Ankit Baliyan Murder: शामली के चर्चित हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या के बाद उनकी जिंदगी से जुड़े कई पहलू पुलिस जांच के दायरे में आ गए हैं. बंतीखेड़ा गांव से निकलकर हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में पहचान बनाने वाले 32 वर्षीय अंकित ने कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई थी. उनके कई गाने गैंगस्टर, हथियार, जेल और दबंगई जैसी थीम पर आधारित थे. इन गानों ने उन्हें खूब लोकप्रियता दिलाई, लेकिन अब उनकी हत्या के बाद यही गाने जांच में सवाल बनकर सामने आ रहे हैं.

पुलिस अंकित के पुराने विवादों, सोशल मीडिया गतिविधियों, मोबाइल रिकॉर्ड और संपर्कों की पड़ताल कर रही है. जांच में पुरानी रंजिश, रंगदारी, आपसी विवाद, सुपारी और गैंग कनेक्शन समेत कई एंगल शामिल किए गए हैं. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि उनकी हत्या की वजह इनमें से कौन सा एंगल है?

इन 5 गानों से मिली अंकित को पहचान

अंकित बालियान ने कई गाने किए, लेकिन गैंगस्टर और गन कल्चर वाली थीम के कारण उनके कुछ गाने खास तौर पर चर्चा में रहे…

  • भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान यह अंकित के सबसे चर्चित गानों में शामिल रहा. 15 फरवरी 2023 को रिलीज हुए इस गाने में कोर्ट, गोली और गैंगवार जैसी थीम दिखाई गई थी. इस गाने ने अंकित को हरियाणवी म्यूजिक की दुनिया में बड़ी पहचान दिलाई. हत्या के बाद यह गाना एक बार फिर चर्चा में है.
  • एक खटोला जेल के भीतर यह गाना जेल और अपराध की दुनिया की पृष्ठभूमि पर तैयार किया गया था. अंकित के चर्चित ट्रैक में इसकी भी गिनती होती है.
  • गोली के बारूद हथियार और फायरिंग की थीम पर बने इस गाने ने अंकित की गनकल्चर वाली छवि को और मजबूत किया. हत्या के बाद पुलिस इस पहलू को भी नजरअंदाज नहीं कर रही है.
  • रिफलें अंकित के चर्चित गानों में शामिल रिफलें में भी हथियार और दबंगई की थीम देखने को मिली. पुलिस उनके गानों से जुड़े विवादों की भी जानकारी जुटा रही है.
  • सिस्टम सिस्टम भी अंकित के चर्चित गानों में शामिल रहा. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इसमें सिस्टम, दबदबे और अपराध की दुनिया जैसी थीम दिखाई गई थी.

हत्या से एक घंटे पहले सोशल मीडिया पर थे एक्टिव

अंकित की हत्या से पहले की उनकी सोशल मीडिया गतिविधियां भी पुलिस के लिए अहम हैं. बताया जा रहा है कि वारदात से करीब एक घंटे पहले तक वह सोशल मीडिया पर एक्टिव थे. शाम करीब छह बजे उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया था. वीडियो में अंकित कार में बैठकर गाना गाते दिखाई दे रहे हैं. अभी यह साफ नहीं है कि उन्होंने यह वीडियो अपने गाने के प्रमोशन के लिए पोस्ट किया था या इसके जरिए किसी को कोई संदेश देना चाहते थे.

जिम के बाहर गोलियों से छलनी कर दिया

सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने के कुछ ही देर बाद शामली में अंकित पर हमला हो गया. जिम के बाहर हमलावरों ने उन पर कई राउंड फायरिंग की और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए. घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज में कुछ संदिग्ध बाइक से जाते हुए दिखाई दिए हैं. पुलिस अब CCTV फुटेज के जरिए इन संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश कर रही है. हत्यारों तक पहुंचने के लिए पुलिस की कई टीमें हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दबिश दे रही हैं.

कौन थे अंकित बालियान?

अंकित शामली के बंतीखेड़ा गांव के रहने वाले थे. अंकित ने हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर के तौर पर अपनी पहचान बनाई थी. उनके पिता सतबीर बालियान रिटायर्ड फौजी हैं, जबकि मां अमरेश देवी गृहिणी हैं. अंकित दो भाइयों में बड़े थे और शादीशुदा थे. म्यूजिक के काम की वजह से उन्हें शामली के अलावा हरियाणा के कई इलाकों में पहचान मिली थी. उनका सोनीपत से भी जुड़ाव रहा और काम के सिलसिले में रोहतक व हरियाणा के दूसरे इलाकों में उनका आनाजाना था.

