शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए पैसिव इनकम का सबसे अच्छा जरिया डिविडेंड होता है. अगर कोई कंपनी मल्टीबैगर रिटर्न देने के साथ तगड़ा डिविडेंड भी दे, तो निवेशकों की खुशी दोगुनी हो जाती है. ऑटोमोबाइल सेक्टर की जानीमानी कंपनी फोर्स मोटर्स ने अपने शेयरधारकों को ऐसी ही एक बड़ी खुशखबरी दी है. कंपनी ने वित्त वर्ष 202526 के लिए 50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने का ऐलान किया है.

डिविडेंड की अहम तारीखें
इस बंपर डिविडेंड का फायदा उठाने के लिए निवेशकों को कुछ जरूरी तारीखें याद रखनी होंगी. कंपनी ने 9 सितंबर को रिकॉर्ड डेट तय किया है. इसका सीधा मतलब ये है कि 9 सितंबर तक जिन लोगों के नाम कंपनी के रजिस्टर या डिपॉजिटरी में दर्ज होंगे, उन्हें ही 50 रुपये प्रति शेयर का फायदा मिलेगा. बताते चलें कि इस डिविडेंड की घोषणा इसी साल अप्रैल महीने में कर दी गई थी. आगामी 16 सितंबर को होने वाली कंपनी की सालाना आम बैठक में इस फाइनल डिविडेंड पर शेयरधारकों की मुहर लगेगी. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। मंजूरी मिलने के 30 दिनों के भीतर निवेशकों के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए जाएंगे. कंपनी के शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये है. पिछले वित्त वर्ष 2025 में भी कंपनी ने 40 रुपये का शानदार डिविडेंड दिया था.
शेयर बाजार में कंपनी का प्रदर्शन
फोर्स मोटर्स ने शेयर बाजार में अपने निवेशकों को निराश नहीं किया है. 31 अगस्त को बीएसई पर ये शेयर 17,550 रुपये के स्तर पर बंद हुआ. कंपनी का मार्केट कैप 22,800 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है. शेयर बाजार में इस स्टॉक का 52 हफ्तों का हाई 26,485.95 रुपये रहा है. जबकि इसका निचला स्तर 14,911.45 रुपये दर्ज किया गया. बीते कुछ समय में मुनाफावसूली के चलते 6 महीने के भीतर शेयर में 28 प्रतिशत की गिरावट जरूर आई है. लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ये स्टॉक एक मल्टीबैगर साबित हुआ है.
निवेशकों का पैसा हुआ डबल
लंबी अवधि के रिटर्न की बात करें तो फोर्स मोटर्स ने शानदार आंकड़े पेश किए हैं. महज 2 साल में ही इस शेयर ने निवेशकों का पैसा दोगुना कर दिया है. पिछले 3 सालों में इसकी कीमत 411 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है. वहीं 5 साल के लंबे नजरिए से देखें तो स्टॉक ने 1100 प्रतिशत से ज्यादा की उड़ान भरी है. जून 2026 के अंत तक कंपनी में प्रमोटर्स की 61.63 प्रतिशत हिस्सेदारी बरकरार थी. ये आंकड़े दिखाते हैं कि मैनेजमेंट को अपने बिजनेस पर पूरा भरोसा है.
कैसी है कंपनी की माली हालत
किसी भी कंपनी के लिए अच्छा डिविडेंड देना तभी संभव है जब उसकी कमाई शानदार हो. अप्रैल से जून 2026 की पहली तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर कंपनी का रेवेन्यू 2,439.89 करोड़ रुपये रहा. इस दौरान शुद्ध मुनाफा 212 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. पूरे वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 9,056.54 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा. इस अवधि में कंपनी ने 1,211.26 करोड़ रुपये का बड़ा शुद्ध मुनाफा कमाया. तगड़े मुनाफे के दम पर ही कंपनी लगातार अपने निवेशकों को मोटा डिविडेंड बांट रही है.



