेल मंत्रालय के मानदंडों के अनुसार व्यक्तिगत स्पर्धाओं में प्रदर्शन और एशियाई देशों के बीच रैंकिंग को अहम आधार बनाया गया है, जबकि टीम स्पर्धाओं के लिए भी निर्धारित प्रदर्शन स्तर तय हैं। नियमों में विशेष परिस्थितियों के लिए सीमित राहत का प्रावधान जरूर है, लेकिन उसका फैसला विशेषज्ञों और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की राय सहित उचित कारणों के आधार पर किया जाना है।
मांडविया पहले भी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और खिलाड़ियों के साथ न्याय पर जोर दे चुके हैं। सरकार का मानना है कि स्पष्ट और समान नियमों से चयन प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष बनेगी और एशियन गेम्स में भारत की पदक संभावनाओं को मजबूत करने पर फोकस रहेगा।
गौरतलब है कि एशियन गेम्स 2026 जापान के आइचीनागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित होने हैं।