6 महीने पहले सिंगर से हुआ था विवाद

हत्या की जांच के दौरान पुलिस को करीब छह महीने पहले रोहतक में अंकित की एक अन्य सिंगर के साथ हुई कहासुनी की जानकारी मिली है. बताया जा रहा है कि इस विवाद के बाद अंकित ने रोहतक में रहना कम कर दिया था और बंतीखेड़ा में ज्यादा समय बिताने लगे थे. हालांकि म्यूजिक और शूटिंग के सिलसिले में उनका रोहतक और आसपास के इलाकों में आनाजाना जारी रहा. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि करीब छह महीने पहले हुआ यह विवाद हत्या से किसी तरह जुड़ा था या नहीं.

2023 का रोड शो भी जांच के दायरे में

वर्ष 2023 में अंकित बालियान का शामली में रोड शो भी चर्चा में रहा था. रोड शो को लेकर उनके खिलाफ FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. पुलिस अब अंकित के पुराने विवादों और मामलों की जानकारी भी जुटा रही है. जांच अधिकारियों की कोशिश है कि अंकित की पुरानी गतिविधियों और विवादों को जोड़कर यह पता लगाया जाए कि हाल के दिनों में उनका किसी व्यक्ति या गिरोह से कोई विवाद तो नहीं चल रहा था.

गोगी गैंग के नाम से पोस्ट ने बढ़ाया सस्पेंस

अंकित की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर गोगी गैंग से जुड़े होने का दावा करने वाले भोलू शाहपुरिया के अकाउंट से एक पोस्ट सामने आई. इस पोस्ट में अंकित की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया. पोस्ट में अंकित के गानों और गैंग से जुड़ी नाराजगी का भी जिक्र किया गया. हालांकि इस पोस्ट की प्रामाणिकता की अभी पुलिस जांच कर रही है. इसलिए सोशल मीडिया पर सामने आई इस पोस्ट को फिलहाल हत्या की जिम्मेदारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं माना जा सकता.

धमकियों की बात भी आई सामने

जांच के दौरान अंकित को पहले धमकियां मिलने की बात भी सामने आई है. पुलिस अब उनके मोबाइल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों, पुराने संपर्कों और पिछले कुछ महीनों की गतिविधियों को खंगाल रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या से पहले अंकित किन लोगों के संपर्क में थे, किससे उनकी बातचीत हुई थी और वारदात वाले दिन उनसे कौनकौन मिला था.

गानों को लेकर उठ रहे कई सवाल

अंकित के गैंगस्टर और गन थीम वाले गानों ने उन्हें शोहरत जरूर दिलाई, लेकिन हत्या के बाद इन्हीं गानों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. खासकर भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान गाने को लेकर सोशल मीडिया पर तरहतरह के दावे किए जा रहे हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी व्यक्ति या गिरोह को अंकित के किसी गाने से आपत्ति थी. हालांकि अभी तक ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि गानों की वजह से ही अंकित की हत्या हुई.

कई एंगल पर जांच कर रही पुलिस

अंकित हत्याकांड में पुलिस कई संभावित एंगल पर जांच कर रही है. इनमें पुरानी रंजिश, रंगदारी, आपसी विवाद, सुपारी और गैंग कनेक्शन प्रमुख हैं. इसके अलावा रोहतक में हुआ पुराना विवाद भी जांच का हिस्सा है. पुलिस CCTV फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया पोस्ट और अंकित के पुराने संपर्कों के आधार पर हत्यारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि अंकित की हत्या के पीछे असली वजह क्या थी और हमलावरों ने उन्हें क्यों निशाना बनाया.

पोस्टमार्टम के बाद गांव में होगा अंतिम संस्कार

अंकित के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल ने किया. पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई है. इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है. कुछ देर बाद अंकित का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बंतीखेड़ा में किया जाएगा. उधर, हत्यारों की तलाश में पुलिस की कई टीमें हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दबिश दे रही हैं. पुलिस को उम्मीद है कि CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जल्द ही हमलावरों की पहचान हो सकेगी.